टोपोलोव के साथ का मैच किस तरह का रहा? अब तक का कठिन प्रतिद्वंद्वी वह किसे मानते हैं? यह मैच पहले के मैचों से किस तरह से अलग था?
वैसे तो मैंने कई प्रतियोगितायें खेली है, लेकिन टेपोलोव के खिलाफ इस बार की विश्व प्रतियोगिता मेरे लिये सबसे कठिन थी। यह पहला मौका था जब मैं यह नहीं सोच पा रहा था कि मुझे अब क्या करना चाहिये। अंतिम-अंतिम समय तक यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि कौन मैच जीतेगा, जबकि पहले की प्रतियोगिताओं में हार-जीत का फैसला पहले ही हो जाता था।
अब आपका आगे का लक्ष्य क्या है?
मेरा लक्ष्य अब 2012 में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप है और जिसकी तैयारी मैं अभी से ही शुरू करना चाहता हूं। लेकिन मैं इससे पहले होने वाले टूर्नामेंटों को भी जीतने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहता हूं ताकि मनोबल को बनाये रखने में मदद मिले और इस बार विश्व शतरंज प्रतियोगिता में जो परेशानी हुयी उस तरह की परेशानी नहीं हो।
आपके करियर में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। आपकी रैकिंग नम्बर एक से गिर कर तीन तक पहुंच गयी। इसका क्या कारण है?
यह तो हर खिलाड़ी के साथ होता है। मैं रैंकिंग में उतार-चढ़ाव को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होता हूं। मैं अपना ध्यान खेल पर केन्द्रित करना चाहता हूं। मैं अपना ध्यान टूर्नामेंटों पर ही लगाता हूं और अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं।
किसी कठिन प्रतियोगिता के दौरान अपने आप को कैसे तनाव मुक्त एवं स्वस्थ रखते हैं? इसके लिये योग या किसी अन्य तरकीब का सहारा लेते हैं?
कठिन परिस्थितियों में मैं स्वस्थ दिखता हूं। मैं अपने आप को कूल दिखाकर आप सबको फूल बनाता हूं। (हंसते हैं) .... दरअसल ऐसी बात नहीं है कि मैचों के दौरान तनाव में नहीं आता हूं लेकिन इतने साल के अनुभव के बाद आप तनाव पर नियंत्रण रखने के बारे में सीख जाते हैं। जब एक बार खेल शुरू हो जाता है आपका तनाव दूर हो जाता है। यह खेल की प्रकृति ही है। खेल के दौरान आप केवल यह सोचते हैं कि अब क्या करना है। आप शेष दुनिया के बारे में नहीं सोचते। मेरा चाहे जो भी प्रदर्शन हो मैं बोर्ड के समक्ष हमेशा तनावमुक्त रहता हूं। सच कहा जाये तो इस बार मैं बहुत दवाब में था, लेकिन इसके वाबजूद मुझे किसी भी तरह से यह दिखाना था कि मैं तनाव में नहीं हूं।
क्या आप जिस खिलाड़ी को पसंद नहीं करते हैं उसके खिलाफ मैच में आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं?
जिस खिलाड़ी को आप नापंसद करते हैं उसके खिलाफ खेलने पर ध्यान केन्द्रित करना आसान होता है और आपकी जीत की प्रेरणा अधिक होती है। लेकिन समय के साथ आपका प्रदर्शन अच्छा होता जाता है चाहे आपको किसी भी खिलाड़ी के विरुद्ध खेलना पड़े।
आपकी किस अन्य खेल में रुचि है? क्या आप विश्व फुटबाल कप के मैच भी देख रहे हैं?
जहां तक अन्य खेलों का सवाल है, फुटबाल में मेरी बहुत दिलचस्पी है। विश्व फुटबाल कप के मैचों को देखकर खूब आनंद आ रहा है। मेरी पसंदीदा टीम अर्जेंटीन और स्पेन है। मैं इन दोनों टीमों के सारे मैच देख रहा हूं। लेकिन मैं ब्राजील एवं अन्य टीमों के मैच भी देखूंगा। विश्व कप के दौरान ढेर सारे फुटबाल मैचों को देखना अपने आप में अदभूत आनंद है। नाइजीरिया के खिलाफ अर्जेंटीना के मैच के हर पल का मैंने आनंद उठाया।
शतरंज के मामले में आज की नयी पीढ़ी को आप किस रूप में आंकते हैं? आपको नयी पीढ़ी से क्या उम्मीद है?
आज की नयी पीढ़ी शतरंज को लेकर बहुत ही रोमांचित है और यह भारत के लिये अच्छा संकेत है।
अपनी सफलता में अपनी पत्नी अरूणा का क्या सहयोग रहा?
वह मेरी हर चीजों के बारे में ख्याल रखती है और इस कारण मैं खेल पर ध्यान दे पाता हूं। एक कठिन दिन के बाद किसी को अपनी भावनाओं को सुनाना हमेशा अच्छा होता है।
अगर आप ‘ातरंज खिलाड़ी नहीं होते तो क्या होते?
मुझे प्रयोग करने में बहुत दिलचस्पी है और मुझे लगता है कि मैं शतरंज खिलाड़ी नहीं होता तो मैं वैज्ञानिक बनना पसंद करता। (फर्स्ट न्यूज लाइव)
रैंकिंग से ज्यादा खेल पर ध्यान देता हूं विश्वनाथन आनंद
फर्स्ट न्यूज लाइव - 2010-06-26 07:54
चार बार के शतरंज विजेता विश्वनाथन आनंद में गत माह बल्गारिया के वेसेलिन टोपालोव को हराकर चैथी बार विश्व ‘ातरंज प्रतियोगिता जीती। उन्होंने इससे पहले 2000, 2007 और 2008 में भी शतरंज का विश्व खिताब जीता था। पिछले दिनों मोबाइल साइंस लैब के उद्घाटन के सिलसिले में उनके दिल्ली आने पर फर्स्ट न्यूज लाइव ने उनसे बातचीत की। यहां पेश है बातचीत के मुख्य अंश।