यह मामला 27 दिसंबर को पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) सचिव एन.एम. विजयन और उनके बेटे जिजेश की संदिग्ध आत्महत्या की जांच के तहत दर्ज किया गया है। मामले में वायनाड डीसीसी अध्यक्ष एन.डी. अप्पाचन, पूर्व डीसीसी कोषाध्यक्ष के.के. गोपीनाथन और दिवंगत डीसीसी अध्यक्ष पी.वी. बालचंद्रन के भी नाम हैं।
विजयन द्वारा अपनी मृत्यु से पहले अपने रिश्तेदारों और पार्टी सहयोगियों को कथित तौर पर भेजे गये पत्रों के कारण जांच की आवश्यकता थी। सुल्तान बाथरी ग्राम पंचायत के पूर्व अध्यक्ष 78 वर्षीय विजयन और सुल्तान बाथरी शहरी सहकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी 38 वर्षीय उनके बेटे जिजेश को 24 दिसंबर को उनके पड़ोसियों ने कथित तौर पर जहर खाने के बाद उनके घर पर मृत पाया था। उन्हें कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन 27 दिसंबर को उनकी मौत हो गयी।
विजयन के व्यथित परिवार ने चार आत्महत्या पत्र जारी किए, जिनमें उनके बड़े बेटे विजेश और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के. सुधाकरन को संबोधित पत्र भी शामिल हैं। एक पत्र में विजयन ने वित्तीय देनदारियों के लिए माफी मांगी है। एक पत्र में कांग्रेस के प्रति विजयन के समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाया गया है। इसमें कहा गया है कि विजयन ने अपने जीवन के लगभग 50 वर्ष कांग्रेस को समर्पित किये हैं। विजयन यह भी चाहते हैं कि अगर पार्टी उनकी मृत्यु के बाद हस्तक्षेप करने में विफल रहती है तो पत्रों को प्रकाशित किया जाये। विजयन की हताशा का भाव उस पत्र से स्पष्ट था जिसमें कहा गया था कि स्थिति असहनीय हो गयी थी और मृत्यु ही इस संकट का एकमात्र समाधान था।
सुधाकरन को संबोधित पत्र में कहा गया है कि उन्हें कांग्रेस द्वारा नियंत्रित सहकारी बैंकों में नियुक्तियों के लिए सुल्तान बाथरी के विधायक आई.सी. बालकृष्णन सहित नेतृत्व की जानकारी में धन प्राप्त हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जटिलताएँ पैदा हुईं तो नेतृत्व ने खुद को अलग कर लिया। उन्होंने नेताओं पर उन्हें वित्तीय तनाव देने का भी आरोप लगाया।
विजयन ने कांग्रेस नेतृत्व को संबोधित पत्र में बालकृष्णन को भी शामिल किया था, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) और वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी भी शामिल थे।
कई रिश्तेदारों को मिले पत्रों में दावा किया गया था कि बालकृष्णन ने कांग्रेस द्वारा नियंत्रित स्थानीय सहकारी बैंक में नौकरी के लिए लोगों से कथित तौर पर रिश्वत मांगी थी। नेतृत्व ने उन्हें रिश्वत के लिए गारंटर बनने के लिए मजबूर किया था।
यह उल्लेख किया जा सकता है कि केपीसीसी अध्यक्ष ने विजयन द्वारा उन्हें भेजे गए पत्र को पढ़ने से इनकार कर दिया था। लेकिन विजयन के बेटे विजेश ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुधाकरन से मुलाकात की और उन्हें पत्र सौंपा। उन्होंने खुद इसे केपीसीसी प्रमुख को पढ़ा, जिन्होंने फिर इस पर गौर करने का वायदा किया।
विजेश ने अपने निर्वाचन क्षेत्र परवूर में एलओपी से उनके कार्यालय में भी मुलाकात की और उन्हें भी पत्र सौंपा। विजेश और उनकी पत्नी पद्मजा ने दावा किया कि दोनों नेताओं का रवैया सकारात्मक नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि के. मुरलीधरन को छोड़कर कोई भी कांग्रेस नेता उनके पिता की मृत्यु के बाद उनके घर नहीं आया। न ही किसी ने उनसे फोन पर संपर्क किया। न तो विधायक बालकृष्णन और न ही डीसीसी प्रमुख अप्पाचन ने अंतिम संस्कार के बाद उनसे मुलाकात की। बाद में, कांग्रेस नेताओं ने तिरुवंचूर राधाकृष्णन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल में विजयन के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और परिवार द्वारा व्यक्त की गयी चिंताओं को दूर करने का वायदा किया।
राधाकृष्णन विजयन और उनके बेटे की मौत की जांच के लिए कांग्रेस द्वारा गठित एक समिति के प्रमुख हैं। इस बीच, पुलिस ने कहा है कि कथित सुईसाइड नोट को जल्द ही जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा जायेगा। नोट में नामित व्यक्तियों से साक्ष्य एकत्र किये जायेंगे। विजिलेंस विंग ने भी घटना के संबंध में मामला दर्ज किया है और विजयन के बेटे विजेश समेत चार लोगों से साक्ष्य जुटाये हैं।
एक अन्य घटनाक्रम में, 7 जनवरी को राज्य की राजधानी में हुई माकपा की राज्य समिति ने घटनाक्रम के संबंध में विधायक बालकृष्णन के इस्तीफे की मांग की।
इस घटना ने केरल में कांग्रेस को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। यह बड़ा झटका ऐसे समय में लगा है जब पार्टी में शीर्ष नेता वर्चस्व हासिल करने के लिए एक-दूसरे से होड़ कर रहे हैं। विपक्ष के नेता को उस समय करारा झटका लगा जब नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम (एसएनडीपी) दोनों ने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को मुख्यमंत्री पद के लिए खुले तौर पर तरजीह दी, बशर्ते कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार को हटाने में सफल हो जाये।
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले ने कांग्रेस की छवि को धूमिल किया है और पार्टी के आत्मविश्वास को भी झटका दिया है जो लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद बढ़ा था। कांग्रेस के लिए यह दोहरी मार है, जो आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले से अंदर तक हिल गयी है। (संवाद)
केरल में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका
पार्टी विधायक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज
पी. श्रीकुमारन - 2025-01-11 10:43
तिरुवनंतपुरम: केरल में कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। वायनाड पुलिस ने सुल्तान बाथरी के विधायक और कांग्रेस नेता आई.सी. बालकृष्णन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।