समय से संवाद की अनदेखी खतरनाक, सार्थक संवाद से ही मिलेगी बेहतर ज़िंदगी
बतकही भी है मुक्त धारा वाली संवाद, उनमें भी होती हैं अनेक कही-अनकही बातें
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2026-02-11 03:56 UTC
ऐसे समय में जब समाज में अनेक लोग जीवन के यथार्थ से पलायन करते नजर आ रहे हैं तब “समय से संवाद” जैसी पुस्तक के प्रकाशन का संदर्भ महत्वपूर्ण हो जाता है। यह व्यक्तिगत स्तर पर अतीत की स्मृति के महत्व को वर्तमान की जीवंतता के संदर्भ में ही नहीं रेखांकित करती बल्कि समाज के स्तर पर भी समय से संवाद को सामूहिक जिम्मेदारी का प्रश्न भी मानती है।