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भारत

जहाजरानी मंत्रालय ने प्रमुख बंदरगाहों के लिए नई नीति पर सुझाव मांगे

नई नीति को 30 दिन में अंतिम रूप दिया जाएगा
विशेष संवाददाता - 2010-08-26 13:20 UTC
नई दिल्ली: जहाजरानी मंत्रालय ने प्रमुख बंदरगाहों के लिए भू-नीति में संशोधन का प्रस्ताव किया है। प्रमुख बंदरगाहों के लिए भू-नीति -2010 के मसौदे को जहाजरानी मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, ताकि हितधारकों और आम जनता से प्रतिक्रिया और सुझाव लिये जा सके। इस संबंध में प्रतिक्रियाएं एवं सुझाव प्रतिक्रिया मिलने और उसके बाद उस पर विचार करने के उपरांत 30 दिन के भीतर इस नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
भारत

क्लोन से जन्मा भैंस का एक नर बछड़ा

विशेष संवाददाता - 2010-08-26 11:25 UTC
नई दिल्ली: राष्ट्रीय दुग्ध अनुसंधान संस्थान, एन.डी.आर.आई, करनाल ने क्लोन के माध्यम से भैंस के एक नर बछड़े का जन्म कराने में सफलता हासिल की। इस बछड़े का नाम 'श्रेष्ठ' रखा गया है।


नक्सलवाद के बाद शहरी आतंकवाद का खतरा

विशेष संवाददाता - 2010-08-26 09:46 UTC
अमेरिका के एक प्रमुख रणनीतिक थिंकटैंक ने चेतावनी दी है कि भारत में नक्सली आंदोलन अभी भले ही नियंत्रित लगता है, लेकिन नक्सली नेता और उसके बम निर्माता शहरी आतंकवाद के लिए रणनीति तैयार कर सकते हैं।

भारत में सक्रिय माओवादी हैं कौन और चाहते क्या हैं

विशेष संवाददाता - 2010-08-26 09:33 UTC
भारत में अतिवादी वामपंथी उग्रवाद 1960 के दशक में प्रारंभ हुआ जिनका मुख्य उद्देश्य सर्वहारा वर्ग को पूंजीवादियों के अन्याय और अत्याचार से मुक्ति दिलाना था। वैसे तो यही उद्देश्य सभी वामपंथियों का है लेकिन भारतीय वामपंथी राजनीतिक पार्टियों और अतिवादी वामपंथियों में फर्क महज इतना है कि सामान्य वामपंथी वर्तमान भारतीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते हुए ऐसा करना चाहते हैं जबकि अतिवादी वामपंथियों को इस राजनीतिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं है जिसके कारण वे सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से अपना उद्देश्य हासिल करना चाहते हैं।
भारत

सांसदों की वेतन वृद्धि

उसे सही साबित करना भी जरूरी
अमूल्य गांगुली - 2010-08-26 09:29 UTC
एक औसत भारतीय सांसदों की वेतन वृद्धि को यदि एक मजाक समझता है, तो उसका उचित कारण भी है। राजनीतिज्ञों ने अपनी छवि ही ऐसी बना ली है। जब से गांधी टोपी राष्ट्रभक्ति नहीं, बल्कि लूठ की प्रतीक बनी है, तभी से राजनीतिज्ञों के बारे में आम जनधारणा खराब हो गई है। पहले तो उनके ऊपर भ्रष्ट होने का ही आरोप लगता था, अब तो उन्हें अपराधी के रूप में भी देखा जाने लगा है।
भारत

अयोध्या के फैसले पर बढ़ रहा तनाव

राजनैतिक असर का सामना करने को पार्टियां तैयार
प्रदीप कपूर - 2010-08-25 11:30 UTC
लखनऊः अगले महीने अयोध्या की विवादित जमीन पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ बेच का फैसला आने वाला है। फैसले की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है राज्य में तनाव बढ़ता जा रहा है। राम मंदिर बनाम बाबरी मस्जिद विवाद से संबंघित आने वाले अदालती फैसले ने राजनैतिक पार्टियों को भी तनाव में डाल दिया है। राज्य की चारों महत्वपूर्ण पार्टिया अभी से अपने को उस फैसले के बाद वालर स्थिति से निपटने के लिए तैयार करने में जुट गई है।

हुसैन ने जानवरों के अस्पताल के लिए निःशुल्क पेंटिंग की

एस एन वर्मा - 2010-08-25 04:39 UTC
नई दिल्ली। दिल्ली के युसुफ सराय इलाके में जानवरों के लिए सुसज्जित अस्पताल खोलने के लिए जमा किए जा रहे कोष में योगदान के लिए सैयद हैदर रजा, मकबूल पिफदा हुसैन जैसे विश्व विख्यात चित्राकार के 40-40 मूल हस्ताक्षरों के साथ डिजाईन व चित्र जो गलीचों में उतारे गये हैं, बिक्री के लिए एक प्रर्दशनी में उपलब्ध होंगे। ये गलीचे फर्श पर बिछाने के लिए नही बल्कि दीवार पर लगाने के लिए है

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश के लिए भारत ने ताइवान केा दिया न्योता

एस एन वर्मा - 2010-08-24 02:02 UTC
नई दिल्ली। फुड प्रोसेंसिग सेक्टर में भारत ने ताइवान केा सीधे निवेश का प्रस्ताव दिया है। ताइवान ने भी फुड प्रोसेंसिंग इंडस्ट्रीज केा भारत में विकसित करने के प्रति उत्सुकता प्रकट की है।

राष्ट्रमंडल खेलों पर मानसून के बादल

उपेन्द्र प्रसाद - 2010-08-23 09:30 UTC
नई दिल्लीः राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अब समय बहुत ही कम बचे हैं, लेकिन इसकी तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हुई है। अंतिम समय में तैयारियों का काम तेज कर दिया गया है। सभी एजेंसियों ने अपनी सारी शक्ति इसमें झोंक दी है। केन्द्र सरकार ने इन तैयारियों पर नजर रखने के लिए केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी के नेतृत्व में एक समिति का भी गठन कर दिया है।

भारत

77 करोड़ में से महज पांच करोड़ की पहुंच संगठित खेल सुविधाओं तक

विशेष संवाददाता - 2010-08-21 11:57 UTC
खेल देश के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न पहलू है। खेल शिक्षा एवं मानव व्यक्तित्व के विकास का भी अखंड हिस्सा है। खेलों की संस्कृति को लोगों की जीवन शैली का हिस्सा बनाने के लिए खेलों के उपयुक्त बुनियादी ढंाचे की जरूरत है। देश में बच्चों, किशोरों और युवाओं की आबादी करीब 77 करोड़ है, इनमें से महज पांच करोड़ की पहुंच संगठित खेल सुविधाओं तक है और ये सुविधाएं भी शहरी इलाकों तक सीमित हैं। करीब 75 प्रतिशत आबादी, मोटे तौर पर ग्रामीण इलाकों में रहती है और खेल की बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। खेलों के बुनियादी ढांचे और सामुदायिक प्रशिक्षण सुविधाओं की गंभीर अनुपयुक्तता देश में खेलों के प्रोत्साहन और विकास की राह में बाधक है।