भारत
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों के जरिए समावेशी विकास
- 2010-08-27 11:17 UTCनिर्माण, रोजगार और निर्यात के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम महत्वपूर्ण योगदान करते हैं । परिमाण के संदर्भ में अनुमान है कि देश में कुल उत्पादन में इसकी 45 प्रतिशत और कुल निर्यातों में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है । 2006-07 के संदर्भ वर्ष में एमएसएमई के चौथे अखिल भारतीय गणना के त्वरित अनुमानों के अनुसार उपक्रमों की कुल संख्या लगभग 26 मिलियन थी, और लगभग 60 मिलियन लोगों को रोजगार प्राप्त था। एमएसएमई क्षेत्र का पूंजी अनुपात और आमूल वृध्दि बड़े उद्योगों से काफी ऊंची है। एमएसएमई की भौगोलिक पृष्ठभूमि भी समान है । अत: एमएसएमई राष्ट्र के सम्मान और समावेशी उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण है ।