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त्रिपुरा चुनाव के नतीजे

वाम मोर्चा की लगातार पांचवीं जीत
बरुण दास गुप्ता - 2013-03-07 17:04 UTC
कोलकाताः हार की सभी भविष्यवाणियों को गलत साबित करते हुए सीपीएम ने त्रिपुरा चुनाव में फिर एक बार शानदार जीत हासिल की। यह उसकी लगातार पांचवीं जीत है। कांग्रेस हार से स्तब्ध है। उसने अपनी जीत तय मान रखी थी। उसे लग रहा था कि वामदलों का अंतिम गढ़ वह फतह कर डालेगी। जब मतगणना के शुरुआती रुझान सामने आ रहे थे और सीपीएम आगे चल रही थी, उस समय भी कांग्रेस के नेता यह कह रहे थे कि गिनती समाप्त होते होते पासा उसके हाथ मे आ जाएगा। वे किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे, पर कोई चमत्कार हुआ नहीं। मुख्यमंत्री माणिक सरकार शांत होकर सबकुछ देख रहे थे। उन्हें अपनी जीत पर पूरा भरोसा था, क्योंकि वे यह मान रहे थे कि लोग उनके साथ हैं। अंत में उनके भरोसे और विश्वास की ही जीत हुई।

कुंडा कांड से उठते सवाल

सांप्रदायिक नजरिए से डीएसपी की मौत को क्यों देखें?
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-03-06 13:08 UTC
उत्तर प्रदेश के कुंडा की घटना जिसमें एक डीएसपी की हत्या हुई और जिसके बाद राजा भैया को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, कोई अभूतपूर्व घटना नहीं है। देश की सबसे अधिक आबादी वाला प्रदेश अरसे से आपराधिकरण, भ्रष्टाचार, जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति का शिकार हो गया है और उस स्थिति से निकलने का फिलहाल कोई संकेत भी नहीं मिल रहा है। डीएसपी की हत्या और उसके बाद की घटनाओं में सबकुछ यानी जातिवाद, सांप्रायिकता, अपराधीकरण और भ्रष्टाचार एक साथ दिखाई पड़ रहे हैं।

मोगा उपचुनाव में अकाली दल की जीत

दलबदल की राजनीति अभी भी पंजाब में हावी है
बी के चम - 2013-03-05 17:17 UTC
चंडीगढ़ः कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनमें राजनीति को ही बदल देने की क्षमता होती है। कुछ घटनाएं लोगों के बदलते मूड को दिखाती हैं। मोगा विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव के नतीजे कुछ इसी तरह की एक घटना है।

आम बजट ने भी केरल को निराश किया

चिदंबरम ने बंसल का अनुकरण किया
पी श्रीकुमारन - 2013-03-04 13:28 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल के लिए यह दोहरा झटका है। पहले रेल बजट ने केरल को निराश किया था। उसके बाद आम बजट ने भी उसकी रही सही आशाओं पर पानी फेर दिया।

परिवारवाद की गिरफ्त में उत्तर प्रदेश भाजपा

पुराने दिग्गज को कर दिया गया उपेक्षित
प्रदीप कपूर - 2013-03-02 19:00 UTC
लखनऊः जब लोकसभा के चुनाव बहुत नजदीक दिख रहे हैं, वैसे समय में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष एलके वाजपेयी द्वारा गठित की गई प्रदेश कार्यकारिणी की नई टीम ने पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ा कर दी हैं।

काले धन के खिलाफ अभियान की उपेक्षा

व्यापार और उद्योग के लिए बजट में कुछ भी नहीं
नन्तू बनर्जी - 2013-03-01 14:12 UTC
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने वादे को निभाया। उन्होंने चुनावी बजट पेश नहीं किया और कुछ लेने व कुछ देने की प्रवृति से बजट को मुक्त रखा। ऐसा करके उन्होंने समाज के सभी तबकों को नाखुश कर दिया। आम आदमी भी इस बजट से नाखुश है तो देश के सबसे अमीर तबके के लोग भी इससे खुश नहीं हैं। सच तो यह है कि जिस राजकोषीय रस्सी पर वह चल रहे थे, उसके ऊपर चलते हुए वे कोई जोखिम नहीं उठा सकते थे। चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की बदहाली ने उनके काम को और भी कठिन कर दिया था।

एक सहमा हुआ बजट

कोई जोखिम नहीं लेना चाहते चिदंबरम
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-02-28 10:47 UTC
केन्द्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने इस साल पेश किए गए बजट में देश के किसी तबके को न तो खुशी मनाने का मौका दिया है और न ही गम करने का। बजट निर्माण के समय वे अमीरो पर ज्यादा टैक्स लगाने की बात जरूर रहे थे और तब लग रहा था कि शायद चुनावी बजट होने के कारण वे आम लोगों की बाहबाही लूटने के लिए कुछ खास योजनाएं लेकर आएंगे और उन्हें कुछ खास रियायतें भी देंगे और उसके लिए कोष उपलब्ध करने के अमीरों पर टैक्स का भार बढ़ा देंगे, पर उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया।

एक निस्तेज रेल बजट

चुनावी दबाव में बंसल के बंधे हाथ
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-02-26 11:07 UTC
पवन कुमार बंसल द्वारा पेश किया गया रेल बजट यदि निस्तेज दिखाई पड़ रहा है, तो इसका एक कारण भारतीय रेल की अपनी अंदरूनी दुर्दशा है और दूसरा कारण आने वाले महीनों और साल में होने वाले विधानसभा और लोकसभा के चुनाव। श्री बंसल के पास देश के लोगों यानी रेल यात्रियों के पास देने के लिए कुछ भी नहीं था, क्योंकि रेल की माली हालत खराब है और यह घाटे में चल रही है। खुद रेल मंत्री का अनुमान है कि 13वीं पंचवर्षीय योजना में रेल का आपरेटिंग घाटा 25 हजार 6 सौ करोड़ होगा।

आंतकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में देरी न करे सरकार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र को दिए कर्इ सुझाव
एस एन वर्मा - 2013-02-22 13:05 UTC
नर्इ दिल्ली। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा में बसपा नेत्री मायावती ने आज हैदराबाद बम विस्फोट कांड पर बोलते हुए केंद्र सरकार को कर्इ नसीहतें दी। केंद्र सरकार को चेताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवार्इ करने में वह देर न करे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को दलगत राजनीति से उपर उठकर आंतकी संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। खुफिया तंत्रों की सूचनाओं के आदान प्रदान पर बोलते हुए मायावती ने केंद्र सरकार को राज्यों से ज्यादा जिम्मेवारी उठाने का सुझाव दिया।

भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जेपीसी की बात

सरकार की चालाकी भरी चाल
नंतू बनर्जी - 2013-02-22 13:04 UTC
कांग्रेस के नेताओं को इस बात का श्रेय मिलना ही चाहिए कि एक अल्पसंख्यक सरकार चलाते हुए भी वे अपनी मनमानी कर ही लेते हैं और सरकार भी बचा लेते हैं। इस बार जब हेलिकाप्टर घोटाले का मामला सामने आया है, तो इसे भी वे बहुत ही चालाकी के साथ निपटाने में लग गए हैं। उनके शातिर दिमाग की ही उपज है कि वे इस घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति ( जेपीसी) के गठन की बात कर रहे हैं।