Skip to main content

वैदिकाचार

वेद विहित कर्मों के अनुसार आचरण करने को वैदिकाचार कहते हैं।

यदि संक्षेप में कहा जाये तो इसके अनुसार यज्ञ-याग आदि कर्म करना, ऋतुकाल के अतिरिक्त पत्नी के साथ सहगमन न करना, पर्व के समय मत्स्य मांस न खाना तथा रात्रि में देव उपासना आवश्यक माना जाता है।

निकटवर्ती पृष्ठ
वैधर्म्य, वैराग्य, वैष्णवाचार, व्यंग्य, व्याख्यात्मक आलोचना

Page last modified on Tuesday September 8, 2026 15:50:43 UTC