बांग्लादेश निकट भविष्य में चीन से दो फ्रिगेट खरीदने की योजना बना रहा है। इनके साथ उसके बेड़े में फ्रिगेट की कुल संख्या 7 हो जाएगी। उसने अपना पांचवां फ्रिगेट 2001 में ख्रीदा था। उस समय खरीदा गया था, दक्षिण कोरिया से और उस समय भी वहां शेख हसीना की ही सरकार थी, जो इस समय भी वहां की प्रणानमंत्री हैं। चीन से फ्रिगेट खरीदने की खबरें बांग्लादेश के अखबारों में छपा रही हैं। पाकिस्तान के कुछ अखबार भी इससे संबंधित खबरों को छापने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
छप रही खबरों के अनुसार पिछले दिनों जब चीनी उपराष्ट्रपति झी जिंपिंग बांग्लादेश की राजधानी ढाका में थे, तो उन्होंने वहां के अधिकारियों के साथ र्फिगेट के सौदे के बारे में बातचीत की। उन्होंने बीएनपी नेता खालिदा जिया से भी बातचीत की। उन्होने खलिदा जिया को चीन आने का निमंत्रण भी दिया।
बांग्लादेश को नौसैनिक बेड़े की जरूरत कभी काी ही पड़ती है। पिछली बार उसने अपना बेड़ा बंगाल की खाड़ी में पिछले 2008 में म्यानमार के खिलाफ भेजा था। उस समय म्यान्मार बंगाल की खाड़ी में तेल और गैस की खोज के काम में लगा हुआ था। म्यान्मार के कुछ जहाज वहां खनन के काम में लगे हुए थे। बांग्लादेश ने उसका विरोध किया और अपना समुद्री बेड़ा वहां भेज दिया। आखिरकार म्यान्मार के जहाजों को वहां से हटना पड़ा था। बंगाल की खाड़ी की समुद्री सीमा को लेकर बांग्लादेश का भारत और म्यान्मार से कभी कभी मतभेद हो जाया करता है।
चीन का म्यान्मार के साथ दोस्ताना रिश्ते हैं। इसलिए उसने दोनों देशों के बीच हो रहे विवाद में हस्तक्षेप किया और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। बंगाल की खाड़ी में तेल और गैस के भंडार हैं। उनको लेकर आसपास के देशों में जब तब तनाव की स्थिति पैदा हाते रहती है। यही कारण है कि बांग्लादेश अपने नौसैनिक बेड़े को मजबूती देने के काम में लगा हुआ है। (संवाद)
बांग्लादेश ने चीन के साथ अपने सैनिक संबंध बढ़ाए
भारत को इसके असर का आकलन करना होगा
आशीष बिश्वास - 2010-06-24 07:58
कोलकाताः भारतीय नीतिनिर्धारको के कलए यह अचरज की बात हो सकती है, लेकिन सचाई यही है कि बांगलादेश की वर्तमान सरकार विदेशों से हथ्यिार खरीदने के मामले में मुख्य विपक्ष बांग्लादेश देश नेशनल पार्टी से अलग नहीं है। खासकर जब चीन से हथियार खरीदने का मामला हो, तो फिर तो कतई अलग नहीं है।