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भारत में शिक्षा : भविष्य के लिए एक नई परिकल्पना

कपिल सिब्बल - 2010-08-30 13:28 UTC
देश का मानव संसाधन विकास मंत्री होने के नाते यह सुनिश्चित करना मेरार् कत्ताव्य और दायित्व है कि हमारे बच्चे, मेरे मंत्रालय द्वारा शुरू किये जा रहे महत्वाकांक्षी शिक्षा सुधार कार्यक्रम के केंद्र में रहें। राष्ट्र के रूप में हम इस समय सामूहिक रूप से कुछ ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं जिससे हमारे बच्चे सशक्त बनेंगे और फिर उससे समूचा राष्ट्र सशक्त बनेगा। भविष्य की मेरी जो परिकल्पना है वह पूर्णतया बाल केन्द्रित शिक्षा प्रणाली की ही है। हम अतीत में ही नहीं बने रह सकते। हमें अपने आपको विश्वभर में हो रहे परिवर्तनों की प्रक्रिया के साथ कदम मिला कर चलना होगा। हमें अतीत से कुछ सबक लेकर उस पर वर्तमान का निर्माण करना है और हमारी वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ भावी अजन्मी पीढ़ी के भविष्य के लिए सुनहरे अवसरों का सृजन करना होगा।
भारत

आम जनता 20 पर उसके प्रतिनिधि 20 हजार पर काट रहे हैं दिन

कुमार अमिताभ - 2010-08-30 13:24 UTC
जिस देश की दो तिहाई से भी ज्यादा आबादी मात्र 20 रुपए प्रतिदिन पर गुजारा करती हो, लगभग आधी जनता गरीबी के चपेट में हो, वहीं के सांसद यानि जनप्रतिनिधि, नौकरशाहों और व्यावसायिक पदों की तुलना में वेतन बढ़वा लें तो वह किस वर्ग के प्रतिनिधि कहलाएंगे यह उन्हें स्पष्ट कर देना चाहिए। कम से कम जन के प्रतिनिधि वह कतई नहीं हो सकते हैं।
भारत

भगवा से इतना डर क्यों?

डा शंकर स्वरूप शर्मा - 2010-08-30 13:13 UTC
भारतीय सभ्यता और संस्कृति की ये सरकार कभी भी हिस्सेदार नहीं रहीं क्योंकि यह सरकार हमेशा ही तथाकथित धर्मनिरपेक्षता की सरकार मानी जाती रही है। इसके पीछे उनका फूटता अन्य धर्मों से प्रेम है जो कभी भी इस धरती को सुखचैन से जीने का हक न देने की जीवनभर की कसम खा रखी है। महात्मा गांघी का राम-रहीम का नारा केवल हिन्दू और मुस्लिम भाईयों को एक साथ लेकर हिन्दुस्तान को आजाद कराने का था लेकिन ब्रिटिश हूकूमत इस हक में नहीं थी कि भारत में कभी अमन-चैन कायम हो सके।
भारत

नेताओं के रवैये से देश में भ्रम की स्थिति

अवधेश कुमार - 2010-08-30 12:47 UTC
आर्थिक नीतियों के खिलाफ जारी आंदोलनों पर नेताओं के रवैये से देश में भ्रम की स्थिति बन रही है। उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों के आंदोलन का सत्तारुढ़ बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर सभी पार्टियों ने समर्थन किया है। राजधानी दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन एवं संसद घेराव का आयोजन केवल राष्ट्रीय लोकदल ने किया था, पर मुख्य दलों में कांग्रेस, सपा एवं बसपा को छोड़कर सभी पार्टियों के नेताओं ने शिरकत की। कांग्रेस केवल इसलिए उससे अलग रही, क्योंकि सरकार का नेतृत्व करते हुए वह संसद घेरने का समर्थन नहीं कर सकती थी।

भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) विधेयक 2010 से जन उत्पीड़न बढ़ने की आशंका

