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भाजपा का 'मिशन 2026': चुनाव से पहले बंगाल में एक आक्रामक अभियान

भगवा कैंप की 1 मार्च से होने वाली चुनाव रथयात्रा में हिंसा की संभावना
अरुण श्रीवास्तव - 2026-02-26 11:26 UTC
भाजपा के राष्ट्रीय नेता 1 मार्च को पश्चिम बंगाल में एक बड़ी रथयात्रा निकालेंगे, जो 25 सितंबर 1990 की लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा की याद दिलाती है, जो पूरे उत्तर भारत में आरक्षण विधेयक के खिलाफ़ हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों का फ़ायदा उठाने के लिए निकाली गयी थी। इस रथयात्रा को “परिवर्तन” रथयात्रा नाम दिया गया है, जिसमें हिंदी भाषी प्रवासियों और पिछड़ी जाति के मतदाताओं की बहुलता वाले इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा।

तारिक के प्रधान मंत्री बनने के बाद बांग्लादेश में अमेरिका-चीन की प्रतिद्वन्द्विता बढ़ी

दक्षिण एशिया सुरक्षा पर वाशिंगटन का आक्रामक रवैया भारत के लिए भी सिरदर्द
नित्य चक्रवर्ती - 2026-02-25 11:50 UTC
12 फरवरी के राष्ट्रीय चुनाव में अपनी पार्टी की शानदार जीत के बाद बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान को बांग्लादेश का प्रधान मंत्री बने हुए सिर्फ़ एक हफ़्ता हुआ है। 60 साल के प्रधान मंत्री, जो ब्रिटेन में 17 साल के देश निकाला के बाद स्वदेश लौटे हैं, से उम्मीद की जा रही थी कि वे देश की खराब अर्थव्यवस्था और इसके प्रशासन को फिर से दुरुस्त करने को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देंगे, लेकिन उनके ध्यान का केन्द्र अचानक बदल गया है, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका प्रशासन बहुत ज़्यादा सक्रिय हो गया है और नई सरकार से चीन के खिलाफ़ रूख अपनाने के लिए कहकर बांग्लादेश के अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है।

भारत को सुरक्षित और पारदर्शी रहने के लिए ‘भरोसेमंद’ एआई औजार अपनाने चाहिए

‘उच्च जोखिम’ कार्यों को विनियमित करने के पक्ष में हैं यूरोपीय यूनियन, चीन और जापान
नन्तू बनर्जी - 2026-02-24 11:37 UTC
पिछले हफ़्ते दिल्ली में जो वैश्विक एआई इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित हुए वह इससे ज्यादा सही समय पर नहीं हो सकता था, जब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने, इसकी सीमाओं और संभावित नतीजों को लेकर कुछ हद तक शक में है। एनविडिया माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजॉन, मेटा, और एन्थ्रोपिक जैसी फर्मों की शुरुआती कोशिशों की वजह से, संयुक्त राज्य अमेरिका मुख्य रूप से आधारभूत अवसंरचना, जेनरेटिव एआई (जेन एआई) समायोजन और सम्पूर्ण उद्योग में उसे लागू कर वैश्विक एआई अपनाने को बढ़ावा दे रहा है। पिछले तीन सालों में एआई अपनाने में तेज़ी आई है। फिर भी, एआई अपनाने को लेकर बहुत ज़्यादा शक है, जिसे इसकी सीमाओं, नैतिक असर और लंबे समय के नतीजों को लेकर चिंताओं की वजह से सावधानी से, लगभग हिचकिचाते हुए अपनाया जा रहा है।

वैश्विक सम्मेलनों में विरोध प्रदर्शन के साथ भारत जीना सीखे, असहिष्णुता अनुचित

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ‘शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन’ राष्ट्रविरोधी नहीं
के रवींद्रन - 2026-02-23 11:43 UTC
वैश्विक सम्मेलनों ने लंबे समय से न सिर्फ सरकार के प्रमुखों और कॉर्पोरेट के अगुवों के लिए बल्कि उनका विरोध करने वालों के लिए भी एक वैश्विक मंच दिया है। विरोध अभियानों ने सीखा है कि जहां टेलीविज़न कैमरे, राजनयिक और नीति निर्धारक इकट्ठा होते हैं, वहां इकट्ठा होना, उच्चस्तरीय बैठकों को राजनयिकता के साथ-साथ असहमति का अखाड़ा बना देता है। व्यापार वार्ताओं से लेकर पर्यावरण सम्मेलनों तक, संगठित विरोध प्रदर्शन भद्रलोक के विचार-विमर्श के लिए एक उम्मीद की जाने वाली साथी बन गए हैं, जिन्हें ध्यान खींचने के लिए आयोजित किया जाता है जो अन्यथा हाशिये पर काम करने वाले आन्दोलनकारी अभियान चलाने वालों के लिए उपलब्ध नहीं होता।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा उपकरणों की मदद से मरीजों का हो सकेगा सटीक उपचार: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

