भारत
कल्याण के नाम पर सरकार द्वारा धन उगाही, पर खर्च सिर्फ 28 प्रतिशत
- 2010-02-19 12:40 UTCनई दिल्ली: भारत के नेताओं और अधिकारियों का एक पसंदीदा मनोरंजन है जनता के लिए कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करना क्योंकि यह राजनीतिक रुप से भी फायदेमंद होता है और आर्थिक रुप से भी। इसके नाम पर जनता से कर और सेस वसूलकर हजारों करोड़ इकट्ठा किये जाते है। लेकिन जब जनकल्याण पर इसे खर्च करने की बारी आती है तो उन्हें बहुत तकलीफ होती है। उनकी इसी मनोदशा के कारण उगाही किये गये धन का एक मामले में मात्र 28 प्रतिशत खर्च किया गया है।