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भारत

कांग्रेस की आलोचना पर बीजेपी में छटपटाहट

बीजेपी का दावा गरीबों,किसानों व भूमिहीनों की चिंता की गयी है बजट में
एस एन वर्मा - 2014-07-11 13:42 UTC
नई दिल्ली। कांग्रेस की आम बजट पर तीखी प्रतिक्रिया से बीजेपी में तिलमिलाहट है। आम बजट की खूबियों की मीडिया में ढिंढोरा पीटने के बावजूद बीजेपी केा इस बात की तकलीफ है कि कांग्रेस ने इसे यूपीए सरकार के बजट का नकल बताया है तथा आलोचना में यहां तक कहा है कि इसमें किसानों ,गरीबों व भूमिहीनों की चिंता नहीं की गयी है।
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संसद का सामान्य कामकाज दांव पर

भाजपा को ज्यादा उदारता दिखानी होगी
कल्याणी शंकर - 2014-07-11 12:24 UTC
क्या 16वीं लोकसभा के ढंग से काम करने की गुजाइश है? पिछले सोमवार को संसद के सदन की जिस तरह से शुरुआत हुई, उससे तो यही लगता है कि इस लोकसभा का हश्र भी वहीं होगा, जो पिछली 15वीं लोकसभा का हुआ था। 15वीं लोकसभा में अधिकांश समय हंगामे होते रहे। कुछ सत्रों में तो कोई काम ही नहीं हुए। लगातार लोकसभा की कार्रवाई को स्थगित करता रहना पड़ा। अनेक गंभीर मसलों पर बहस तक नहीं हो सकी। अनेक महत्वपूर्ण विधेयक बिना बहस के ही पारित कर दिए गए। इस बार एक स्थिर सरकार सत्ता में आई है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार इतिहास नहीं दुहराया जाएगा और संसद अच्छी तरह काम करेगी।
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भाजपा ने पेश किया हसीन सपनों का बजट

विजय कुमार मधु - 2014-07-11 11:22 UTC
भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के मुख्यिा नरेन्द्र मोदी और उनके मुख्य सलाहकार अरूण जेटली ने आने वाले 'अच्छे दिनों' जिसका आश्वासन उन्होंने भारत की जनता को अपने चुनाव अभियान के दिनों में दिया था, उसके मद्देनजर 2014-15 का बजट हसीन सपनों के बजट के रूप में पेश किया है तथा आम बजट में अच्छे दिन आने का दावा किया है।
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बजट पूर्व आर्थिक समीक्षा

कैसे तेज होगी विकास की रफ्तार
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-07-10 12:06 UTC
बजट के पहले पेश किया गया आर्थिक सर्वेक्षण पिछले कुछ सालों की नीची विकास दर को रेखांकित करता है और चालू वित्तीय वर्ष के लिए एक बेहतर विकास दर की उम्मीद जताता है। पर वह यह नहीं बताता कि यह कैसे संभव हो पाएगा।
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मोदी सरकार का पहला रेल बजट, उम्मीदों पर पानी फिरा

उपेन्द्र प्रसाद - 2014-07-09 12:40 UTC
नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव अभियान में लोगों की उम्मीदें बहुत बढ़ा दी थी। लोग उन्हें एक ऐसा सुपरमैन समझने लगे थे, जो देश की सारी समस्याओं को मिटा देंगे। पर मोदी सरकार के पहला रेल बजट लोगों की उन उम्मीदों को पूरा नहीं करता, जो उन्होंने नई सरकार के गठन के साथ ही पाल रखी है।
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पश्चिम बंगाल में गुंडे मचा रहे हैं उत्पात

तृणमूल के खिलाफ बढ़ रहा है जन असंतोष
आशीष बिश्वास - 2014-07-08 11:16 UTC
कोलकाताः ऐसा आमतौर पर नहीं होता है कि लोग अपराध के खिलाफ भीड़ की हिंसा को पसंद करते है, उसका उद्देश्य भले ही त्वरित न्याय करना हो।
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कांग्रेस की फिर वापसी संभव है

पार्टी नेतृत्व को सुधरना होगा
हरिहर स्वरूप - 2014-07-07 12:11 UTC
कांग्रेस हारी तो है, लेकिन यह कहना गलत होगा कि वह समाप्त हो रही है। उसके इतिहास में इसके पहले भी अनेक ऐसे मौके आए, जब उसके विरोधी और कुछ विश्लेषक कहने लग गए थे कि अब वह समाप्त हो रही है, लेकिन हमेशा वे विश्लेषक गलत ही साबित हुए।
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कांग्रेस में आत्ममंथन का दौर

सही कह रहे हैं ए के एंटोनी
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-07-05 10:35 UTC
लोकसभा में मिली अप्रत्याशित हार के बाद कांग्रेस में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है, हालांकि यह औरचारिक रूप से नहीं हो रहा है। कांग्रेस के नेता आपस में इस पर चर्चा करते हैं। दूसरों से भी चर्चा करते हैं और कभी कभी अपने विचारों को सार्वजनिक भी कर डालते हैं। हार के बाद राहुल गांधी पर दबे स्वर में हमले होने लगे थे, लेकिन वे हमले जूनियर नेता कर रहे थे। कांग्रेस की परंपरा के अनुरूप वे बाद में लीपापोती भी करने लगते थे। पर कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने जो सार्वजनिक बयान दे डाले हैं, उनसे पता चलता है कि कांग्रेस की नीतियों को ही नहीं, बल्कि उसके नेतृत्व को भी चुनौती मिलने लगी है। पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटोनी ने कांग्रेसी ब्रांड के सेकुलरिज्म को पार्टी की हार के लिए एक बड़ा कारण बता दिया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों से संबंधित कांग्रेस की जो नीति रही है, उससे अब देश का एक बड़ा वर्ग इत्तफाक नहीं रखता।
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कांग्रेस का नेतृत्व संकट

राहुल गांधी पर उठ रहे हैं सवाल
कल्याणी शंकर - 2014-07-04 13:50 UTC
कांग्रेस के सामने एक भारी नेतृत्व संकट पैदा हो गया है। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही नेतृत्व के खिलाफ फुसफुसाहट शुरू हो गई थी, लेकिन समय के साथ साथ आवाज तेज होती जा रही है। ए के एंटोनी और दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी अब खुले में अपना असंतोष जाहिर करने लगे हैं। निजी बातचीत में अपना असंतोष जाहिर करने वाले कांग्रेसियों की संख्या तो बहुत ज्यादा है। पार्टी अब उस असंतोष की उपेक्षा नहीं कर सकती, क्योंकि असंतुष्ट लोग जो कह रहे हैं, उनमें दम है।

भारत में संचार विस्फोट

यह देश को बना भी सकता है और नष्ट भी कर सकता है
नन्तू बनर्जी - 2014-07-03 11:38 UTC
भारत का संचार विस्फोट देश को बना भी सकता है और यह उसकी बर्बादी का कारण भी बन सकता है। यह भारत की विकास दर को दहाई अंकों में ले जा सकता है। यह कठिन हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। इसके कारण भारत दुनिया में अपने आपको एक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बना सकता है। इसमें उसे 3 से 5 साल तक लग सकता है।
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