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अल्पसंख्यकों को रोजगार दे भारतीय कंपनियां: सलमान

एस एन वर्मा - 2010-08-14 02:42 UTC
नई दिल्ली। कंपनी तथा अल्पसंख्यक मामलों के कैबिनेट मंत्री सलमान खुर्शीद ने अल्पसंख्यकों तथा देश के कमजोर वर्गों केा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भारतीय कंपनियों को सकारात्मक कदम उठाने का आहवान किया है।

क्या है जम्मू और कश्मीर के बिगड़ते हालात के पीछे

मुख्यमंत्री उमर को युवाओं तक पहुंचना होगा
कल्याणी शंकर - 2010-08-13 09:17 UTC
जब 6 जनवरी 2009 को उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर का मुख्यमंत्री पद संभाला था तो उस समय उनसे बहुत अपेक्षाएं थी। वे राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री थे और जिस चुनाव के बाद उन्होंने वह पद संभाला था, उसमें भारी तादाद में लोगों ने हिस्सा लिया था। लेकिन डेढ़ साल के बाद अब लोग उनसे निराश हो रहे हैं।
वामंपथी उग्रवाद

बढ़ती नक्सली ताकत, बेहाल जनता और हतप्रभ सरकार

ज्ञान पाठक - 2010-08-12 12:59 UTC
यह सत्य है कि वामपंथी उग्रवाद, प्रशासनिक और राजनैतिक संस्थानों की अकर्मण्यता द्वारा सृजित माहौल में पनपा और फल-फूल रहा है। हिंसा-प्रतिहिंसा, बंद आदि के कारण जनता बेहाल हो गयी है और केन्द्र तथा राज्य सरकारें हतप्रभ सी जान पड़ती हैं। सरकारी कार्रवाई और योजनाएं अतिवादी वामपंथियों की ताकत के आगे कमजोर दिखायी दे रही हैं। कारण स्पष्ट है। जहां एक ओर माओवादी नक्सली शोषित वर्गों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं वहीं नेता, सरकार और संपन्न लोग गरीबों के प्रति अपनी शोषण और अन्यायपूर्ण नीतियों वाली प्रवृत्तियों के कारण अविश्वसनीय होते जा रहे हैं। आम लोग महसूस करते हैं कि उनके हितों के प्रति सरकारें और बड़े सम्पन्न लोग असंवेदनशील हैं।

पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद और अलगाववाद

गुत्थी सुलझाने में उलझी सरकार – समझौतों की अवधि समाप्ति के बाद क्या होगा
ज्ञान पाठक - 2010-08-12 12:52 UTC
पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्य - असम, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा - पहले से ही अलग-अलग भाषाओं, बोलियों और सामाजिक-आर्थिक पहचान के साथ 200 से अधिक जातीय दलों सहित एक जटिल सांस्कृतिक और जातीय स्थिति में थे जो विभिन्न आतंकवादी गुटों द्वारा की जा रही भिन्न-भिन्न तरह की मांगों के कारण और जटिल बनते चले गये। इसके अलावा बांग्लादेश, भूटान, चीन तथा म्यांमार से इसकी सीमाएं लगती हैं और इसकी अपनी तरह की सुरक्षा जटिलताएं हैं।
जम्मू और कश्मीर

हताहतों की घटती संख्या लेकिन आतंकवादी घुसपैठ में लगातार वृद्धि

ज्ञान पाठक - 2010-08-12 12:43 UTC
जम्मू और कश्मीर भारत का एक ऐसा राज्य है जिसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा तनाव बना रहा और दोनों देशों के बीच तीन युद्ध और अनगिनत झड़पें हो चुकी हैं। यहां आंतरिक सुरक्षा की स्थिति खराब होने का प्रमुख कारण पाकिस्तान की गतिविधियां है जो सीमा पार से संचालित होती हैं।
भारत

