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पहली वर्षगांठ पर यूपीए 2 की ठिठक

सरकार को अब भी उपलब्धियों की तलाश है
अमूल्य गांगुली - 2010-03-18 11:00 UTC
परमाणु दायित्व बिल को संसद में पेश कर पाने में असफल मनमोहन सिंह सरकार के एक साल पूरे होने को हैं। ताजा घटना से पता चलता है कि सरकार के साथ सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। एक साल पूरा होने पर उसके खाते में उपलब्धियां दिखाने को शायद ही कुछ खास है। राज्य सभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने पर वह कुछ संतोष कर सकती है, लेकिन उसके बाद के घटनाक्रम से पता चलता है कि प्रस्तावित कानून के खिलाफ की जा रही आपत्ति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए, यादव तिकड़ी के सामने प्रणव मुखर्जी की स्वीकार करना पड़ा कि केन्द्र सरकार सर्वदलीय बैठक के लिए तैयार है।

महिला आरक्षण से संसदीय प्रणाली को नुकसान

मुलायम ने की विधेयक में बदलाव की मांग
प्रदीप कपूर - 2010-03-17 08:33 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि महिला आरक्षण विधेयक के मौजूदा स्वरूप में देश की संसदीय प्रणाली को नुकसान होगा।

लोकसभा में पेश होने के पहले ही परमाणु दायित्व विधेयक का विरोध शुरू

एस एन वर्मा - 2010-03-15 13:14 UTC
नई दिल्ली। भारत अमेरिका परमाणु करार को ले कर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई रार की याद एकबार फिर ताजा हो गयी है।वामपंथियों का अंदेशा था कि इस परमाणु करार के पीछे अमेरिका का भारत को अपने पंजे में जकड़ लेना है, कमोवेश सही साबित हो रहा है।
भारत

कांग्रेस का नरेगा कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार का आरोप

दबाव में मायावती ने तीसरे पक्ष जांच की सहमति दी
प्रदीप कपूर - 2010-03-15 03:14 UTC
लखनऊः कांग्रेस ने बसपा सरकार पर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोलना शुरू किया है।
भारत

चील-कौवों की सामूहिक मौत की जांच का आदेश, नये संकट का अंदेशा

ज्ञान पाठक - 2010-03-14 03:14 UTC
रांची। यहाँ झारखण्ड की राजधानी वाले शहर की चिरौंदी नामक स्थान के निकट वृन्दावन कालोनी से सटे भारम पहाड़ के पास कल सुबह चील और गिद्ध के साथ कौंवों की हुई सामूहिक मौत पर झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.के. सिंह ने मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एस.के शर्मा को जांच का आदेश दिया है।
भारत

क्या हकीकत बन पाएगा महिला आरक्षण?

असली विरोध तो अब शुरू हुआ है
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-03-13 09:14 UTC
महिला आरक्षण विधेयक को असली विरोध का सामना राज्य सभा से पारित होने के बाद करना पड़ रहा है। उसके पहले जो विराध हो रहा था, वह सतही था। इसके असली विरोधी चुपचाल तमाशा देख रहे थे और चाह रहे थे कि वह सतही विरोध की विधेयक पर भारी पड़ जाए और वह हकीकत नहीं अन पाए। पिछड़ों और मुसलमानों के हितों की दुहाई की आड़ में आरक्षण विरोधी अपने हित को साधने की फिराक मे थे। लेकिन जिस तरह से उस सतही विरोध को दरकिनार कर राज्य सभा से उस विधेयक को पारित कर दिया गया, उसी तरह से उसे लोकसभा में पारित किया जा सकता है। इस डर के बाद इस आरक्षण विधेयक का असली विरोध शुरू हो गया है। इसके साथ की महिला आरक्षण विधेयक को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

2010-11 बजट और अवसंरचना

आर. के सुधामन - 2010-03-13 06:51 UTC
यदि भारत को नौ प्रतिशत या उससे अधिक की उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल करनी है तो अवसरंचना कमी एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर तत्काल ध्यान दिये जाने की जरूरत है। यदि कोई यह कहता है कि 2010-11 के बजट में इस बाधा को दूर करने का ईमानदारी से प्रयास किया गया है तो यह गलत नहीं होगा।

बजट ने विकास, इक्विटी और सुधारों के लिए नये मानक स्थापित किए

एस.सेतुरमण - 2010-03-13 06:40 UTC
केन्द्रीय बजट 2010-11 भारत की अर्थव्यवस्था को फिर से विकास की पटरी पर लाने में उल्लेखनीय स्थिति का सूचक है। इससे सरकार वैश्विक संकट से निपटने के लिए पहले किए गए प्रेरक उपायों के जरिए उबर सकेगी। इससे विकास की सर्वनिहित प्रक्रियाओं को और बढा़वा मिलेगा और इसके साथ-साथ देश समयबद्ध वित्तीय मजबूती की ओर अग्रसर हो सकेगा। बजट में निहित व्यावहारिकता से विश्व स्तर पर बढत़ी हुई अर्थव्यवस्था के रूप में भारत को प्राप्त हो रही प्रतिष्ठा को और बढा़वा मिलेगा और निवेशकों के लिए नये मार्ग प्रशस्त होंगे।

केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए सुरक्षा आयोग गठित

विशेष संवाददाता - 2010-03-13 06:14 UTC
नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए इस महीने की शुरूआत में ही केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए एक सुरक्षा आयोग का गठन किया है।

महिला आरक्षण विधेयक: असली परीक्षा तो अभी बाकी है

कल्याणी शंकर - 2010-03-13 05:58 UTC
यदि कम्युनिस्ट नेता गीता मुखर्जी आज जिंदा होतीं, तो वह बहुत ही खुश होतीं। राज्य सभा से महिला विधेयक के पास होने के बाद उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता। संयुक्त मोर्चे की सरकार के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर बनी स्थार्इ्र समिति की वह सदस्य थीं। जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध हो रहा था, तो उन्होंने अपनी आंखों में आंसू भरकर विरोधियों से अनुरोध किया था कि वे इसका विरोध न करें।
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