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पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले भाजपा की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश

धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक ताकतों को इस चाल को नाकाम करने के लिए एकजुट होना चाहिए
डॉ. अरुण मित्रा - 2026-06-12 10:46 UTC
जैसे-जैसे 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य का राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए रणनीतियां बना रहे हैं और संभावित राजनीतिक गठबंधनों पर भी चर्चा शुरू हो गई है, हालांकि ये अभी शुरुआती दौर में हैं।

क्या टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी वर्तमान मुश्किल से उबर पाएंगी?

कई लड़ाइयों में लड़ने वाली ममता बनर्जी क्या बागियों से हार गई?
टी एन अशोक - 2026-06-11 10:33 UTC
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जिसे कभी भारत की सबसे मज़बूत क्षेत्रीय राजनीतिक मशीन माना जाता था, अपने 28 साल के इतिहास में सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। 2026 के पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनावों में पार्टी की ज़बरदस्त हार के बाद पार्टी के अन्दर जो नाराज़गी की आवाज़ों के तौर पर शुरू हुई थी, वह तेज़ी से पश्चिम बंगाल विधान सभा से लेकर नई दिल्ली में संसद के गलियारों तक फैली एक बड़ी अंदरूनी बगावत में बदल गई है।

उत्पादक मूल्य सूचकांक का स्वागत, पर थोक मूल्य सूचकांक हटाने की जरुरत नहीं

थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर मुद्रास्फीति पर नजर रखने के भी हैं लाभ
नन्तू बनर्जी - 2026-06-10 10:36 UTC
भारत सरकार ने आखिरकार थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) की तुलना में ज़्यादा भरोसेमंद मुद्रास्फीति निगरानी उपकरण के तौर पर उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) शुरू करने का फैसला किया है। हालांकि, अगले पांच सालों के बाद डब्ल्यूपीआई को पूरी तरह से हटाना शायद सही न हो। भारत जैसे देश में मुद्रस्फीति का अंदाज़ा लगाने के लिए थोक मूल्य के स्तर बहुत कीमती बने हुए हैं। उदाहरण के लिए, भारत में पेट्रोलियम और फार्मास्यूटिकल्स जैसी चीज़ों के घरेलू उत्पादक मूल्य का उनके बाजार मूल्य से बहुत कम सम्बंध होता है। कई देशों में केन्द्रीय बैंक इन दोनों सूचकांकों का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि लागत और उत्पादन मूल्य (जो फैक्टरियां देती हैं) में बदलाव आम तौर पर उपभोक्ता खुदरा मूल्य (जो आप देते हैं) में आते हैं, इसलिए अर्थशास्त्री इस आंकड़े का इस्तेमाल भविष्य के उपभोक्ता मुद्रास्फीति रूझान का अनुमान लगाने के लिए करते हैं।

अन्नामलाई तमिलनाडु में विजय का मुकाबला करने के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी बनाएंगे

प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष की नज़र 2029 के लोकसभा चुनावों में भूमिका निभाने पर
कल्याणी शंकर - 2026-06-09 11:12 UTC
तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई ने इस हफ़्ते अपने राजनीतिक भविष्य को आकार देने के लिए अहम कदम उठाए हैं। इनमें दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं से मिलना और पार्टी छोड़ने की घोषणा करना शामिल है। इसका मकसद उनकी राजनीतिक पहचान को मज़बूत करना और लोगों को उनकी बदलती रणनीति से जोड़े रखना है।

कॉकरोच विरोध प्रदर्शन युवाओं की चुनौती जिसे प्रधान मंत्री नजरअंदाज नहीं कर सकते

सरकार की संयमित प्रतिक्रिया ने प्रदर्शनकारियों को 'शहीद' बनने का मौका नहीं दिया
के रवींद्रन - 2026-06-08 10:05 UTC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने शायद खुद का भला ही किया कि उसने अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन को बिना किसी टकराव के आगे बढ़ने दिया। सरकार, जो अक्सर नरमी के बजाय सख्ती को प्राथमिकता देती रही थी, के लिए परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सोशल मीडिया से निकलकर सार्वजनिक मंच तक आए गुस्से को बढ़ने देना राजनीतिक रूप से समझदारी भरा फैसला था। इसने विरोध प्रदर्शन को तुरंत 'शहीद' बनने का मौका नहीं दिया, सड़कों पर तनाव कम किया और सत्ताधारी खेमे को यह संकेत देने का मौका दिया कि वह शोर-शराबे वाले विरोध से डरती नहीं है। लेकिन सरकार के लिए भीड़ की कम संख्या को यह मान लेना गलती होगी कि यह आंदोलन चुनावी रूप से नुकसान नहीं पहुंचाएगा या सामाजिक रूप से कमजोर है।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने चुनाव आयोग को दिए अत्यधिक अधिकार

