शाहरुख प्रकरण की सीख
भावनाओं पर काबू हो तो शरारती तत्व लाभ नहीं उठा पाएंगे
- 2013-02-02 18:14 UTCशाहरुख खान के जीवन से किसे रश्क नहीं होगा। एक आम थियेटर कलाकार से भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार तक का उनका सफर वर्तमान समय के युवाओं के अंदर भी वैसा ही करने और बनने की प्रेरणा देता है। उनके हाव-भाव, पहनावा, बोलचाल...को अपनाने की ललक युवाओं के बड़े वर्ग के अंदर है। उनकी बातंें मीडिया तक की सुर्खियां बनतीं हैं। वे जहां जाते हैं भीड़ उनके ईर्द-गिर्द खड़ी हो जाती है। आज के समय में कौन होगा जो ऐसा जीवन नहीं चाहेगा। हर दृष्टि से शाहरुख को शत-प्रतिशत सफल जीवन का पर्याय माना जाता है। ऐसा व्यक्ति अगर कुछ अनपेक्षित बोलता है तो इसकी प्रतिक्रिया भी उसी रूप में होती है।