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सख्त कानून से भी ज्यादा जरूरी है सख्त व्यवस्था तंत्र

जहां-तहां देवरिया और मुजफ्फरपुर
अनिल जैन - 2018-08-13 13:26 UTC
बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका संरक्षण गृह की 34 बच्चियों के यौन शोषण के दिल दहला देने वाले कांड को लेकर उठा बवंडर अभी थमा भी नहीं था कि उत्तर प्रदेश से देवरिया के शेल्टर होम से जुडी त्रासदी की खबर आ गई। ये दोनों खबरें इस संदेह को यकीन में बदलने वाली है कि बेसहारा बच्चियों और महिलाओं को आश्रय या संरक्षण के नाम पर नरक में झोंकने की प्रवृत्ति एक या दो बुरे अपवादों तक ही सीमित नहीं है। ये दोनों ही मामले हमारे समाज के सभ्य होने पर सवाल खडे करते हुए बताते हैं कि अगर सरपरस्त ही सौदागर बन कर अपनी दुष्ट इच्छाओं की पूर्ति के लिए किसी भी हद गिरने को तत्पर हो जाएं और ऐसे लोगों को हमारे व्यवस्था-तंत्र का पूरा संरक्षण हासिल हो तो फिर किसी शेल्टर होम या आश्रय केंद्र में बच्चियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं।

राफेल डील से मोदी के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रति घृणा झलकती है

हिन्दुस्तान एरोनाॅटिक्स से छीनकर मुकेश अंबानी को रखरखाव का काम दे दिया गया
नित्य चक्रवर्ती - 2018-08-11 18:18 UTC
2015 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय रक्षा बलों के लिए 36 राफले लड़ाकू जेट विमानों की खरीद के लिए किए गए विवादास्पद सौदे के अधिक से अधिक विवरण सामने आ रहे हैं और यह स्पष्ट है कि प्रधान मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के हितों को ताक पर रखकर एक उद्योगपति की कंपनी को संरक्षित करने का काम किया, जबकि उस कंपनी के पास उस काम को कोई अनुभव भी नहीं था और राफेल समझौते के 10 दिन पहले ही उस कंपनी का पंजीकरण किया गया था।

राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव

राहुल गांधी ने गठबंधन राजनीति में अपने को विफल पाया
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-08-11 18:15 UTC
राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार की जीत हुई और कांग्रेस का उम्मीदवार भारी अंतर से हार गया। वैसे कांग्रेस की यह हार अप्रत्याशित नहीं थी, पर राजग की जीत जरूर अप्रत्याशित थी, क्योंकि उसके पास राज्यसभा में जीत का आंकड़ा नहीं था। भारतीय जनता पार्टी अपने राजग सहयोगियों के साथ वहां अल्पमत में था और कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों के पास राजग के लगभग बराबर या उससे कुछ ज्यादा ही वोट थे।

स्वस्थ शिशु ही हैं स्वस्थ भारत का भविष्य

नवजातों पर मौत का नश्तर
योगेश कुमार गोयल - 2018-08-09 10:52 UTC
पिछले दिनों महाराष्ट्र में एक आरटीआई के जरिये नवजात शिशुओं की मृत्यु को लेकर चैंकाने वाला आंकड़ा सामने आया कि मरने वाले 65 प्रतिशत शिशुओं की सांसें 28 दिनों के भीतर ही बंद हो जाती है। राज्य के परिवार कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 के बीच 13541 शिशुओं की मृत्यु हुई और इनमें से 65 फीसदी की सांसें 28 दिनों के अंदर ही रूक गई। हालांकि देश में नवजात शिशुओं की मौत के मामले में पिछले कुछ वर्षों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है किन्तु कुछ ही समय पहले आई यूनीसेफ की रिपोर्ट में अभी इस दिशा में और ध्यान दिए जाने पर जोर दिया गया था।

घुसपैठियों एवं शरणार्थियों के मामले पर उठते सवाल

यह सिर्फ असम से जुड़ा मसला नहीं है
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-08-08 11:00 UTC
देश में जब - जब भी आम चुनाव पास आते है, राजनीति से प्रेरित नये - नये मुद्दे उभरकर सामने आते रहे है। कुछ इसी तरह के मुद्दों में फिलहाल लोकसभा के आम चुनाव 2019 के पुर्व घुसपैठियों एवं शरणार्थियों के मामले तेजी से उभर सामने आने शुरू हो गये है। यह मामला आज का नही, वर्षो पुराना है। वर्तमान केन्द्र सरकार के भी चार वर्ष गुजर गये पर किसी ने भी इस तरह के मुद््दे पर चर्चा नहीं की और आज यह मुद्दा राजनीतिक रंग कुछ ज्यादा ही पकड़ रहा है।

