सिक्किम , जम्मू कश्मीर सहित उत्तर पूर्वी राज्यों और नवगठित राज्य छत्तीसगढ , झारखंड और उत्तराखंड के लिए पर्यटन मंत्रालय प्रत्येक वित्त वर्ष में प्रचार सामग्री तैयार करने के लिए कुल लागत का 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता देगा और शेष 50 प्रतिशत राज्य सरकारें केन्द्र शासित प्रशासन और निजी हितधारक बराबर -बराबर वहन करेंगे । जहां तक अन्य राज्योंकेन्द्र शासित पद्रशों का संबंध है पर्यटन मंत्रालय कुल लागत का 34 प्रतिशत या अधिकाधिक 25 लाख रूपये, जो कम होगा, देगा । परन्तु केन्द्र शासित प्रदेशों को अधिकाधिक 15 लाख रूपये मिलेंगे।
पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन संबंधी विषयों पर मेले उत्सव और संगोष्ठियांबैठक, सम्मेलन आदि आयोजित करने संबंधी मार्ग निर्देशों को भी संशोधित किया है । पहले एक वित्त वर्ष में तीन ऐसे आयोजन आयोजित कर सकते थे अब अधिकाधिक 6 आयोजन आयोजित किए जा सकेंगे । इसके अलावा राज्य दो और मेल उत्सव आयोजित कर सकेंगे।
प्रत्येक राज्य सरकार को एक वित्त वर्ष के दौरान दी जाने वाली अधिकाधिक वित्तीय सहायता 25 लाख रूपये से बढा़कर 50 लाख रूपये कर दी गई है । केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए वित्तीय सहायता की सीमा 30 लाख रूपये कर दी गई है । प्रत्येक मेलेउत्सवसमारोहों के आयोजन के संबंध में वित्तीय सहायता की सीमा राज्यों के लिए 25 लाख रूपये कर दी गई है परन्तु राज्य सरकारेंकेन्द्र शासित प्रदेश भी कुल खर्च का 50 प्रतिशत तक वहन करेंगे ।
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पर्यटन मंत्रालय प्रचार सामग्री तैयार करने के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता देगी
विशेष संवाददाता - 2010-07-02 11:10
नई दिल्ली: सार्वजनिक निजी भागीदारी आधार पर पर्यटन को और बढा़वा देने तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अधिक प्रचार सामग्री तैयार करने को प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारोंकेन्द्र शासित प्रदेशों को निजीक्षेत्र के सहयोग से प्रचार सामग्री तैयार करने के लिए वित्तीय सहायता देने के मार्ग निर्देश तय किये हैं ।