Skip to main content

View Articles

संसद की रिपोर्टिंग में लगे ‘कथित’ पत्रकारों से है लोकतंत्र को खतरा!

निशिकान्त - 2010-03-28 09:33 UTC
नई दिल्ली: राजनीति की तरह मीडिया संस्थानों की भी प्रतिष्ठा खतरे में है, खासकर संसद में रिपोर्टिंग करने वाले कथित पत्रकारों के समूह से न केवल पत्रकारिता को खतरा है बल्कि संसद की सुरक्षा में भी सेंध लगने की संभावना बनी रहती है।

शत्रुघ्न सिन्हा का विद्रोह

आखिर क्या चाहते हैं बिहारी बाबू
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-03-28 09:20 UTC
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के नेत्त्व को फिलहाल सबसे ज्यादा चुनौती बिहार से मिल रही है। बिहार से मिल रही चुनौती का सामना करने के लिए उन्होंने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का विस्तार तक कर डाला और बिहार से दो अतिरिक्त सदस्य उसमें शामिल कर डाले, लेकिन बिहार से चुनौतियां मिलना जारी है। पटना साहिब के सांसद और वरिष्ठ पार्टी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने तो उन्हें पार्टी से निकाल देने की चुनौती तक दे डाली है।

बाबा रामदेव का राजनैतिक हनीमून

क्या सफल हो पाएंगे योगगुरू
कल्याणी शंकर - 2010-03-28 09:16 UTC
योगगुरू बाबा रामदेव ने राजनीति में प्रवेश की औपचारिक घोषणा कर दी है। उन्होंने अपनी पार्टी का नामकरण भी कर लिया है। उनकी पार्टी होगी- भारत स्वाभिमान पार्टी। संक्षेप में इसे भी मायावती की बहुजन समाज पार्टी की तरह बीएसपी कहा जा सकता है। सवाल उठता है कि क्या बाबा रामदेव राजनीति में सफल हो पाएंगे या राजनीति में आकर कुछ कर दिखाने का ख्वाब पालने वाले अन्य बाबाओं के हश्र का सामना उन्हें भी करना होगा।

तकनीक के साथ अब प्रबंधन का भी पाठ पढ़ाएगा एन.आइ.टी.टी.टी.आर.

इस साल प्रवेश परीक्षा संस्थान स्तर पर ही आयोजित करनी पड़ेगी
राजु कुमार - 2010-03-28 09:11 UTC
पिछले तीस सालों से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए अपनी पहचान रखने वाला राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.टी.आर.), भोपाल अब प्रबंधकीय शिक्षा यानी एम.बी.ए. का कोर्स चलाने की तैयारी कर चुका है। अब सिर्फ इंतजार है अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् से मान्यता की।

मायावती केन्द्र के साथ मुठभेड़ की मुद्रा में

विपक्ष ने माला प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की
प्रदीप कपूर - 2010-03-28 09:04 UTC
लखनऊः मुख्यमंत्री मायावती एक तरफ कांग्रेस के साथ, तो दूसरी तरफ केन्द्र की यूपीए सरकार के साथ टकराव की राजनीति की ओर बढ़ रही है। रुपयों की माला के लिए हो रही आलाचना और उस पर आयकर विभाग की जांच के बाद रुपयों की दूसरी माला पहनकर मुख्यमंत्री ने यह संकेत दे दिया है कि वह आलोचनाओं से डरने वाली नहीं हैं।

एसआईटी से कौन डरता है

इसे टालना मोदी के लिए आसान नहीं होगा
अमूल्य गांगुली - 2010-03-28 03:14 UTC
जब भाजपा के नेता वोट पाने के लिए दंगा भड़काते हैं, तो उस समय वे भूल जाते हैं कि उन्हें उसकी कीमत भी कभी चुकानी पड़ सकती है। जब वे उसके लिए कानूनी फंदे मे फंसने लगते हैं और जांच के लिए बुलावा आता है, तो वे बगलें झांकने लगते हैं। नरेन्द्र मोदी आज यही कर रहे हैं। बाबरी मस्जिद विध्वंस की जा्रच कर रहे लिब्राहन आयोग ने जब लालकृष्ण आडवाणी को समन जारी किया था, तो उन्होंने भी वैसा ही किया था। पहले तो वे कमीशन के सामने हाजिर होने में टाल मटोल करते रहे और जब वहां हाजिर हुए तो भाषणबाजी शुरू कर दी।