आधार पर संग्राम

क्या भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-08-07 10:39 UTC
आधार पर भारत में संग्राम छिड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में इसपर लंबी सुनवाई हो चुकी है। उसका फैसला आना अभी बाकी है। शायद फैसला लिखा जा रहा होगा और इस बीच उस फैसले को प्रभावित करने के लिए बड़ी बड़ी ताकतें सक्रिय हो गई हैं। कहने की जरूरत नहीं कि वे ताकतें चाहती हैं कि आधार केस सरकार सुप्रीम कोर्ट में हार जाय। गौरतलब है कि सरकार ने अनेक सेवाओं को आधार से लिंक करने का फैसला किया है।

व्यवस्था की खामियां उजागर करता मानसून

भारी जलजमाव के बावजूद धरती प्यासी ही रह जाती है
योगेश कुमार गोयल - 2018-08-06 16:46 UTC
विगत दिनों लगातार तीन-चार दिन की ही बारिश के चलते देश के कई शहरों में बहुत बदतर हालात देखे गए थे। जगह-जगह सड़कें धंस गई, कारों की छतों पर पानी भर गया, कई जगहों पर मकान ढह गए, यमुना खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई, बारिश के चलते दर्जनों लोगों की मौत हो गई। इन हालातों ने हर साल की भांति एक बार फिर बाढ़, जल निकासी और ऐसे हालातों से निपटने के सारी तैयारियां कर लेने के दावों की कलई खोलकर रख दी।

असम में नागरिकता की विषम पहेली

राष्ट्रहीन लोगों के लिए एक अलग देश बने
एल एस हरदेनिया - 2018-08-04 12:09 UTC
इस बात की पूरी संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी सन् 2019 का लोकसभा चुनाव "बांग्लादेशियों को भारत से निकालो" के नारे पर लड़ेगी। यदि ऐसा होता है तो यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इस नारे से भाजपा मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने में सफल होगी और बाकी सभी चुनावी मुद्दे या तो गौण हो जाएंगे या पूरी तरह से गायब हो जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर देश भर मे अत्यधिक गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ टिप्पणियां की जा रही हैं। जैसे, भाजपा के एक नेता ने कहा है कि यदि बांग्लादेशी खुशी-खुशी नहीं जाते ते उन्हें गोली मार दो। इस तरह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इस मुद्दो के लेकर खून की नदियां बहेंगी और गृहयुद्ध छिड़ जाएगा।

मुजफ्फरपुर बलात्कार गृह, नीतीश के पाखंड का पर्दाफाश

उपेन्द्र प्रसाद - 2018-08-03 11:28 UTC
मुजफ्फरपुर की एक बालिका गृह में रह रही 44 बच्चियों में से कम से कम 34 बच्चियों के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। वह बालिका गृह एक एनजीओ चलाता है, लेकिन उसे राज्य की नीतीश सरकार से 34 लाख रुपये सालाना उस गृह के रखरखाव और बच्चियों पर खर्च करने के लिए मिलते हैं। उसमें उन बच्चियों को रखा जाता है, जो अपने मां-बाप से बिछुड़कर सड़कों या रेलवे स्टेशनों पर भटकती हुई पुलिस को मिलती हैं। उनके मां- बाप को उन्हें सौंपने तक उन बच्चियों को पुलिस मुजफ्फरपुर की कथित बालिका गृह जैसे संस्थानों को सुपुर्द कर देती है। कहने को तो सामाजिक कार्यों में लगे लोग उस तरह के अस्थाई शेल्टर होम चलाते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में पैसे सरकार के ही खर्च होते हैं।

सूबाई नेताओं की अखिल भारतीय महत्वाकांक्षा

राहुल की राह आसान नहीं
अनिल जैन - 2018-08-02 10:38 UTC
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने यह कह कर सबको चैंका दिया था कि अगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलता है या वह सबसे बडी पार्टी बनकर उभरती है तो वे प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं। कांग्रेस कुछ नेता तो इस आशय का बयान पहले से ही देते आ रहे थे, लेकिन उन्हें कोई गंभीरता से नहीं ले रहा था। लेकिन राहुल के बयान की जहां नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी ने खिल्ली उडाई थी, वहीं कांग्रेस के ही कई संभावित सहयोगी दलों ने भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया जताई थी। इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से कहा जाता रहा कि राहुल ही प्रधानमंत्री होंगे।