लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर बहस के बहाने
खूब सेंकी गयीं वोट बैंक राजनीति की रोटियां
- 2009-12-09 12:04 UTCनई दिल्ली। दो दिनों तक लोकसभा में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर हुई हंगामेदार बहस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सभी पार्टियां वोट बैंक की राजनीति को सबसे ज्यादा महत्व देती है। लोकसभा में प्रश्नोत्तर काल तथा मंहगाई जैसे आम आदमी के मुद्दे पर जहां सांसदों की कम उपस्थिति थी वहीं लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर दो दिन तक चलने वाली बहस के समय लोकसभा सांसदों से खचाखच भड़ा था। राजनीतिक दलों में खूद को सेकुलर साबित करने की होड़ मची हुई थी।