सख्त कानून से भी ज्यादा जरूरी है सख्त व्यवस्था तंत्र
जहां-तहां देवरिया और मुजफ्फरपुर
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2018-08-13 13:26 UTC
बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका संरक्षण गृह की 34 बच्चियों के यौन शोषण के दिल दहला देने वाले कांड को लेकर उठा बवंडर अभी थमा भी नहीं था कि उत्तर प्रदेश से देवरिया के शेल्टर होम से जुडी त्रासदी की खबर आ गई। ये दोनों खबरें इस संदेह को यकीन में बदलने वाली है कि बेसहारा बच्चियों और महिलाओं को आश्रय या संरक्षण के नाम पर नरक में झोंकने की प्रवृत्ति एक या दो बुरे अपवादों तक ही सीमित नहीं है। ये दोनों ही मामले हमारे समाज के सभ्य होने पर सवाल खडे करते हुए बताते हैं कि अगर सरपरस्त ही सौदागर बन कर अपनी दुष्ट इच्छाओं की पूर्ति के लिए किसी भी हद गिरने को तत्पर हो जाएं और ऐसे लोगों को हमारे व्यवस्था-तंत्र का पूरा संरक्षण हासिल हो तो फिर किसी शेल्टर होम या आश्रय केंद्र में बच्चियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं।