इस अध्ययन के तहत् चिकित्सकों ने घातक हृदय रोग, हार्ट अटैक या एंजाइना के करीब ऐसे 370 मामले पाये जिनका संबंध ओवरटाइम में कार्य किए जाने वाले घंटों की संख्या से था।
अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि ओवरटाइम का हृदय रोगों से संबंध का एक कारण यह हो सकता है कि अधिक देर तक कार्य करने से लोगों को व्यायाम और आराम करने का कम समय मिलता है और लोग हवा के संपर्क में भी कम रह पाते हैं जिससे वे अधिक तनावयुक्त, चिंतित और डिप्रेशन में रह सकते हैं।
हालांकि इस अनुसंधान के प्रमुख मियाना वरटानेन कहते हैं कि इसे पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए कि ओवरटाइम कार्य कोरोनरी हृदय रोग पैदा कर सकता है, और अध्ययन करने की जरूरत है।
कई चिकित्सक अपने स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए, खुद को फिट रखने के लिए और अपने तनाव के स्तर को कम करने के लिए लोगों को अधिक कार्य करने के लिए प्ररित करते हैं।
डायबिटिज यू के केयर की सलाहकार कैथी माल्टन कहती हैं, ‘‘शारीरिक सक्रियता से वजन को संतुलित रखने में मदद मिलती है जिससे व्यक्ति में टाइप 2 मधुमेह और इसके साथ ही हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। खासकर मधुमेह ग्रस्त लोग सक्रिय रहकर मधुमेह को नियंत्रित रख सकते हैं और इससे मधुमेह संबंधी कुछ जटिलताओं को रोकने में सहायता मिलती है।’’
वह कहती हैं, ‘‘कार्य के दौरान अपने स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के लिए आप कुछ तरीकों पर अमल कर सकते हैं- लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें, किसी से फोन पर बात करने की बजाय उसके पास जाकर बात करें, लंच समय में तेजी से टहलें और बिस्किट की बजाय तेल रहित स्नैक्स या फल का सेवन करें।’’
ओवरटाइम हो सकता है घातक
फर्स्ट न्यूज लाइव - 2010-06-25 11:52
कर्मचारियों में ओवरटाइम करने की ललक ज्यादा होती है। कई कंपनियां भी कर्मचारियों से ओवर टाइम लेना पंसद करती हैं लेकिन नये वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि ओवर टाइम स्वास्थ्य के लिये घातक हो सकता है। ब्रिटिश हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक ताजा अध्ययन के अनुसार रोजाना तीन से चार घंटे तक आवरटाइम काम करने वाले लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा 60 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।