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राजनीति पंजाब में अब एक बड़ा धंधा है

बीर के मामले ने बादल को बेनकाब किया
बी के चम - 2010-04-21 10:35 UTC
चंडीगढ़ः पंजाब के एक आई ए एस अधिकारी ने समय से पहले रिटायर होने का आवेदन किया है। यह अघ्किारी 1989 बैच का है और उसकी सेवा का कान अभी बहुत बचा हुआ है। फिर भी वह और इस सेवा में बना नहीं रहना चाहता।

भारत की नदियों में प्रदूषण

विशेष संवाददाता - 2010-04-21 07:50 UTC
पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण के कारण प्रमुख नदियों में प्रदूषण का बोझ बढ ग़या है। सिंचाई, पीने के लिए, बिजली तथा अन्य उद्देश्यों के लिए पानी के अंधाधुंध इस्तेमाल से चुनौती काफी बढ ग़यी है।

आइपीएल का भविष्य

क्या भ्रष्टाचार की पूरी जांच हो भी पाएगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-04-21 07:25 UTC
नई दिल्लीः वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद को बताया कि आइपीएल में भ्रष्टाचार के सभी पहलुओं की जांच शुरू हो गई है। उनके पहले लगभग सभी दलों के नेताओं ने आइपीएल पर सवाल खड़े किए थे। जनता दल (यू ) के अध्यक्ष शरद यादव ने तो आइपीएल पर ही प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी थी। राजद के अध्यक्ष लालू यादव ने उसके केन्द्र सरकार द्वारा अधिग्हित करने की मांग की थी।

सर्वखाप महापंचायतें या लकीर के फकीर

कुमार अमिताभ - 2010-04-20 07:22 UTC
महाभारत का एक नया अध्याय कुरूक्षेत्र की भूमि पर रचने की शुरूआत सर्वखाप पंचायत से हो चुकी है। जाति आधरित 36 खाप पंचायतों की 13 अप्रैल 2010 के दिन हुई बैठक में मांजे गए तेवर व मिजाज ने सामंती ही नहीं और पीछे जाएं तो कबीलाई मानसिकता के सिर उठाने का पूरा खुला मंजर दिखाया है। आदमी का मालिक बनने की आदमी की आदिम तमन्ना फुंकार मारती सी लगी। जाति-धर्म की दीवारें अभी ढहनी भी नहीं शुरू हुई कि गोत्र आधारित दीवारों को अलंघ्य बनाने के सरअंजाम जुटा दिए गए हैं। इतना कि आदमी की हत्या भी सरेआम मात्र सगोत्रीय विवाह पर जायज करार दिया जाए। फिर तो समतामूलक सभ्य समाज की कल्पना भी मुश्किल है।

थरूर के बाद अब ललित मोदी की बारी

आइपीएल से जुड़े हैं कुछ और मंत्रियों के भी तार
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-04-19 08:40 UTC
नई दिल्लीः शशि थरूर की मनमोहन सरकार से बिदाई के बाद अब ललित मोदी के खिलाफ आयकर विभाग का अभियान तेज हो जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार श्री मोदी पर आयकर विभाग की नजर बहुत पहले से है और थरूर प्रकरण के पहले ही आयकर विभाग ने उनके खिलाफ काफी सामग्री हासिल कर रखी है।

मोबाइल फोनों के जरिए बुनियादी वित्तीय सेवाएं : सरकार द्वारा स्वीकृत

विशेष संवाददाता - 2010-04-17 08:44 UTC
गरीबों का सशक्तीकरण सरकार का प्रमुख विकास कार्यक्रम है। सशक्तीकरण का एक वास्तविक तरीका है-- गरीबों को इतना सक्षम बनाना कि वे अपने बैंक खाते के जरिए लेन-देन कर सकें। विभिन्न सरकारी कल्याण कार्यक्रमों का मुख्य ध्येय है कि गरीबों को नकद धन की प्राप्ति हो सके। हाल में, लाखों गरीब लोगों के हाथों में मोबाइल सेटों को पहुंचाकर शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों के गरीब लोगों के सशक्तीकरण की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम उठाया गया है।

उल्फा से बातचीत की पृष्ठभूमि हो रही है तैयार

संप्रभुता शब्द पर संशय
बरुण दास गुप्ता - 2010-04-17 08:33 UTC
कोलकाताः पूर्वात्तर के असम की उल्फा समस्या के हल के लिए बातचीत की पृष्ठीाूमि तैयार हो रही है। बातचीत को संभव बनाने में प्रदीप गोगोय और मथिंगा दायमारी की टाडा अदालत द्वारा दी गई जमानत काम आ रही है। इससे वातावरण बेहतर बना है।

सहाफत के एस एन वर्मा मातृश्री अवार्ड के लिए चयनित

गुलाब सिंह भाटी - 2010-04-17 03:14 UTC
नई दिल्ली। मातृ श्री मीडिया अवार्ड कमेटी ने 34वें मातृ श्री पुरस्कारों की घोषणा कर दी है।कला के क्षेत्र में अमिताभ,अभिषेक बच्चन अभिनीत फिल्म पा को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म घोषित किया गया है।मीडिया पुरस्कारों के लिए सहाफत उर्दू दैनिक ग्रुप के एस एन वर्मा समेत कई और पत्रकारों के नाम चयनित किए गए हैं। ये पुरस्कार 25 अप्रैल को रशियन कल्चरल सेंटर के सिनेमा सभागार में दिए जाएंगे।

एक बार फिर तीसरा मोर्चा

कांग्रेस के लिए मुश्किलों भरा समय
कल्याणी शंकर - 2010-04-16 08:42 UTC
बजट सत्र विराम के बाद फिर शुरू हो गया है। विराम के पहले वाले दौर में विपक्ष महगाई के मसले पर केन्दग सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा था। तब महिला आरक्षण विधेयक को आगे करके केन्द्र सरकार ने विपक्ष की एकता में संेध लगा दी। महिला आरक्षण विधेयक राज्य सभा से पारित हो चुका है और लोकसभा से पारित होना अभी बाकी है। विपक्षी एकता तोड़ने के लिए इस सत्र में अब इसका इस्तेमाल नहीं हो पाएगाण् क्योंकि खुद यूपीए इस पर अब विभाजित दिखाई दे रही है। इस सत्र में शायद इसे लोकसभा में विचार के लिए लाया ही नहीं जाय।

शशि थरूर का आइपीएल प्रकरण

मनमोहन सिंह कब करेंगे कार्रवाई?
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-04-16 08:39 UTC
नई दिल्लीः मनमोहन सिंह की सरकार में शशि थरूर नाम के एक ऐसे मंत्री भी हैं, जो हमेशा विवादों में घिरे रहते है। उन्हें विवादों में कोई और नहीं घसीटता, बल्कि वे खुद विवाद पैदा करते हैं। आमतौर पर राजननीतिज्ञ अपने असुविधाजनक सार्वजनिक बयानों का ठीकरा पत्रकारो पर फोड़ता है और कहता है पत्रकारों ने उसकी बात को तोड़ मरोड़ कर जारी किया अथवा संदर्भ बदलकर उसकी बातों को रखा।