एसआईटी से कौन डरता है
इसे टालना मोदी के लिए आसान नहीं होगा
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2010-03-28 03:14 UTC
जब भाजपा के नेता वोट पाने के लिए दंगा भड़काते हैं, तो उस समय वे भूल जाते हैं कि उन्हें उसकी कीमत भी कभी चुकानी पड़ सकती है। जब वे उसके लिए कानूनी फंदे मे फंसने लगते हैं और जांच के लिए बुलावा आता है, तो वे बगलें झांकने लगते हैं। नरेन्द्र मोदी आज यही कर रहे हैं। बाबरी मस्जिद विध्वंस की जा्रच कर रहे लिब्राहन आयोग ने जब लालकृष्ण आडवाणी को समन जारी किया था, तो उन्होंने भी वैसा ही किया था। पहले तो वे कमीशन के सामने हाजिर होने में टाल मटोल करते रहे और जब वहां हाजिर हुए तो भाषणबाजी शुरू कर दी।