खप्पर
खप्पर का अर्थ है खपड़ा या खपरा। यह मिट्टी का बना होता है तथा भारत में घर के छाजन के रूप में इसका पारम्परिक रूप से उपयोग किया जाता है। मिट्टी के घड़े के टुकड़े को भी खप्पर कहा जाता है।भारत में खप्पधारी योगी पहले घड़े के इसी टुकड़े या अर्धखण्ड को साथ लेकर चलते थे, जो उनका भिक्षापात्र भी होता था तथा उसी में वे भोजन भी कर लेते थे। परन्तु अब यह खप्पर दरियाई नारियल का बनता है। अनेक योगियों के पास कांसे का खप्पर भी होता है।
आसपास के पृष्ठ
खसम, खेचरी, ख्याल, गंगटोक, गजल, गणिका