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भारत

जनसँख्या वृद्धि की समस्या और जनसँख्या वृद्धि दर पर लगाम में असफलता

डा. अतुल कुमार - 2011-04-11 19:07 UTC
राजनेता केवल गद्दीनशीं होने के लिए जानना चाहते हैं कहाँ कितनी संख्या में कौन से लोग रहते हैं और किस भाषण या झूठे वादे से उनसे वोट खीचें जा सकते हैं। वहीं सौकड़ों शोधकत्र्ताओं और दार्शनिको ने जनसँख्या वृद्धि के कारणों के बारे में अपने दृष्टिकोण दिये हैं जैसे कि निरक्षरता, मनोरंज़न के साधनों का अभाव, दृढ इच्छा-शक्ति का न होना, परिवार-नियोज़न के साधनों के बारे में चेतना का अभाव प्रमुख कारण है। समाज को इसके नियंत्रण पर जागरूक होना होगा। अब हर देशवासी को अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा और जनसंख्या नियंत्रण में सहयोग देना होगा।

समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

बसपा और भाजपा इस मामले में पिछड़ गई
प्रदीप कपूर - 2011-04-11 19:01 UTC
लखनऊः विधानसभा आमचुनाव अभी दूर है, पर समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। उसकी पहली सूची में 165 उम्मीदवार हैं। इस तरह से समाजवादी पार्टी और उसके प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य में अपनी प्रतिद्वंद्वी बसपा, भाजपा, कांग्रेस और रालोद पर इस मायने में अपनी बढ़त हासिल कर ली है।
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अन्ना की भूख हड़ताल के सबक

भ्रष्टाचार को हल्के ढग से न ले सरकार
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-04-10 18:18 UTC
अन्ना हजारे के आमरण अनशन के दौरान देश भर में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से तेज आंदोलन हुए, उसे देखकर कम से कम अब तो केन्द्र सरकार और खासकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नींद टूट जानी चाहिए। केन्द्र सरकार ने अन्ना की शुरुआती मांगों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है।
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पुदुचेरी में कांग्रेस- डीएमके गठबंधन को बढ़त हासिल

अन्ना डीएमके का अभियान तेज होना अभी भी बाकी
कल्याणी शंकर - 2011-04-08 12:09 UTC
तमिलनाडु के पास स्थित पुदुचेरी में हो रहे विधानसभा चुनाव को राष्ट्रीय मीडिया में बहुत कम जगह मिल रही है। देश के 4 राज्यों की विधानसभाओं के साथ इस केन्द्र शासित प्रदेश में भी विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। यहां की राजनीति तमिलनाडु की राजनीति से मिलती जुलती है। पास साल पहले हुआ विधानसभा के चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी।
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अन्ना का आमरण अनशन कांग्रेस के लिए बना टेंशन

13 मई तक समिति का गठन, विधेयक मेश होगा मानसून सत्र में
एस एन वर्मा - 2011-04-08 11:54 UTC
नई दिल्ली। लोकपाल बिल के मसौदा को तैयार करने के लिए बनाई जाने वाली संयुक्त समिति कि गठन को लेकर सरकार और अन्ना हजारे के रुख से जनता सांसत में है। अन्ना भूख हड़ताल पर हैं और राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव प्रचार पर।भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता जागने लगी है।
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अन्ना हजारे का आंदोलन

मनमोहन सिंह को साहस दिखाना चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-04-07 20:21 UTC
भ्रष्ट नहीं होना एक बात है और भ्रष्टाचार का विरोधी होना दूसरी बात है। भ्रष्टाचार के मसले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जो रवैया अपना रखा है उससे यही लगता है कि खुद भ्रष्ट नहीं होते हुए भी वे भ्रष्टाचार के विरोधी नहीं हैं। अन्यथा क्या कारण है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कानून बनाने के अन्ना हजारे के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख नहीं दिखा रहे हैं? पिछले 5 अप्रैल को आमरण अनशन पर श्री हजारे एकाएक दिल्ली आकर बैठ नहीं गए, बल्कि उन्होंने उसके पहले प्रधानमंत्री को सार्थक लोकपाल विधेयक तैयार करने की कई बार अपील की, पर हमेशा उन्होंने अन्ना को निराश किया। अंत में अन्ना को अनशन का गांधीवादी रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
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नियमों को ताख पर रख कर किया गया था कुशाभाउ ठाकरे ट्रस्ट की जमीन का आवंटन

