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अर्णब गोस्वामी के व्हाट्सअप चैट्स

लोकतंत्र के चारों खंभों पर हमला?
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-01-23 14:51 UTC
अर्णब गोस्वामी के व्हाट्सअप चैट्स के सार्वजनिक होने के बाद जो बातें सामने आ रही हैं, वह निश्चय ही हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद खौफनाक है। अर्णब गोस्वामी पेशे से पत्रकार है, लेकिन उसकी पत्रकारिता एक ऐसे ब्रांड में बदल गई है, जिसे गोदी पत्रकारिता कहते हैं और उसके पद चिन्हों पर चलकर पत्रकारिता करने वालों को गोदी पत्रकार कहते हैं। जिस प्रकार के मीडिया का वह प्रतिनिधित्व करता है, उसे गोदी मीडिया कहा जाने लगा है। यह सोशल मीडिया के टर्म है, लेकिन अब यह पत्रकारिता के औपचारिक शब्दकोष का भी हिस्सा बनने लगा है और आने वाले समय में शोधार्थी इस गोदी मीडिया को लेकर नये नये शोध भी कर सकते हैं।

मोदी की चीन नीति में स्पष्टता नहीं

अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा बनाए मकानों पर सरकार तुतला रही है
बरुन दास गुप्ता - 2021-01-22 09:33 UTC
भारत के लोगों को कुछ दिनों पहले अखबार की रिपोर्ट से पता चला कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में त्सारी चू नदी के किनारे एक गाँव बनाया है और लगभग 100 घर बनाए हैं। भारत सरकार ने इस तथ्य का खुलासा नहीं किया था। भारतीयों को मीडिया रिपोर्टों से यह पता चला कि एक अमेरिकी-आधारित संगठन, प्लैनेट लैब्स की खोज के हवाले से, जिसने उपग्रह छवियों की मदद से इसे खोज निकाला। 2019 में ये घर मौजूद नहीं थे। अरुणाचल के बीजेपी सांसद तापिर गाओ ने कहा कि चीनियों ने 60 से 70 किलोमीटर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है।

हमारे नेता क्यों कतरा रहे हैं वैक्सीन लेने से?

उनके तर्क विचित्र हैं
अनिल जैन - 2021-01-21 09:48 UTC
दुनिया के जिन-जिन देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए टीकाकरण (वैक्सीनेशन) की शुरुआत हुई है, वहां का अनुभव है कि इसकी सफलता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि लोगों का वैक्सीन को लेकर भरोसा बने। उन्हें यह यकीन हो कि वैक्सीन उनको वायरस से सुरक्षा देगी और उनके शरीर पर कोई बुरा असर नहीं होगा। यह भरोसा बनाने के लिए अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी पत्नी ने सार्वजनिक रूप से वैक्सीन लगवाई। अमेरिकी संसद के निचले सदन की स्पीकर और उच्च सदन के सभापति यानी उप राष्ट्रपति ने भी वैक्सीन लगवाई। हालांकि इसके बावजूद अमेरिका में वैक्सीन लेने वालों का भरोसा नहीं बना और जब कई जगह वैक्सीन का स्टॉक फेंका जाने लगा तो उसके स्टॉक के नए नियम बने।

26 जनवरी का ट्रैक्टर मार्च

सरकार को इस समस्या का हल निकालना है, सुप्रीम कोर्ट को नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-01-19 09:37 UTC
उधर किसान अड़े हुए हैं कि तीनों काले कानूनों को वापस करवाए बिना वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। इधर केन्द्र सरकार कह रही है कि वह उन कानूनों को समाप्त नहीं करेगी और किसान अपनी जिद छोड़ दें व समाधान को कोई रास्ता अपनाएं। लेकिन किसान टस से मस होने को तैयार नहीं। उनके आंदोलन को देश व्यापी समर्थन मिल रहा है और लगभग सभी राज्यों में उनके पक्ष में समर्थन में जुलूस और प्रदर्शन निकाले जा रहे हैं। अभी गनीमत है कि कोरोना संकट के कारण रेलें नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं, इसलिए देश के अन्य हिस्सों से किसान दिल्ली कूच नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान ही दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं, क्योंकि वे दिल्ली के काफी निकट हैं और उन्हें यहां आने के लिए ट्रेन की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

