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शिबू सोरेन के बाद झामुमो

आसान नहीं है वंशवाद को बढ़ाना
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-05-01 10:56 UTC
झारखंड की राजनीति में वर्तमान अस्थिरता का एक कारण झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता द्वारा अपने पुत्र हेमंत शोरेन को अपना राजनैतिक उत्तराघिकार देना है। हेमंत भी उत्तराधिकार पाने में जल्दबाजी दिखा रहे हैं। उनके लिए आदर्श स्थिति तो यह होती कि वे खुद मुख्यमंत्री बनते, लेकिन उनकी पार्टी को बहुमत नहीं हासिल है और भाजपा की सहमति के बिना वे मुख्यमंत्री बन ही नहीं सकते थे। उनकी समस्या यह है कि पार्टी के अंदर के अनेक नेता उन्हें अपना नेता मानने को तैयार नहीं हैं।

बजट और आम आदमी

वेद प्रकाश अरोड़ा - 2010-04-30 10:27 UTC
बजट सरकार की आमदनी और खर्चों का बहीखाता ही नहीं होता, वह सरकार की आर्थिक नीतियों, सुधारों और राहों के कांटों-कठिनाइयों को हटाकर सुखद समाधान प्रस्तुत करने की दूर दृष्टि और भावी नीतियां तथा कार्यक्रम भी अपने दामन में लिए रहता है। कह सकते हैं कि वह विगत कल की उपलब्धियों, कमियों, वर्तमान की चुनौतियों और आगत कल के सुनहरी सपनों-संकल्पनाओं को आकार देने के प्रयासों का दर्पण भी होता है। इसमें कोई सन्देह नहीं कि 2009-2010 का वित्तीय वर्ष भारत की तेज उभरती अर्थव्यवस्था के लिए विकट चुनौतियों का वर्ष रहा। ये चुनौतियां इसलिए अधिक गंभीर थी क्योंकि सारा विश्व भयंकर वित्तीय संकट के भंवर में फंसा हुआ था। लगभग सभी महाद्वीप अमरीका से पसरी घोरमंदी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उत्पन्न महंगाई की मार झेल रहे थे। ई दंश से दो-चार होना पड़ रहा था। परिणाम यह हुआ कि तीन वर्षों की लगातार नौ-प्रतिशत की औसत विकास दर के बाद 2008-09 में यह घटकर 6.7 प्रतिशत रह गई।

37,916 करोड़ रूपए की महाराष्ट्र की वार्षिक योजना 2010-11 को मंजूरी

विशेष संवाददाता - 2010-04-30 10:18 UTC
नयी दिल्ली: महाराष्ट्र की वार्षिक योजना 2010-11 को आज यहां योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री अशोक चव्हाण की बैठक में मंजूरी दी गई। राज्य की सालाना योजना कुल 37,916 करोड़ रूपए की है।

कांग्रेस, एनसीपी और आइपीएल विवाद

दोनो दलों ने समझ से काम लिया
कल्याणी शंकर - 2010-04-30 10:01 UTC
आइपीएल विवाद के बीच कांग्रेस और एनसीपी के संबंधों में तल्खी आ गई थी और लगने लगा था कि इस विवाद के कारण दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते कुछ ज्यादा ही खराब हो जाएंगे। लेकिन दोनो पार्टियों के नेताओं ने समझ दिखाई और विवाद कोई अप्रिय आयाम नहीं ले सका। शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल दोनो सरकार में सुरक्षित हैं और मनमोहन सिंह की सरकार भी सुरक्षित है।

झारखंड: संकट में सोरेन सरकार

उपेन्द्र प्रसाद - 2010-04-29 09:56 UTC
शीबू सोरेन की सरकार संकट में है। तीसरी बार मुख्यमंत्री बने श्री सोरेन ने दावा किया था कि वे इस बार 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, पर 4 महीने मे ही उसकी सरकार गिरती नजर बा रही है। हांलांकि इसके लिए इसबार वे खुद ही जिम्मेदार हैं। भारतीय जनता पार्टी के साथ राज्य में सत्ता की भागीदारी करते करते उन्होंने केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार का समर्थन कर डाला। यह नैतिक ही नहीं, बल्कि राजनैतिक रूप से भी गलत है।
भारत

केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक लाख मेगावॉट की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त कर लेने का लक्ष्य बनाया

विशेष संवाददाता - 2010-04-28 10:26 UTC
नयी दिल्ली: उर्जा मंत्री श्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा है कि उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाली और सस्ती बिजली मुहैया कराने की कोशिश की जानी चाहिए। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आज राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन का उद््घाटन करते हुए उन्होंने कहा केंद्र और राज्योंकेंद्र शासित प्रदेशों को ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए संयुक्त भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा 'अत्यंत जटिल मुद्दों से हम कैसे निपटते हैं, यह इस बात पर निर्भर है कि हम कितना मिलकर काम करते हैं।'

भारत में कार्बन उत्सर्जन का प्रभाव

कल्पना पालखीवाला - 2010-04-28 10:18 UTC
कार्बन उत्सर्जन की वजह से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों में ग्रीमकाल में अत्यधिक गर्मी तो सर्दी में अत्यधिक सर्दी, मानूसन में बदलाव, जमीन पर तापमान में परिवर्तन, समुद्र के स्तर में वृद्धि तथा हिमनदों के पिघलने जैसे कई तत्व शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन से कृषि और खाद्य उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना रहती है तथा संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।
भारत

कटौती प्रस्ताव और विपक्षी एकता

तीसरा मोर्चा एक छलावा है
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-04-28 10:11 UTC
मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल सरकार और देश के लिए कतई अच्ठा नहीं कहा जा सकता। देश में महंगाई ने पुराने सारे रिकार्ड एस साल तोड़ डाले। जब थोक मूल्य सूचकांकों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर शून्य से भी नीचे थी, तब भी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही थीं और उन वस्तुओं में मुद्रास्फीति 20 फीसदी के आसपास थी। कीमतों को बढ़ाने में सरकार भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही थी। प्रशासनिक आदेशों द्वारा कीमतें तो बढ़ ही रही थीं, कीमतों को बढ़ने से रोकने की जिम्मेदारी रखने वाले खाद्य मंत्री अपने बयानों से भी कीमतों को बढ़ाने का काम कर रहे थे। बार बार पिछले सान मानसून के विफल होने को मह्रगाई का कारण बताया जा रहा था। कभी कहा जा रहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतें बढ़ी हुई हैं, इसलिए हमारा देश कैसे अछूता रह सकता।

कैंसर रोगियों के लिए रेल भाड़े में शत प्रतिशत छूट

विशेष संवाददाता - 2010-04-27 09:46 UTC
नई दिल्ली: रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी के बजटीय भाषण 2010‑11 के अनुरूप रेल मंत्रालय ने 3 एसी और शयनयान में कैंसर रोगियों को किराये में प्राप्त होने वालीे मौजूदा 75/ छूट को बढा़कर शत प्रतिशत करने का निर्णय किया है। बहरहाल, उनके साथ यात्रा करने वाले सेवक सहयात्री को किराये में प्राप्त होने वाली 75/ छूट को बरकरार रखा गया है। यह निर्णय 20 अप्रैल 2010 से प्रभावी हो गया है।

कश्मीरी समाज में कुछ आशावादी बदलाव

आतंकवादियों की घुसपैठ अभी भी चिता का सबब
बी के चम - 2010-04-27 09:41 UTC
कश्मीर में कुछ ऐसे बदलाव आ रहे हैं, जिनसे आशावाद की किरण निकलती है। वहां के माहौल में आए बदलाव का ही यह नतीजा है कि अब पर्यटकों की बड़ी संख्या वहां दिखाई पड़ रही है। बॉलीवुड फिल्मांे की शूटिंग भी वहां होने लगी है। और रात के मनोरंजन फिर शुरू हो गए हैं। गौरतलब है कि आतंकवादियों के डर के कारण देर रात का सिनेता शो बंद हो या था। पर्यटकों ने वहां जाना बंद कर दिया था और सिनेमा की शूटिंग तो इतिहास की चीज बन गई थी।
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