अयोध्या और काशी पर बवाल भारत के लिए अशुभ
न्यायपालिका को ढाला जा रहा है आरएसएस के हिंदुत्व लक्ष्य के अनुरूप
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2025-10-04 11:28 UTC
यह विचित्र बात है कि अयोध्या और काशी मुद्दे फिर से उलझने लगे हैं। सर्वोच्च न्यायपालिका के आदेशों के कारण ये प्रश्न काफी समय से अधर में लटके रहे। कई लोगों के लिए, अयोध्या का फैसला एक पहेली था, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने जो आदेश दिया था उससे वास्तव में बाबरी मस्जिद को आपराधिक रूप से ध्वस्त करने वालों को उसके स्वामित्व से पुरस्कृत किया जाना था और जिससे राम मंदिर के निर्माण में मदद मिलनी थी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन करते हुए इस न्यायिक मान्यता को रेखांकित किया था। जाहिर है, इसके विपरीत, हमें स्पष्ट रूप से कहना था कि सर्वोच्च न्यायालय ने 'फैसला सुनाया है, न्याय नहीं'।