पहेली
पहेली एक प्रकार का प्रश्न है जिसमें उसका उत्तर अन्तर्निहित होता है। प्रश्नकर्ता संकेतों में कुछ बोलता है जिनमें उत्तर छिपा होता है। उत्तरदाता को सही उत्तर देना होता है। उदाहरण के लिए, अमीर खुसरो की पहेली है -एक थाल मोती से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा।
चारों ओर वह थाली फिरे, मोती उससे एक न गिरे।
उत्तर है आसमान और तारे।
पहेली का प्रचलन अलग-अलग नामों से सारे संसार में प्राचीन काल से ही है। लोग बच्चों के मनोरंजन या ज्ञान वर्धन के लिए पहेलियां पूछते हैं, परन्तु यह यहीं तक सीमित नहीं है।
संस्कृत में पहेली को ब्रह्मोदय कहा जाता है। भारत में वैदिक काल में ब्रह्मोदय का चलन था। अश्वमेध यज्ञ में ब्रह्मोदय भी उसका एक भाग है। अश्व की बलि से पूर्व ब्राह्मण ब्रह्मोदय पूछते थे।
भारत की अनेक जातियों और जनजातियों में बारातियों और शरातियों के बीच पहेली पूछने की परम्परा रही है, जो अब लुप्त होती जा रही है। ब्राह्मणों के यहां जब बारात गांव की सीमा पर पहुंचता था तो वहीं गांव के लोग बारातियों से पहेली पूछते थे। मण्डला के गोंड और प्रधान, तथा बिरहोर जनजातियों में भी विवाह के अनुष्ठान में पहेलियां पूछी जाती रही हैं।
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