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भाजपा को जबरन चंदा का मोदी सरकार के सभी घोटालों की जननी होना संभव

देखा जा सकता है चुनावी बांड फैसले में सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट संकेत
के रवीन्द्रन - 2024-02-26 10:34 UTC
कांग्रेस पार्टी का यह आरोप कि कैसे मोदी सरकार ने चंदा लेने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया, यह मोदी के शासन के सबसे बड़े घोटाले को रूप में उभरने की संभावना है, शायद संप्रग सरकार से 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के आयामों की तरह।

कांग्रेस-सपा गठबंधन ने जगायी उत्तर प्रदेश में विपक्ष की उम्मीद

दोनों पक्षों पर भारी मुस्लिम दबाव के कारण जल्दी हुआ समझौता
प्रदीप कपूर - 2024-02-24 11:45 UTC
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्साहित हैं क्योंकि पहली बार जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को यह विश्वास हो रहा है कि सीटों के बंटवारे पर सहमति बनने के बाद राज्य में भाजपा को हराया जा सकता है। दूसरी ओर, भाजपा के राज्य नेता घबड़ाये हुए हैं, हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जनता को विश्वास दिलाया कि उन्हें राज्य की कुल 80 सीटों में से 65 सीटें मिलेंगी।

केंद्र और किसान संगठन दोनों विवादास्पद मुद्दों पर नए सिरे से विचार करें

एमएसपी की कानूनी गारंटी से प्रभावित होगा कृषि अर्थव्यवस्था का भविष्य
अंजन रॉय - 2024-02-22 10:58 UTC
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना को कानूनी दर्जा देने की मांग को लेकर एक ओर केंद्र सरकार और दूसरी ओर समृद्ध किसानों के बीच जारी गतिरोध भारतीय कृषि नीति और वास्तविकता के विरोधाभासों को दर्शाता है।

रोजगार सृजन पर मोदी सरकार की चुप्पी पर उठते सवाल

केंद्र का बुनियादी ढांचा खर्च बढ़ा-चढ़ाकर बताने का संदेह
नन्तु बनर्जी - 2024-02-21 10:44 UTC
यह समझना मुश्किल है कि सरकार रोजगार सृजन पर चुप क्यों है जबकि वह साल-दर-साल बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड खर्च का लगातार दावा कर रही है। नयी नौकरी चाहने वालों के लिए अवसर लगातार कम हो रहे हैं। पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बेरोज़गारी का लगातार बढ़ना चिंता का कारण बनता जा रहा है। वर्तमान में, देश का वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद विस्तार बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक हो सकता है, लेकिन स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाले बेरोजगारी के आंकड़ों को देखते हुए यह रोजगारहीन आर्थिक विकास की तरह दिखता है, जबकि बुनियादी ढांचे पर होने वाला खर्च सीधे तौर पर रोजगार से जुड़ा होता है।

केंद्र को अब पारदर्शी चुनावी फंडिंग प्रणाली पर काम करना चाहिए

अनुचित था मोदी सरकार का 2017 बांड योजना के बचाव पर अड़े रहना
कल्याणी शंकर - 2024-02-20 11:10 UTC
भारतीय चुनाव एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें लाखों मतदाता और अनेक राजनीतिक दल शामिल होते हैं। ये पार्टियाँ अपने अभियानों के वित्तपोषण के लिए व्यक्तियों और निगमों के योगदान पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं, क्योंकि फंडिंग महत्वपूर्ण है। चुनाव के दौरान बहुत सारा काला धन भी घूमता है।

एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी, जिसे मोदी सरकार देने को तैयार नहीं

प्रदर्शनकारी किसान परेशान, 'मोदी की गारंटी' पर उनका विश्वास नहीं
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-02-17 12:12 UTC
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी हर तरह की "मोदी गारंटी" बांट रहे हैं, लेकिन शायद इसमें ज़रा भी संदेह नहीं था कि किसान आगे आएंगे और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए "कानूनी गारंटी" की मांग करेंगे, और केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। अपने आंदोलन को तार्किक अंत तक ले जाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। 12 फरवरी को दिल्ली चलो आंदोलन शुरू होने के बाद से केंद्र और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की वार्ता पहले ही विफल हो चुकी है। मोदी सरकार "कानूनी गारंटी" नहीं देना चाहती है, जबकि किसानों ने इससे कम पर समझौता करने से इनकार कर दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय को बधाई, चुनावी बांड रद्द करने के आदेश से लोकतंत्र मजबूत हुआ

12 अप्रैल, 2019 को अंतरिम रोक का आदेश देकर प्रारंभिक क्षति से बचना बेहतर होता
नित्य चक्रवर्ती - 2024-02-16 10:42 UTC
नरेंद्र मोदी सरकार की चुनावी बांड योजना को अंततः 'असंवैधानिक' घोषित करने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश डॉ डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ को बधाई, क्योंकि बांड भारत के संविधान की धारा 19(1) के तहत सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। केंद्र सरकार की ओर से बांड जारी करने वाले भारतीय स्टेट बैंक को 12 अप्रैल 2019 को चुनाव आयोग को जारी अंतरिम आदेश के दिन से आगे के बांड जारी करने से रोकने और जारी किये गये बांड और खरीददारों की सूची जमा करने के लिए कहा गया है जिसे चुनाव आयोग को 13 मार्च 2024 तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने का आदेश दिया गया है।

चुनावों के लिए सरकारी वित्तपोषण पर बहस फिर से शुरू करने का समय

सर्वोच्च न्यायालय के लिए परिवर्तन का उत्प्रेरक बनने का ऐतिहासिक क्षण
के रवीन्द्रन - 2024-02-15 11:25 UTC
आपत्तिजनक चुनावी बांड योजना, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने अब असंवैधानिक घोषित कर दिया है, के माध्यम से सत्तारूढ़ दल को बेरोकटोक राजनीतिक फंडिंग के कड़वे परिणामों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि देश में चुनावों के लिए राज्य फंडिंग की अवधारणा पर वापस जाने का समय आ गया है, अगर देश में लोकतंत्र को जीवित रखना है तो, विशेषकर इसलिए क्योंकि चुनावी बांड योजना के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में तोड़फोड़ हो रही है।

चुनावी बांड मामले में अपने फैसले पर अब क्या कर रहा है सर्वोच्च न्यायालय?

तीन महीने तक शीर्ष अदालत की चुप्पी का पूरा फायदा उठा रही है भाजपा
नित्य चक्रवर्ती - 2024-02-14 12:03 UTC
सर्वोच्च न्यायालय तीन महीने से अधिक समय से विवादास्पद चुनावी बांड योजना की वैधता पर अपना निर्णय देने में पूरी तरह से चुप क्यों है? कई तारीखों पर सभी पक्षों को सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 2 नवंबर, 2023 को सुनवाई पूरी की थी तथा निर्णय सुरक्षित रखा था। अब तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है लेकिन रजिस्ट्रार के कार्यालय से कोई संकेत नहीं है कि फैसला जल्द दिया जा रहा है।

तमिल सुपरस्टार विजय की नई पार्टी डीएमके और एआईएडीएमके दोनों के लिए चुनौती

क्या अभिनेता 2026 के विधानसभा चुनावों में अपने प्रशंसकों को वोटों में बदल पायेंगे?
कल्याणी शंकर - 2024-02-13 14:27 UTC
तमिल सुपरस्टार थलपति विजय ने पिछले हफ्ते अपनी राजनीतिक पार्टी, थमिड़गा वेत्री कड़गम (टीवीके) लॉन्च की। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में केवल 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी, 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं। सवाल यह है कि क्या वह सफल होंगे?