भोपाल प्रवास के दौरान शाह ने भाजपा के 12 शीर्ष नेताओं के साथ चार घंटे तक बैठक की जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद सिंह पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव, कैलाश विजयवर्गीय, शिवप्रकाश और अन्य भाजपा नेता शामिल थे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष भी उस दौरान मौजूद रहे।

पार्टी के सूत्रों ने दावा किया कि 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा हारी गयी सीटों पर विस्तृत चर्चा हुई। इन सीटों को वापस जीतने के लिए एक रोडमैप पर काम किया जा रहा है, खासकर आदिवासी इलाकों में जहां पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुल 47 में से 31 सीटें मिली थीं। कुल मिलाकर, भाजपा को 109 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 114, सपा को एक, बसपा को दो और निर्दलीयों को चार सीटें मिलीं। भाजपा को सबसे ज्यादा नुकसान ग्वालियर-चंबल, मालवा-निमाड़ और महाकौशल क्षेत्र में हुआ।

विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले सत्ताधारी दल विजय संकल्प यात्रा निकालेगा। इसकी शुरुआत सितंबर के पहले सप्ताह में उज्जैन से होगी और पूरे प्रदेश में चलेगी। एक सुझाव यह भी दिया गया है कि प्रदेश के चार या पांच शहरों से एक साथ विजय संकल्प यात्राएं शुरू की जायें।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले थे, जो 230 विधानसभा सीटों को छूने वाला एक जन संपर्क कार्यक्रम था। इस बार विजय संकल्प यात्रा होगी और सभी प्रमुख नेताओं को राज्य के विभिन्न हिस्सों में यात्रा का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जायेगी।

सूत्र ने कहा, “पार्टी तय करेगी कि कौन से नेता यात्रा का नेतृत्व करेंगे और किन जिलों में करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि विजय संकल्प यात्रा का नेतृत्व न केवल मुख्यमंत्री चौहान करेंगे, बल्कि नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा और उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों के अन्य नेता भी करेंगे।”

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि अमित शाह ने वरिष्ठ नेताओं से पार्टी के नाखुश सदस्यों को चुनावों में विशिष्ट भूमिकाएं देकर और जल्द ही घोषित होने वाली विभिन्न चुनाव समितियों में शामिल करके उन्हें शांत करने के लिए कहा है। अमित शाह अगले सप्ताह वरिष्ठ नेताओं की इंदौर में एक बैठक को संबोधित करेंगे।

भोपाल में अमित शाह की मौजूदगी के दौरान कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। ऐसा करने के लिए उन्होंने एक महिला नेता का इस्तेमाल किया। महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला नेता शोभा ओझा ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान सरकार महिला-हितैषी शासन होने का दिखावा करती है और कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट से पता चलता है कि मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध प्रदेश में होते हैं।

ओझा ने कहा कि जहां राज्य से सबसे ज्यादा लड़कियां गायब होती हैं, वहीं लड़के भी ऐसी अस्पष्टीकृत गुमशुदगी के शिकार होते हैं। “शिवराज सिंह चौहान सरकार लाडली लक्ष्मी और लाडली बहना जैसी योजनाओं के साथ बड़े-बड़े दावे करती है ताकि यह दिखाया जा सके कि यह महिला हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री अपने भाषणों में 'प्यारे भांजुओं और भांजियों' का भी जिक्र करते हैं लेकिन यह वास्तविकता को छिपाने और राज्य में हो रहे अत्याचारों से ध्यान भटकाने की उनकी कुटिल साजिश है।” ओझा ने आरोप लगाया, ''भाजपा यह बताने में विफल रही है कि एनसीआरबी की हर रिपोर्ट में मध्य प्रदेश महिलाओं, लड़कियों और बच्चों के खिलाफ अपराधों में नंबर एक क्यों बना हुआ है।”

शोभा ओझा ने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, अत्याचार, मारपीट, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस वजह से महिलाओं, लड़कियों और उनके परिवारों में डर का माहौल बना हुआ है।

एनसीआरबी डेटा का हवाला देते हुए उन्होंने तर्क दिया, “इस आंकड़े के अनुसार हमारे राज्य में देश में लड़कियों के लापता होने के सबसे अधिक मामले हैं। लापता व्यक्तियों के दर्ज मामलों में केवल लड़कियाँ ही पीड़ित नहीं हैं। राज्य से बड़ी संख्या में लड़के भी गायब होते हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य बच्चों की सुरक्षा करने में असमर्थ है। मध्य प्रदेश सरकार, उसके मुख्य मंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से अक्षम साबित हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई, 2018 से 30 जून, 2023 तक (जो कि पिछले पांच वर्ष हैं) राज्य में 61,102 बच्चे लापता हुए, जिसमें 49,024 लड़कियां और 12,078 लड़के हैं। (संवाद)