महंगाई के खिलाफ बीजेपी ने अभी तक जुटाए ढाई करोड़ हस्ताक्षर

एस एन वर्मा - 2010-03-23 03:14 UTC
नई दिल्ली। बीजेपी ने महंगाई के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की अपनी तैयारी के तहत अभीतक ढाई करोड़ हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। बीजेपी 21 अप्रैल को दिल्ली में विशाल प्रदर्शन करने वाली है। इसके लिए वह सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चला रही है। उसका लक्ष्य पांच करोड़ से भी ज्यादा हस्ताक्षर एकत्र करना है जिसे वह 21 अप्रैल केा राष्ट्पति को सौंपा जाएगा और मनमोहन सरकार से इस्तीफा मांगा जाएगा। उस दिन मूल्यवृद्धि के विरोध में 10 लाख से भी अधिक लोग संसद की ओर कूच करेंगे।

करोड़ी माला की माया

समाज के समग्र क्षरण का प्रतीक
अवधेश कुमार - 2010-03-22 10:14 UTC
आप चाहे उन्हे मालावती कह दीजिए, या फिर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय ंिसंह उन्हें दलित की नहीं दौलत की बेटी कहें, बसपा सार्वजनिक तौर पर इससे प्रभावित है तो इस रूप में कि उसने नोटों की एक माला पर मचे हंगामे के बाद यह घोषणा कर दी कि अब हर जगह बहन जी को नोटों की माला ही पहनाई जाएगी। संसद मंे हंगामे के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच कराने की घोषणा की प्रतिक्रिया में अगले ही दिन पार्टी सांसदों एवं विधायकों की बैठक में मायावती को घोषित 16 लाख रुपए के हजारी नोटों की माला प पहना दी गई।

नितिन गडकरी की नई टीम

बिहार के भाजपा नेताओं की बगावत
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-03-20 12:14 UTC
नई दिल्लीः अपनी टीम के गठन पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को असंतोष का जो सामना करना पड़ा है, उससे यही पता चलता है कि आने वाले दिन भाजपा के नए अध्यक्ष के लिए बहुत सुकून देने वाले नहीं हैं। नई ठीम को पार्टी प्रवक्ता भले ही बहुत संतुलित बताएं, लेकिन इस टीम से पार्टी में कोई जोश का शायद ही संचार हुआ हो।

जरूरी है सरकार विपक्ष तक पहुंचे

टकराव नहीं, आम सहमति, इस मंत्र होना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2010-03-19 10:13 UTC
यह विडंबना ही है कि यूपीए सरकार के बहुमत होने के बाद भी वाम दलं और दक्षिणपंथी पार्टियां यूपीए सरकार के संचालन में बाधा पैदा कर रही हैं। जब यूपीए के दूसरे कार्यकाल की सरकार का गठन किया गया था, तो यह उस समय कमजोर नहीं थी।, विपक्ष भी हतोत्साहित और विभाजित था। कांग्रेस को सरकार का दूसरा कार्यकाल पाकर खुशी हो रही थी। देश के लोग राहत की सांस ले रहे थे कि अगले पांच वर्षों के लिए एक स्थिर सरकार बनी है। इन सब के बावजूद सरकार ने इस बजट सत्र में खुद के अस्थिर होने की छवि बना डाली है। वह इसलिए हुआ है क्योंकि यह सरकार सहयोगी दलों को विश्वास में लेकर चल नहीं रही है और न ही यह विपक्ष के साथ तालमेल बना रही है।
Collapse/expand modules below