एस एन वर्मा - 2011-04-06 17:46 UTC
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आवंटन के नियमों की धज्जियां उड़ा कर कुशाभाउ ठाकरे ट्स्ट को जमीन का आवंटन किया गया था।उच्चतम न्यायालय द्वारा इस जमीन का आवंटन रद्द कर दिए जाने के बाद जो बातें खुल कर सामने आई है,उससे पता चलता है कि सत्ता में रहते हुए कोई भी पार्टी किस हद तक जनता की संपति केा हथियाने का षडयंत्र कर सकती है।भष्टाचार के आरोपों के कारण कांग्रेस में कोहराम मचा हुआ है। कांग्रेस ने मौके का लाभ उठाते हुए आज मध्यप्रदेश सरकार की इस करतूत की निंदा करते हुए बीजेपी को देश की जनता से माफी मांगने को कहा है।

क्या केरल में कमल खिल पाएगा?

भाजपा नेताओं का यही कहना है
पी श्रीकुमारन - 2011-04-06 10:31 UTC
तिरुअनतपुरमः अगले 13 अप्रैल को हो रहे चुनाव में क्या केरल में इस बार भाजपा अपना खाता खोल पाएगी? केरल के राजनैतिक पंडितों को तो इसमें संदेह है, पर भाजपा नेताओं को लगता है कि दक्षिण भारत के इस राज्य में इस बार उन्हें जरूर कुछ सीटें मिलेंगी।
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समाजवादी पार्टी मायावती की मुख्य प्रतिद्वन्द्वी

मुलायम ने मायावती को जेल भेजने का वायदा किया
प्रदीप कपूर - 2011-04-05 09:31 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की आहटें सुनाई पड़ रही हें और उसी के साथ सत्ता के लिए संधर्ष तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी सत्तारूढ़ बसपा के सामने मुख्य राजनैतिक शक्ति के रूप में उभर चुकी है। भाजपा और कांग्रेस राज्य की राजनीति में हाशिए पर पहुंच गई हैं और यह साफ हो गया है कि जब भी विधानसभा चुनाव हो असली मुकाबला सपा और बसपा के बीच ही होगी।

केरल: एलडीएफ का चुनाव प्रचार जोरों पर

विजयन और अच्युतानंदन के संयुक्त प्रचार से सत्तारूढ़ मोर्चे की उम्मीदें बढ़ी
पी श्रीकुमारन - 2011-04-04 15:32 UTC
तिरुअनंतपुरमः इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि चुनाव प्रचार के मोर्चे पर सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने कांग्रेस के नतृत्व वाले यूडीएफ पर बढ़त हासिल कर ली है। जब एलडीएफ अपने चुनाव अभियान का पहला चरण पूरा कर रहा था, उस समय तक यूडीएफ अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने के लिए संधर्ष कर रहा था। यूडीएफ के घटकों के बीच तो सीटांे क बंटवारे क लिए घमासान मच ही रहा था, घटक पार्टियों के अंदर भी टिकट पाने के लिए मारामारी हो रही थी। पर इस तरह की समस्या एलडीएफ के सामने नहीं थी। उसके घटकों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई खास जिच सामने नहीं आई और उम्मीदवारों के तय करने में भी किसी प्रकार की कोई बड़ी समस्या नहीं आई। सिर्फ मुख्यमंत्री अच्युतानंदन की उम्मीदवारी को लेकर संशय जरूर बना रहा। पहले उन्हें टिकट से वंचित किया गया और बाद में उन्हें टिकट दे दिया गया।
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