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कबीरा

कबीरा एक प्रकार के निर्गुण लोकगीत हैं जिनमें संत कबीर की छाप मिलती है। अनेक कबीरा वैसे भी हैं जिनमें 'कहत कबीर सुनो भाई साधो' जैसे पद सीधे सम्मिलित कर लिये गये हैं।

कबीरा संत कबीर की रचनाएं नहीं होतीं बल्कि ये अन्य लोगों की रचनाएं हैं जो कबीर की वाणी से प्रभावित हैं।

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कमल छन्द, कमला छन्द, करखा, करभ, करहा, करुण गीति


Page last modified on Monday June 26, 2023 08:40:47 GMT-0000