जाति जनगणना पर विवाद खत्म नहीं

बायोमेट्रिक फेज की गणना को जनगणना नहीं मानते शरद
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-08-12 12:35 UTC
नई दिल्लीः केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गठित मंत्रियों के समूह के जाति जनगणना के पक्ष में कथित फैसले ने जाति जनगणना के मामले को और भी उलझा दिया है। सूत्रों के हवाले से प्रकाशित खबरों के अनुसार जाति जनगणना होगी और यह लोगों के बायोमेट्रिक सैंपल इकट्ठा करने के समय में की जाएगी।

और बिगड़ सकती है भारत की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति

विशेष संवाददाता - 2010-08-11 12:48 UTC
नई दिल्ली। वैसे केन्द्र सरकार का दावा है कि देश के आन्तरिक सुरक्षा की स्थिति पिछले वर्ष काफी हद तक नियंत्रण में रही। लेकिन यदि देश भर के सभी क्षेत्रों पर नजर डालें तो स्पष्ट हो जाएगा कि सरकारी आंकड़ों के खेल के आधार पर ही ऐसा कहा जा रहा है जिसमें हताहतों की संख्या कम बतायी गयी है। सरकार की यह घोषणा सम्पूर्ण सच को नहीं बताती।

माओवादियों से संबंध को लेकर ममता को कोई पछतावा नहीं

पर शांति वार्ता को इससे मदद मिलेगी
अमूल्य गांगुली - 2010-08-11 12:44 UTC
ममता बनर्जी का माओवादियों के साथ संबंध कोई छिपी हुई बात नहीं है, इसलिए उस समय किसी को अचरज नहीं हुआ, जब रेलमंत्री ने माओवादियों के गढ़ में रैली करने की घोषणा की। वैसा करके उन्होंने एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की है। एक संदेश तो यह है कि राज्य में वामपंथी दलों को छोड़कर अन्य सभी राजनैतिक ताकतों को वह अपने साथ करने में सफल हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि इस समर्थन के कारण उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में काफी फायदा मिलेगा।
भारत

क्षेत्रीय दलीय नेताओं से जूझती यूपीए सरकार

विजय कुमार मधु - 2010-08-10 13:06 UTC
भारतीय राजनीति का ढांचा कुछ ऐसा हो गया है कि आज सभी दलों का वर्चस्व कायम हो गया है और इन दलों के नेताओं की क्षमता और बहुमत की बात कही जाए तो उसमें कुछ ही नेता अपने आपको जनता के सामने मुखर पाते हैं और अन्य केवल कागजी घोड़े बनते नज़र आ रहे है और अन्य रास्तों से अपनी क्षमता के अनुसार नहीं बल्कि पैसे के बल पर संसद की सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर हो चुके है। बिहार तथा उत्तर प्रदेश समेत उत्तरोपूर्व तथा दक्षिण में भी क्षेत्रीय दलों का बोलबाला हो चुका है। एक दल से कई दल निकल चुके है। करूणानीधि और जयललिता तमिल राजनीति की धूरी बनती जा रही है। करूणा नही ंतो जयललिता सही। जम्मू व कश्मीर में अब्दुला नहीं तो महबूबा ही सही। लेकिन कहीं कांग्रेस नहीं तो भाजपा ही सही और उत्तर प्रदेश में तो माया नहीं तो मुलायम ही सही वाली स्थिति बनती जा रही है।
भारत

भाजपा में गुटबंदी चरम पर

कार्यकारिणी की सूची पर असंतोष
प्रदीप कपूर - 2010-08-10 12:54 UTC
लखनऊः राज्य कार्यकारिणी की सूची जारी किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा में असंतोष कर स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने केन्द्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद सूची जारी की थी। उसे तैयार करते समय ध्यान रखा गया था कि उसमें पार्टी के सभी गुटों को प्रतिनिधित्व मिले। लेकिन यह काम आसान नहीं था और सूची के सामने आने के बाद इसके खिलाफ आवाज भी उठने लगी है।