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भारतीय निर्वाचन आयोग एवं रूसी संघ कल एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे

विशेष संवाददाता - 2010-12-20 17:46 UTC
नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग और रूसी संघ के केन्द्रीय निर्वाचन आयोग 21 दिसम्बर, 2010 को नई दिल्ली में चुनावों के क्षेत्र में पारस्परिक समझ एवं सहयोग पर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।

कानकुन जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन के निहितार्थ

सुरेश प्रकाश अवस्‍थी - 2010-12-19 05:31 UTC
मेक्‍सिको के कानकुन शहर में दो सप्‍ताह तक चले जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन में तीखे मतभेदों के बावजूद अंतत: एक सर्वमान्‍य समझौता हो ही गया। संयुक्‍त राष्‍ट्र के तत्‍वाधान में हाल ही में सम्‍पन्‍न हुए इस समझौते का लाभ भारत जैसे विकासशील देशों को किस प्रकार और किस सीमा तक मिल सकता है, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। कानकुन सम्‍मेलन के दौरान वास्‍तव में विकासशील देशों की घेराबंदी करने की ही कोशिश हुई है। यह ठीक है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर इस समझौते को आगे की दिशा में एक सार्थक और सकारात्‍मक कदम कहा जा सकता है। कोपेनहेगन के अनुभव के कारण यह आशंका व्‍यक्‍त की जा रही थी कि कानकुन में भी कोई नतीजा नहीं निकलेगा, लेकिन संतोष की बात है कि सम्‍मेलन की समाप्‍ति एक आम सहमति के साथ हुई।

भारत और इटली सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर करेंगे

विशेष संवाददाता - 2010-12-16 11:33 UTC
भारत और इटली सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में द्विपक्षीय तकनीकी सहयोग बढ़ाने एवं भारत में राजमार्ग क्षेत्र में इतालवी अवसंरचना कंपनियों की अधिक भागीदारी के लिए एक सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर करने को सहमत हुए हैं।
भारत-बांगलादेश

राजनीति पर अर्थनीति की विजय

भारत को बांगलादेश ने ट्रांजिट अधिकार दिए
आशीष बिश्वास - 2010-12-16 11:12 UTC
कोलकाताः आखिरकार बांग्लादेश भारत को ट्रांजिट अधिकार देने पर सहमत हो ही गया। राजनीति के कारण वह भारत को इस सुविधा से वंचित कर रहा था, लेकिन इसके कारण उसको भारी वित्तीय नुकसान हो रहा था। जब उसे अहसास हुआ कि राजनैतिक कारणों से भारत को परिवहन के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देने से उसे भारी नुकसान हो रहा है, तो उसने आखिरकार अपनी नीति में बदलाव कर ही लिया।

बांग्लादेश भारत के प्रति उदार नहीं

पर भारत से वह रियायतें चाहता है
आशीष बिश्वास - 2010-11-28 16:43 UTC
कोलकाताः बांग्लादेश नेपाल और भूटान से रोड के मार्फत जुड़ना चाहता है और इसके लिए भारत की सड़कों का इस्तेमाल करना चाहता है। इसका प्रस्ताव उसने भारतीय अघिकारियों के समक्ष पेश कर रखा है। पर दूसरी और वह खुद भारत को इस तरह की सुविधा नहीं देना चाहता।

अल कायदा के कमजोर होने के अमेरिकी दावों पर मत जाइए

सच पहले के समान ही भयावह है
अवधेश कुमार - 2010-11-08 18:23 UTC
आतंकवाद के मामले पर अमेरिका की ओर से जो बयान या सूचनाएं सामने आ रहीं हैं उनसे राहत की बजाय चिंता ज्यादा बढ़ती हैं। अमेरिका ने हाल में जेहादी आतंकवाद के मुख्य प्रेरक संगठन ओसामा बिन लादेन के नेतृत्व वाले अल कायदा के बारे में अपना जो आकलन दिया है उसका मुख्य स्वर तो यही है कि सघन कार्रवाई के कारण वह कमजोर हुआ है। किंतु इसमें ही ऐसे तथ्य हैं जिनसे उसके व्यापक विस्तार का पता चलता है।

शहंशाह-ए-शतक

कैलाश धूलिया - 2010-08-09 12:58 UTC
सचिन और कीर्तिमान, इन दोनों में मानो चोली दामन का साथ है। सचिन कितने कीर्तिमान बना चुके हैं, यह याद रखना अब कठिन हो चला है। वे जब भी मैदान पर उतरते हैं कोई न कोई कीर्तिमान या तो बनता है या फिर टूटता है। गत् 26 जुलाई को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे मैच की पहली पारी में जब सचिन ने सैकड़ा बनाया तो वह टैस्ट मैचों में शतकों का अर्धशतक बनाने की ओर एक कदम और बढ़ गए। यह उनका 48वां शतक था। अब वे शतकों के अर्धशतक से मात्र दो कदम पीछे हैं। इस वर्ष उन्हें अभी काफी मैच खेलने हैं और उम्मीद की जाती है कि वे 2010 में ही इस कीर्तिमान को भी स्थापित कर देंगे। वे एकदिवसीय मैचों में भी सर्वाधिक 46 शतक बना चुके हैं और शीघ्र ही यह अर्धशतक भी पूरा होगा। हो सकता है कि इससे पहले शतकों का शतक पूरा हो जाए।
राष्ट्रमंडल खेल

महान देश का महान खिलाड़ी—कलमाडी

कैलाश धूलिया - 2010-08-09 12:54 UTC
कॉमनवेल्थ खेलों की आड़ में खेले जा रहे खेल की असलियत अब सामने आने लगी है। अभी तो खेल होने में लगभग तीन माह बाकी हैं और उससे पहले ही घोटालों की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। खेल अभी खेले भी नहीं गये और पारितोषिक के रूप में करोड़ों के वारे न्यारे हो गए। दिल थाम के बैठिए यह पारितोषिक अरबों में पहुंचनेवाला है। अधिकतर लोगों का मानना है कि देश में बड़े खेल आयोजन होने से देश में बाहर का पैसा आता है, देश के बुनियादी ढांचे का विकास होता है, दुनिया में देश का नाम रोशन होता है.... ये तीनों बातें अपनी जगह ठीक हैं। देश में बाहर से खूब पैसा आया है, बुनियादी ढांचे का विकास— बनने के साथ ही उखड़ती टाइलें, रिसते स्टेडियम और न जाने क्या... बेहतरीन ढंग से हो रहा है। रही बात देश के नाम रोशन की, वह तो हो ही रहा है। खेलों से पहले देश दुनियाभर में चर्चा में आ गया है। वैसे भी खेल खत्म होने के बाद कौन-सा चर्चा में आ जाता। पदकों के लिए हम तरसते ही रहते हैं अगर इस बार भी तरस गए तो कौन-सी आफत आ जाएगी।

बांग्लादेश भारत से अनाज खरीदेगा

आशीष बिश्वास - 2010-07-30 12:17 UTC
कोलकाताः ढाका स्थित सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश आने वाले दिनों में भारत से चावल और गेहूं की खरीद करेगा।

पाकिस्तान ने सार्क पुलिस का प्रस्ताव रखा

सदस्य देशों में इस प्रस्ताव पर मतभेद
आशीष बिश्वास - 2010-07-27 12:32 UTC
कोलकाताः आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, और देह व्यापार के रैकेट जैसे अपराधों को रोकने के लिए दक्षिण एशियाई देशों का संगठन एक साझा पुलिय बल तैयार करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।