सर्वोच्च न्यायालय के परामर्शी विचार के दूरगामी असर होंगे
राष्ट्रपति द्वारा मांगी गयी सलाह पर फैसले के फायदे और जोखिम
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2025-11-21 10:30 UTC
यद्यपि भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अगुवाई वाली सर्वोच्च् न्यायालय की पांच जजों की संविधान पीठ के परामर्शी विचार, जो भारत के संविधान की धारा 143 के तहत दिये गए हैं, बाध्यकारी नहीं है, इसके दूरगामी असर होने की संभावना है, जो कार्यपालिका, न्यायपालिका, राज्यपाल, और देश के राष्ट्रपति के भावी कार्यों के अलावा, राज्यों और केंद्र में सत्तारूढ़ राजनीतिक पार्टियों के कामों पर भी असर डालेगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के विचार एक आधिकारिक संवैधानिक विचार के तौर पर काफी अहमियत रखती है।