भारत में शिक्षा : भविष्य के लिए एक नई परिकल्पना
- 2010-08-30 13:28 UTCदेश का मानव संसाधन विकास मंत्री होने के नाते यह सुनिश्चित करना मेरार् कत्ताव्य और दायित्व है कि हमारे बच्चे, मेरे मंत्रालय द्वारा शुरू किये जा रहे महत्वाकांक्षी शिक्षा सुधार कार्यक्रम के केंद्र में रहें। राष्ट्र के रूप में हम इस समय सामूहिक रूप से कुछ ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं जिससे हमारे बच्चे सशक्त बनेंगे और फिर उससे समूचा राष्ट्र सशक्त बनेगा। भविष्य की मेरी जो परिकल्पना है वह पूर्णतया बाल केन्द्रित शिक्षा प्रणाली की ही है। हम अतीत में ही नहीं बने रह सकते। हमें अपने आपको विश्वभर में हो रहे परिवर्तनों की प्रक्रिया के साथ कदम मिला कर चलना होगा। हमें अतीत से कुछ सबक लेकर उस पर वर्तमान का निर्माण करना है और हमारी वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ भावी अजन्मी पीढ़ी के भविष्य के लिए सुनहरे अवसरों का सृजन करना होगा।