कविगुरू रबीन्द्रनाथ ठाकुर
- 2010-06-03 11:59 UTCकविगुरु रबीन्द्रनाथ ठाकुर ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी जन्मभूमि बंगाल में शुरूआती सफलता प्राप्त की । वह साहित्य की सभी विधाओं में सफल रहे किन्तु सर्वप्रथम वह एक महान कवि थे । अपनी कुछ कविताओं के अनुवादों के साथ वह पश्चिमी देशों में भी प्रसिद्ध हो गए । कविताओं की अपनी पचास और अत्यधिक लोकप्रिय पुस्तकों में से मानसी (1890)/(द आइडियल वन), सोनार तरी(1894) (द गोल्डेन बोट) और गीतांजलि (1910) जिस पुस्तक के लिये उन्हें वर्ष 1913 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।