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राजनीति में झूठ बन रहा लोकतंत्र के ‘अस्तित्व का खतरा’

अपर्याप्त हैं इस खतरे से निपटने के लिए तैयार किये गये तंत्र
नन्तू बनर्जी - 2024-09-04 10:46
लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी सरकारें अक्सर सोचती हैं कि उनके मतदाता मूर्ख हैं। उनके पास ऐसी धारणा बनाने के अच्छे कारण हो सकते हैं क्योंकि उनमें से बहुत से लोग अपनी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और चारित्रिक विशेषताओं के मामले में वहाँ रहने के लायक नहीं हैं। उनमें से कई पर तो जघन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। मतदाताओं के पास उम्मीदवारों के चयन में बहुत कम विकल्प होते हैं। वे मतदान केंद्रों पर ऐसे उम्मीदवारों को वोट देने जाते हैं, जो राजनीतिक रूप से झूठे या जोड़-तोड़ करने वाले हो सकते हैं। उम्मीदवारों को अक्सर उनके मतदाता झूठे वायदों पर मोहित होकर या बिककर चुनते हैं।

हीरा मंडी का इतिहास है चार शताब्दियों से भी अधिक पुराना

शाही पड़ोस से रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट तक की यात्रा में कई मोड़ आये
गिरीश लिंगन्ना - 2024-05-25 10:45
हीरा मंडी संजय लीला भंसाली की नवीनतम नेटफ्लिक्स प्रोडक्शन फिल्म ने उपमहाद्वीप के दर्शकों के बीच विश्व स्तर पर लहर पैदा कर दी है। ध्यान इस विशेष स्थान पर केंद्रित हो गया है, जो अब पाकिस्तान में है, जो चार शताब्दियों से अधिक समय से अस्तित्व में है।

नयी एआई तकनीक से प्रवेश स्तर की हजारों नौकरियां खतरे में

ओपनएआई निर्मित भाषा उपकरण स्वचालन में एक प्रमुख सफलता
के रवींद्रन - 2023-01-27 12:07
एआई तकनीक में एक नयी प्रगति हुई है जिसके बादओपनएआई-निर्मित चैटजीपीटी विकसित हुआ। यह स्वचालन (ऑटोमेशन) की दिशा में एक बड़ी सफलता है, परन्तु इससेरोजगार के बाजार में प्रवेश के स्तर वाली हजारों हजार नौकरियां खतरे में पड़ गयी हैं जिनमें प्रमुख हैं डेटा एंट्री जॉब्स, एंट्री-लेवल कॉपी राइटिंग, कस्टमर केयर और सपोर्ट सेंटर, और यहां तक कि एंट्री-लेवल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स आदि क्षेत्र। मार्केटिंग पेशेवरों के लिए यह बड़ा उपयोगी उपकरण साबित हो सकता है, क्योंकि मानव संसाधनों के एचआर पेशेवर इस उपकरण को बहुत से काम सौंप सकते हैं। इस उपकरण को अब लोगों के लिए इसी वर्ष उपलब्ध करा दिया गया है।

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध प्रशासनिक अथिकारी थे श्री एम. एन. बुच

एल. एस. हरदेनिया - 2022-10-08 10:23
बहुरंगी व्यक्तित्व के धनी श्री महेश नीलकंठ बुच का जन्मदिन कैसे मनाया जाये इस बात पर गहन विचार करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि जयंती मनाने का सर्वाधिक अच्छा तरीका उनकी आत्मकथा को पढ़ना है। वैसे मैं सरसरी तौर पर पूर्व में उनकी आत्मकथा पढ़ चुका हूं। परंतु उसे फिर से पढ़ने का अलग आनंद है।

डॉट कॉम बबल के बीच 2000 में मेरी शंघाई यात्रा

युवा चीनी-अमेरिकियों ने चीन की तकनीकी सफलता की नींव रखी
नित्य चक्रवर्ती - 2021-11-26 10:21
2020 के अंत तक राष्ट्रीय धन पर मैकिन्से की रिपोर्ट ने सोमवार को चीन को संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में पेश किया, जिससे मुझे वर्ष 2000 में शंघाई की अपनी यात्रा याद आ गई, जब चीन सहित पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था डॉट कॉम बबल से गुजर रही थी। मैं एक प्रमुख अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा आयोजित नई तकनीक पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को कवर कर रहा था, जिसका उस समय चीन में बड़ा कारोबार था।