एस एन वर्मा - 2026-02-21 15:49 UTC
नई दिल्ली। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन और परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से विकसित उपकरण अब चिकित्सा जांच में व्यक्तिगत अनुमान या जांच परिणामों में अंतर को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे मरीजों को अधिक सटीक और स्पष्ट उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने में मोदी ने सही कदम उठाया, पर बहुत कठिन है डगर

जमात में आ गयी है नई जान, दोनों देशों के रिश्तों में उसकी निर्णायक भूमिका होगी
नित्य चक्रवर्ती - 2026-02-21 11:32 UTC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत संदेश भेजकर सही कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि “आपकी जीत बांग्लादेश के लोगों के आपके नेतृत्व पर दिखाए गए भरोसे और विश्वास का सुबूत है और देश को शांति, स्थिरता और खुशहाली के रास्ते पर आगे ले जाने के आपकी दृष्टि के लिए उनका जनादेश है।” यह जनादेश की वैधता और दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने में बीएनपी की अगुवाई वाली सरकार के नए प्रधान मंत्री की भूमिका पर बांग्लादेशियों के भरोसे का एक तरह से समर्थन है।

असम में भाजपा का बहुत बड़ा दांव, बेलगाम अनैतिकता की राजनीति का सहारा

राज्य में एसआईआर को रोकने के बाद, विपक्षी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश
डॉ. ज्ञान पाठक - 2026-02-19 11:08 UTC
अप्रैल-मई में होने वाले राज्यों के चुनाव में से असम अकेला ऐसा राज्य है, जहां भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सत्ता में है, जबकि बाकी चार – पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी – में उसे अपनी मौजूदगी बढ़ाने की उम्मीद है। सिर्फ़ पश्चिम बंगाल में ही अत्यधिक उपलब्धि हासिल करने की उम्मीद रखती है और वह खुले तौर पर मुख्य मंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से बाहर करने का दावा कर रही है। ज़ाहिर है, भाजपा का सबसे बड़ा दांव असम में है, जिसकी वजह से पार्टी को राज्य में बेलगाम अनैतिकता की राजनीति का सहारा लेना पड़ रहा है।

छह दशक पुरानी है वी डी सावरकर को भारत रत्न देने की मांग

इस साल आखिरकार कोई फैसला ले सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कल्याणी शंकर - 2026-02-18 11:52 UTC
हिंदू विचारक विनायक दामोदर सावरकर, संक्षेप में वी डी सावरकर, को भारत रत्न देने की मांग ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक बहस को फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें उनके विचारों, विश्वासों और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर गहरे मतभेदों को उजागर किया गया है।

मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 : बच्चों के विकास के सवाल

बाल विकास और संरक्षण : आंकड़ों के बीच छिपे संकेत
राजु कुमार - 2026-02-17 13:18 UTC
आर्थिक सर्वेक्षण किसी भी राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आईना होता है। यह सिर्फ विकास दर, निवेश और उत्पादन के आंकड़े नहीं देता, बल्कि यह भी बताता है कि राज्य का नजरिया क्या है और वह अपने भविष्य को किस दिशा में ले जाना चाहता है। कृषि, उद्योग और अधोसंरचना के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र को कितना महत्व दिया जा रहा है, यह भी इसी दस्तावेज़ से समझ आता है। मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सामने आ चुका है। यदि सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से बाल विकास एवं संरक्षण के हिस्से को ध्यान से देखें, तो साफ दिखता है कि ढांचे का विस्तार हुआ है, लेकिन कवरेज, परिणाम और आंकड़ों की प्रवृत्तियों को लेकर कुछ गंभीर सवाल अब भी मौजूद हैं।

लक्षद्वीप में संप्रभुता और सतत विकास के बीच संतुलन

अगत्ती में विस्तार पर पुनर्विचार की जरूरत
राजु कुमार - 2026-02-17 11:34 UTC
लक्षद्वीप के सबसे छोटे आबाद द्वीपों में से एक अगत्ती इन दिनों एक गंभीर नीतिगत मसले के केंद्र में है। जनवरी 2026 में लक्षद्वीप प्रशासन द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचनाओं के अनुसार तीन अलग-अलग उद्देश्यों के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है—पर्यटन एवं अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए 1,01,020 वर्ग मीटर, सिटी सेंटर परियोजना के लिए 1,908 वर्ग मीटर, तथा भारतीय वायुसेना के फॉरवर्ड/फील्ड बेस सपोर्ट यूनिट (एफबीएसयू) की स्थापना के लिए 1,52,760 वर्ग मीटर। इन सबको मिलाकर कुल 2,55,688 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। लगभग 2.70 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले इस छोटे से द्वीप के संदर्भ में यह कुल भूमि का लगभग आठ से नौ प्रतिशत हिस्सा बनता है। घनी आबादी, सीमित कृषि योग्य भूमि और नाजुक पारिस्थितिकी वाले एक प्रवाल (कोरल) द्वीप के लिए यह आंकड़ा मामूली नहीं माना जा सकता।
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