भारत का शेयर बाजार बूम

गुब्बारे को फटना ही है
नंतू बनर्जी - 2021-01-18 10:18 UTC
पिछले चार वर्षों में भारत के शेयर बाजार में तेजड़ियों की आंधी ने इस मिथक को तोड़़ दिया है कि शेयर बाजार अर्थव्यवस्था का एक बैरोमीटर है। पिछले चार वर्षों में अपने स्टॉक सूचकांकों की गति के साथ भारत की आर्थिक विकास की प्रवृत्ति का लिंक यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि भारत की वास्तविक अर्थव्यवस्था का उसके शेयर बाजार के साथ बहुत कम संबंध है। 2017-18 में, जब देश की जीडीपी वृद्धि आधिकारिक तौर पर 7.2 प्रतिशत थी, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) संवेदनशील सूचकांक (सेंसेक्स) 36,443.98 के ऊच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 2018-19 में 38,989.65 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह 13 जनवरी 2021 को 49,795.19 था।

मोदी ने टीकाकरण अभियान में एक गलती कर दी

पहला टीका उन्हें ही लेना चाहिए था
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-01-16 08:54 UTC
भारत में भी कोराना वायरस के खिलाफ टीकाकरण का अभियान शुरू हो गया। अनेक देशों में यह पहले ही चल रहा था। सबसे पहले शुरुआत रूस में ही हो गई थी, जब पिछले साल अगस्त महीने में स्पुतनिक वी वैक्सिन को तैयार करने वाले वैज्ञानिकों ने खुद वह टीका लगवाया था। चूंकि उस टीका का परीक्षण 60 साल से कम उम्र के लोगों पर ही किया गया था, इसलिए 60 साल से ऊपर की उम्र वाले प्रधानमंत्री पुतिन खुद यह टीका नहीं ले सकते थे, लेकिन रूस और दुनिया के लोगों का उस वैक्सिन में विश्वास पैदा करने के लिए पुतिन ने अपनी बेटी को वह टीका दिलवाया।

केरल में यूडीएफ के सामने पहचान का संकट

कांग्रेस की गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही
पी श्रीकुमारन - 2021-01-15 09:37 UTC
तिरुअनंतपुरमः कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में पूरी तरह से लोकतांत्रिक मोर्चा पहचान संकट का सामना कर रहा है। स्थानीय निकायों के चुनावों में उसे हाल ही में हार मिली और उस हार के बाद उसकी किस्मत त्रिशंकु की तरह आसमान में झूल रहा है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करे।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रियंका ने कसी कमर

वह अनेक मुद्दों पर योगी सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रही है
प्रदीप कपूर - 2021-01-14 09:37 UTC
लखनऊः श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी योगी आदित्यनाथ सरकार पर बेरोजगारी, कुपोषण और महिलाओं पर अत्याचार के मुद्दों पर संघर्ष कर रही है।

कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

समस्या का समाधान सुप्रीम कोर्ट के पास शायद है ही नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-01-13 09:57 UTC
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी सक्रियता दिखाई है। उसने दो फैसले किए। पहले फैसले में उसने तीनों कानूनों के अमल पर रोक लगा दी। दूसरा फैसला करते हुए उसे एक चार सदस्यीय समीति का गठन कर डाला, जिसे किसानों से बात करके दो महीने के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है। उसका पहला फैसला तो सही है, क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। और जब तक मामला विचाराधीन हो, तबतक के लिए सुप्रीम कोर्ट कानून पर रोक लगा सकता है। पहले भी सरकारी निर्णयों और कानूनों पर इस तरह की रोक लगती रही है। लेकिन अपने दूसरे फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने जो किया वह गलत है।

असम में भाजपा आरामदेह स्थिति में

गठबंधन में कांग्रेस को बेलने पड़ेंगे पापड़
सागरनील सिन्हा - 2021-01-12 09:35 UTC
असम, जनसंख्या के मामले में सभी पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे बड़ा है। राजनीतिक गतिविधियां लगभग अंतिम चरण में हैं - क्योंकि राज्य में चुनाव केवल तीन महीने दूर हैं।