कालमुख
कालमुख एक शैव सम्प्रदाय है। इसे कुछ लोग कापालिकों का एक कट्टरपन्थी उपसम्प्रदाय मानते हैं। ये वासवसिद्धान्ती भी कहे जाते हैं। मैसूर में मिले 1117 के एक शिलालेख में इनका वर्णन लाकुलों (लाकुलीश पाशुपतों) की एक शाखा के रूप में किया गया है।इस सम्प्रदाय के शैव साधक कृष्णवर्ण, नीलकण्ठ, मुंडमालाधारी शिव की उपासना करते हैं तथा अपने मुख को शिव के रंग के अनुरूप काला करके रखते हैं। इनके छह अघोर आचरण हैं - कपाल भोजन, भस्म लेपन, चिता भस्म सेवन, दण्ड धारण, सुरापात्र धारण, तथा सुरापात्र में भैरव पूजन।
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