पंचक कितना शुभ कितना अशुभ

पं.विशाल दयानन्द शास्त्री - 2021-11-12 18:27
पंचक शब्द को सुनते ही अज्ञान के कारण पूर्ण अशुभ समय मान बैठते हैं परन्तु ऐसा नही है। पंचकों में शुभ कार्य भी किये जा सकते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पंचक तब लगते हैं जब चन्द्र ग्रह धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में प्रवेश करता है। धनिष्ठा का उतरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद व रेवती इन पांच नक्षत्रों को पंचक कहते है। पंचक का अर्थ ही पांच का समूह है। सरल शब्दों में कहें तो कुम्भ व मीन में जब चन्द्रमा रहते हैं तब तक की अवधि को पंचक कहते हैँ।

खान-पान की अच्‍छी आदतें: ट्रांस फैट सीमित करने के उपाय

डॉ संतोष जैन पासी / सुश्री आकांक्षा जैन - 2021-11-12 18:24
बडी संख्‍या में लोग पर्याप्‍त मात्रा में और अच्‍छा भोजन नहीं मिलने के कारण ऊर्जा की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं जबकि दूसरी तरफ बहुत से लोग आहार संबंधी गंभीर विकार पैदा करने वाली/ जीवनशैली से संबंधित बीमारियों से पी‍डि़त हैं। इन बीमारियों से जुड़े जोखिमों में खान-पान की गलत आदतें, शारीरिक श्रम नहीं करना, अधिक वजन होना/ मोटापा, सिगरेट/ शराब पीना, नशीले पदार्थों का सेवन और मनोवैज्ञानिक दबाव शामिल हैं। आहार संबंधी कार्यक्रम में कुल ऊर्जा ग्रहण करने के अलावा आहार में की वसा की मात्रा और गुणवत्‍ता महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कल्याण के लिए श्रीमद्भगवद्गीता कैसे पढ़ें

डॉ ज्ञान पाठक - 2021-11-01 18:19
श्रीमद्भगवद्गीता के अट्ठारहवें अध्याय के संहारक्रम से तीसरे श्लोक तथा सृष्टिक्रम से 76वें श्लोक में संजय ने कहा - केशव तथा अर्जुन के इस पुण्य और अद्भुत संवाद को सुनकर मैं बारम्बार हर्षित हो रहा हूं। संजय ने इसे पुण्य क्यों कहा? क्योंकि यह कल्याणकारी है। संवाद के समय तीन बार अर्जुन ने श्रीकृष्ण से पूछा - जिसमें मेरा कल्याण हो वह सुनिश्चित कर मुझे बताइये क्योंकि अनेक तरह की बातों से मैं भ्रमित हो गया हूं।

धरती के थरथराने का तेज होता सिलसिला और हम

मौत से डरने का कोई मतलब नहीं
अनिल जैन - 2020-06-06 09:11
पिछले करीब दो महीने से भूकंप के झटकों ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के साथ ही हरियाणा और पंजाब के एक बडे हिस्से भी को भयाक्रांत कर रखा है। इस दौरान कुल 11 बार लोगों ने भूकंप के झटकों को महसूस किया है। हालांकि भूकंप के इन झटकों की वजह से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन भूकंप महसूस होना ही एक बार में पूरे जीवन के कम्पन का महसूस होने जैसा होता है। फिर यह झटके तो कोढ में खाज की तरह रहे, क्योंकि इस समय लोग पहले से ही कोरोना महामारी के संकट से जूझते हुए अपने-अपने घरों में कैद हैं। जिस पैमाने से भूकंप को मापा जाता है, उस पैमाने पर भूकम्प के इन सभी झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.0 से 4.5 तक थी।
नेहरू की पुण्यतिथि पर विशेष

गांधीजी नेहरू और पटेल को बैलों की एक जोड़ी के रूप में देखते थे

तमाम मतभेदों के बावजूद दोनों में गजब का तालमेल था
एल एस हरदेनिया - 2020-05-26 07:49
"नेहरू और पटेल एक दूसरे के पूरक व्यक्ति थे। नेहरू का वैचारिक आधार फेबियन विचारधारा थी जिसके अनुसार संसदीय प्रजातंत्र मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति का सबसे अधिक शक्तिशाली साधन है। वहीं सरदार पटेल मानवीय मनोविज्ञान के अध्येता थे। उन्होंने उन आधारों को समझने का प्रयास किया था जिनसे ब्रिटिश साम्राज्य को सफलता मिली।"