संसद ठप करने की लग रही है होड़
कानून नहीं बनने से विकास पर असर
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2013-04-26 16:08 UTC
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए पिछले फरवरी महीने में सांसदों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा था कि मुझे पता है कि एक ऐसे भारत का उदय हो रहा है जिसकी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और ज्यादा अवसर और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की जरूरत है। यहां सुरक्षा को बेहतर बनाने की भी जरूरत है। उनका यह कहना बिलकुल सही था, पर देश की बढ़ती आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए हम जो कानून बनाने हैं, वह तभी संभव होगा, जब संसद का कामकाज सही तरीके से चल सके। पर आज रोज के रोज संसद के कामकाम में व्यावधान पैदा हो रहे हैं और कानून बनने के इंतजार में अनेक विधेयक संसद के सामने पड़े हुए है। सच कहा जाय तो ऐसे विधेयकों की भीड़ वहां लगी हुई है। उनके पारित होकर कानून नहीं बनने से देश का विकास बाधित हो रहा है।