मायावती का यह निर्णय राहुल गांधी द्वारा की गई पद यात्रा की पृष्ठभूमि में किया गया है। कुछ ही दिन पहले राहुल गांधी ने भट्ठा पारसौल से अलीगढ़ तक की पदयात्रा की थीख् जिसे बहुत मीडिया कवरेज मिला था और जिसमें बहुत लोगों ने हिस्सा लिया था। अपनी पद यात्रा के दौरान श्री गांधी ने किसानों और जमीन अधिग्रहण के मसले पर राज्य सरकार की भारी आलोचना की थी।
मायावती इस बात को लेकर भी सतर्क हैं कि कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति आयोग का इस्तेमाल भी उनके खिलाफ कर रही है। गौरतलब है कि आयोग राज्य में दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर खूब हो हल्ला कर रहा है।
मुख्यमंत्री की नजर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी द्वारा मुसलमानों को अपनी ओर आकर्षित करने के पैंतरों पर भी है। गौरतलब है कि राज्य में मुसलमानों की आबादी साढ़े 18 फीसदी है और वे 200 सीटों के नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
पिछले दिनों दो चीफ मेडिकल अफसर और एक डिपुटी चीफ मेडिकल अफसर की हत्या के मामले सामने आए। इन हत्याओं के साथ साथ नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में हजारों करोड़ों रुपए की लूट की खबरें भी सामने आईं। इनके कारण मायावती सरकार की छवि को गहरा धक्का लगा है।
ऐसे माहौल मे मुख्यमंत्री ने लखनऊ में पार्टी के सांसदों, विधायकों, और वरिष्ठ पार्टी नेताओं की बैठक 28 जुलाई को लखनऊ में की। बैठक में मायावती ने अपनी पार्टी के सांसदों को कहा कि वे संसद में यूपीए सरकार और खासकर कांग्रेस के खिलाफ जमकर हमला बोलें। उन्हें जमीन अधिग्रहण कानून, भ्रष्टाचार, डीजल और किरासिन तेल की कीमतों मे वृद्धि और जन लोकपाल बिल को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला बोलने के लिए कहा गया है। मायावती ने सांसदों को यह भी स्पष्ट किया कि इस चुनावी साल मे ंउनकी पार्टी न तो यूपीए के साथ और न ही एनडीए के साथ दिखाई पड़नी चाहिए।
मुख्यमंत्री पे अपनी पार्टी के सांसदों और विधायकों को आगाह किया कि विपक्षी पार्टियां बोगस आरोपों के द्वारा उनकी सरकार की छवि को खराब कर रही हैं। इसलिए उनका फर्ज बनता है कि वे उन आरोपों का खंडन करें और जनता को उनके खिलाफ जागरूक करें। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को यह भी कहा कि राज्य में कांग्रेस का सफाया हो चुका है और राहुल गांधी का कार्यक्रम सुपर फ्लाप रहा है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की पदयात्रा जैसी गतिविधियों से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को हतोत्साह नहीं होना चाहिए और अगले चुनाव में पार्टी के लिए 250 सीटें हासिल करने का लक्ष्य पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों को कहा कि अगस्त में होने वाले विधानसभा के सत्र के दौरान वे पूरी तरह तैयार होकर सदन में आएं। उन्होंने मंत्रियों को खास रूप से तैयार रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि बदनाम विधायकों को पार्टी का टिकट नहीं दिया जाएगा। उनके अलावा अन्य सभी विधायकों को दुबारा टिकट दिए जाने की उन्होंने घोषणा कर डाली। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विधायकों को दुबारा टिकट नहीं मिलेगा, उन्हें कहीं और किसी अन्य रूप में एडजस्ट कर दिया जाएगा।
मुसलमानों को खुश करने के लिए उन्होंने मोआलिम ए उर्दू की डिग्री रखने वालों को उर्दू शिक्षक के रूप मे नियुक्त करने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए भी सावित्री बाई फूले शिक्षा मदद योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। राजनैतिक पंडितों का मानना है कि मायावती सरकार के इन कदमों से पार्टी को मुसलमानों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने का मौका मिलेगा। (संवाद)
मायावती ने भी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसी
कांग्रेस ओर समाजवादी पार्टी पर जवाबी हमले की तैयारी
प्रदीप कपूर - 2011-07-29 12:26
लखनऊः बसपा प्रमुख मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए विरोधी पार्टियों के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया है। उनके निशाने पर खासतौर से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी होंगी।