ओ.पी. पाल - 2010-08-30 12:19 UTC
देश में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को वह सभी अधिकार मिलने जा रहे हैं जो अभी तक इसके लिए मजिस्ट्रेट आदेश जारी करके वारंट जारी करते आ रहे हैं। मसलन कि अब बिना किसी वारंट के पुलिस अधिकारी किसी की भी गिरफ्तारी करने के लिए स्वतंत्र हो जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार के प्रस्तावित दंड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) विधेयक 2010 पर संसद ने अपनी मुहर लगा दी है। इस संशोधन पर कानून विशेषज्ञों और रणनीतिकारों का मानना है कि सीआरपीसी में इस संशोधन के बावजूद पुलिस में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं अधिक बढ़ जाएंगी।
भारत: सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार

पीआईबी ने बनाई अजीबोगरीब रणनीति, घातक हो सकता है प्रभाव

एम. वाई. सिद्दीकी - 2010-08-28 11:43 UTC
देश की भाषा और बोली में अपनी बात कहने की बजाय अंग्रेजी में अपना प्रचार कराना भारत सरकार को कितनी सफलता दिलाएगा यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन अपने परंपरागत स्रोतों को दरकिनार करते हुए निजी क्षेत्र की इवेंट कंपनियों को सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का ठेका, या तो बजट निपटाने का आधार बनेगा या फिर सरकार की विफलता का स्क्रिप्ट लिखेगा।
भारत: मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर

कई मंत्री बगावती मुद्रा में
एल एस हरदेनिया - 2010-08-28 11:36 UTC
भोपालः पिछले एक सप्ताह में ऐसी दो घ्टनाएं घटी हैं, जिनसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा को झटका लगा है। एक घटना का संबंध ऐतिहासिक मिंटो हाउस से है। मिंटो हाउस 4 दशकों तक राज्य की विधानसभा भवन के रूप में काम कर चुका है। उससे संबंधित एक सरकारी फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किए।
भारत

केन्द्रीय रोजगार गारंटी परिषद ने महात्मा गांधी नरेगा पर कार्य समूह की रिपोर्टों की समीक्षा की

विशेष संवाददाता - 2010-08-27 23:02 UTC
नई दिल्ली: केन्द्रीय रोजगार गारंटी परिषद ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री डॉ. सी.पी. जोशी की अध्यक्षता में आज यहां कृषि भवन में आयोजित अपनी बैठक में महात्मा गांधी नरेगा के अधीन प्रगति की समीक्षा की ।

दिल्ली में भी नहीं चलते आधे आंगनबाड़ी केन्द्र, 35 प्रति शत से ज्यादा बच्चे कुपोषण के शिकार

विशेष संवाददाता - 2010-08-27 11:34 UTC
नई दिल्ली: दिल्ली की झोपड़पट्टियों में जहां एक ओर 35 प्रति शत से ज्यादा बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, वहीं इस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भी आंगनबाड़ियों में से आधे नहीं चलते, देश के सुदूर क्षेत्रों में कितना बुरा हाल है इसकी तो बात ही छोड़िये। जो केन्द्र चल रहे हैं उनमें लगभग 10 लाख बच्चे जाते हैं। यदि सभी केन्द्र चालू हो जायें तो एक अनुमान के अनुसार 20 लाख से ज्यादा बच्चे आंगनबाड़ियों में जा सकते हैं जिनके बारे में समझा जाता है कि वे कुपोषण में जी रहे हैं।
भारत

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों के जरिए समावेशी विकास

पसूका - 2010-08-27 11:17 UTC
निर्माण, रोजगार और निर्यात के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम महत्वपूर्ण योगदान करते हैं । परिमाण के संदर्भ में अनुमान है कि देश में कुल उत्पादन में इसकी 45 प्रतिशत और कुल निर्यातों में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है । 2006-07 के संदर्भ वर्ष में एमएसएमई के चौथे अखिल भारतीय गणना के त्वरित अनुमानों के अनुसार उपक्रमों की कुल संख्या लगभग 26 मिलियन थी, और लगभग 60 मिलियन लोगों को रोजगार प्राप्त था। एमएसएमई क्षेत्र का पूंजी अनुपात और आमूल वृध्दि बड़े उद्योगों से काफी ऊंची है। एमएसएमई की भौगोलिक पृष्ठभूमि भी समान है । अत: एमएसएमई राष्ट्र के सम्मान और समावेशी उद्देश्यों के लिए महत्वपूर्ण है ।