चुनाव सुधार के लिए लोकतांत्रिक ताकतों को ज़ोरदार संघर्ष शुरू करना होगा
नीलोत्पल बसु - 2026-06-06 10:54 UTC
बिहार में चुनाव आयोग के एसआईआर आदेशों के खिलाफ याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि "आयोग को अपने संवैधानिक अधिकार के तहत नागरिकता की सीमित जांच करने का अधिकार है, ताकि वह मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता के बारे में खुद को संतुष्ट कर सके।" यह आदेश भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की बेंच ने दिया। शीर्ष अदालत ने माना कि चुनाव आयोग की शक्ति उसकी संवैधानिक ज़िम्मेदारी से आती है, जिसके तहत उसे सही मतदाता सूची बनाए रखनी होती है और यह सुनिश्चित करना होता है कि केवल योग्य व्यक्ति ही वोट देने के हकदार हों।

2026-27 में विकास दर में भारी गिरावट के साथ आ रही भारत की मुश्किलें

ओईसीडी आउटलुक के शुरुआती अनुमान के मुताबिक जीडीपी घटकर 6.3% हो जायेगी
डॉ. ज्ञान पाठक - 2026-06-05 10:39 UTC
3 जून, 2026 को जारी ओईसीडी आउटलुक के शुरुआती अनुमान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक GDP में 6.3% की वृद्धि होगी। यह दिसंबर 2025 में खत्म हुई तिमाही (2025–26) में रही 7.8% की मजबूत सालाना विकास दर, और उसके पिछली तिमाही के 8.4% के मुकाबले भारी गिरावट है। हालांकि, 2027-28 में जीडीपी विकास दर में मामूली सुधार के साथ इसके 6.4% तक पहुंचने की उम्मीद है।

नदियों के प्रदूषित होने से रोकने में कितना कामयाब है नमामि गंगे कार्यक्रम

एस एन वर्मा - 2026-06-05 03:54 UTC
भारत में मजबूत विधिक प्रावधानों के बावजूद कमजोर प्रवर्तन, खराब समन्वय और अपर्याप्त अवसंरचना के कारण नदी प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में नदियों और अन्य जल निकायों पर पानी की बढ़ती मांग के कारण गंगा नदी जैसे कई नदियों के जल की गुणवत्ता में गिरावट आई है। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव से स्थिति और भी गंभीर होने की आशंका है।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपने दम पर कर रहे विधानसभा चुनावों की तैयारी

राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच गठबंधन को लेकर अब तक कोई बातचीत नहीं
प्रदीप कपूर - 2026-06-04 10:51 UTC
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ चुनावी गठबंधन को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच किसी भी तरह की बातचीत न होने के चलते, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस 2027 के चुनावों के लिए सभी विधानसभा सीटों पर अपनी-अपनी तैयारियां कर रहे हैं। अब उत्तर प्रदेश में कोई भी इंडिया गठबंधन की बात नहीं करता।

बंगाल चुनाव नतीजे के एक महीने बाद भी राजनीतिक हिंसा जारी

एसआईआर चालबाजी के खिलाफ ममता की लड़ाई दूसरे राज्यों के लिए भी प्रासंगिक
टी एन अशोक - 2026-06-03 11:13 UTC
2026 के पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव पर भले ही धूल जम गई हो, लेकिन राजनीतिक लड़ाई और तेज़ हो गई है। हारी हुई पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी की ज़बरदस्त जीत की सच्चाई को शायद अब तक की सबसे बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भगवा पार्टी ने मतदाता सूची में हेराफेरी की, 177 चुनाव क्षेत्रों में वोटिंग में धांधली की, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम हैक किए, और अब विपक्ष से दलबदल कराने के लिए पुलिस के दबाव का इस्तेमाल कर रही है।