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लोकसभा चुनाव से पहले पूर्ण विपक्षी एकता की गुंजाइश नहीं

अपने मजबूत गढ़ों में जी जान से मेहनत कर सकती हैं कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टियां
नित्य चक्रवर्ती - 2023-03-21 11:24 UTC
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई मुलाकात के बारे में मीडिया में खूब चर्चा हो रही है जिसमें दोनों ने कहा कि वे कांग्रेस और भाजपा दोनों के विरोधी राजनीतिक दलों को एक साथ लाने की संभावना तलाशेंगे।दोनों नेताओं ने कांग्रेस को विपक्ष का नेतृत्व देने का विरोध किया।कुछ टिप्पणीकार कह रहे हैं कि दो प्रमुख विपक्षी दलों के इस रूख से विपक्षी एकता के प्रयासों में दरार आयेगी जिससे 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद तीसरी बार भाजपा को सत्ता में आने में आसानी हो जायेगी।

राहुल गांधी परिपक्व हुए पर कई विसंगतियां अभी भी कायम

उनका प्राथमिक काम है कांग्रेस और विपक्षी एकता को खड़ा करना
हरिहर स्वरूप - 2023-03-20 12:09 UTC
भारत में लोकतंत्र एक "वैश्विक सार्वजनिक अच्छाई" है।राहुल गांधी तो बाद के विचार के रूप में जोड़े गये हैं।यह विफल नहीं हो सकता।राजनेताओं, प्रवासी नेताओं, छात्रों और अकादमिकों से खचाखच भरे ब्रिटिश संसद के हॉल में बोलते हुए, उन्होंने सिर्फ यह रेखांकित किया कि भारत की लोकतांत्रिक संरचना खतरे में क्यों है।हिंदू दक्षिणपंथ के संस्थागत कब्जे से लेकर उसके असंतोष को दबाने, अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने, मीडिया की स्वतंत्रता को कम करने तक की सूची लंबी है।उनकी अपील हार्दिक थी, भारत जोड़ो यात्रा संरचनाओं के अनुभव, और असमानता, बेरोजगारी, संस्थागत अखंडता और महिलाओं के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करना उपयुक्त था।वह राजनीतिक नौसिखिए नहीं हैं, बल्कि ठीक उसके विपरीत है। लेकिन इतनी खूबियों के बावजूद राहुल लोगों को अपनी बात मनवाने में नाकाम रहे।

भाजपा राहुल को बना रही विपक्षी खेमे का हीरो

क्या अडानी-मोदी प्रकरण 2024 लोकसभा चुनावों में मुख्य मुद्दा होगा?
सुशील कुट्टी - 2023-03-18 11:14 UTC
नरेंद्र मोदी सरकार कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को तब तक संसद में बोलने नहीं देगी, जब तक कि वह सरकारी फरमान नहीं मान लेते।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को तो भूल ही जाइए, उनके पास सरकार के खिलाफ जाने का कोई मौका नहीं है।फिर जहां तक भाजपा के बाकी लोगों की बात है, जिनमें वे भी शामिल हैं जो संसद सदस्य नहीं हैं, उन्होंने तो न केवल मोदी को प्रधानमंत्री पद पर बनाये रखने की शपथ ली है, बल्कि नोबेल शांति पुरस्कार पर भी उनकी नजर है!

मोदी के विपक्ष-विरोधी हथियार बन गयीं केंद्रीय जांच एजेंसियां

पिंजड़े के तोते से ज्यादा हैसियत उनकी नहीं रह गयी
प्रकाश कारत - 2023-03-17 10:45 UTC
मोदी सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ एक नये हमले की शुरुआत करते हुए, केंद्रीय एजेंसियों - विशेष रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की –गतिविधियों की बाढ़ आ गयी है।

उच्च शिक्षण संस्थाओं के दलित छात्र क्यों कर रहे हैं आत्महत्या?

दलितों और आदिवासियों के साथ सामाजिक भेदभाव अब भी जारी
एल. एस. हरदेनिया - 2023-03-16 11:54 UTC
हमने दलितों और आदिवासियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थाओं, संसद, और विधानसभाओं आदि में भले ही आरक्षण दे दिया हो परंतु समाज में अभी भी उनके साथ बड़े पैमाने पर भेदभाव जारी है। इतना ही नहीं शिक्षण संस्थाओं समेत अनेक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर यह भेदभाव जारी है। यह भेदभाव इतना ज्यादा है कि उससे तंग आकर उच्च षिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले कई दलित छात्र आत्महत्या कर लेते हैं।

ब्याज दर में वृद्धि के कदमों पर पुनर्विचार की आवश्यकता

उल्टा पड़ सकता है मुद्रास्फीति पर नियंत्रण का यह उपकरण
अंजन रॉय - 2023-03-16 11:51 UTC
एक अबाबील के आने से गर्मी नहीं आ जाती, पुरानी कहावत है। लेकिन एक अबाबील का आना भी बेहतर समय की वापसी के लिए कुछ उम्मीदें दे सकता है।

नागालैंड की विपक्ष-मुक्त सरकार लोकतंत्र के ध्वस्त होने का उदाहरण

भारत में राष्ट्रीय स्तर इसकानकल खतरनाक साबित होगा
कल्याणी शंकर - 2023-03-15 11:27 UTC
हाल के विधानसभा परिणामों के बाद, छोटे से राज्य नागालैंड में सभी दलों ने सत्ता में हिस्सेदारी पाने के लिए विपक्ष-मुक्त सरकार का गठन किया।सभी दलों ने बिना शर्त सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन किया, और सभी दल बिना किसी विपक्ष के सरकार में शामिल हुए।

असहाय गरीब प्रवासी मजदूरों को शातिर नेता बना रहे निशाना

तमिलनाडु में उत्तर-भारत विरोधी पूर्वाग्रह ने फिर सिर उठाया
के आर सुधामन - 2023-03-14 17:07 UTC
जब भी बेरोज़गारी पैदा होती है, देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी मज़दूर जैसे संकीर्ण मुद्दे सिर उठाते हैं।चाहे वह 1960 के दशक में दिवंगत बाल ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसैनिकों द्वारा मुंबई में दक्षिण भारतीयों पर किया गया हमला हो या 2000 के दशक में यूपी के भाइयों और बिहारियों पर हमला हो।

भारत में सामान्य नमक के अति सेवन से भारी स्वास्थ्य जोखिम

सरकारी स्तर पर केवल अनिवार्य घोषणा के अलावा अन्य कोई उपाय नहीं
डॉ. ज्ञान पाठक - 2023-03-13 11:21 UTC
सामान्य नमक, जिसे टेबल नमक भी कहा जाता है, रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड, जिसके अत्यधिक सेवन से हृदय रोग, स्ट्रोक और समय से पहले होने वाली मौतों के स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं,के सेवन के खतरनाक स्तर को कम करने की प्रतिबद्धताओं के बावजूदभारत में पहले से ही पैक किये गये खाद्य पदार्थों के पैकेट पर केवल अनिवार्य घोषणा का ही प्रावधान है, लेकिन कोई अन्य अनिवार्य उपाय नहीं है, और इसलिए यह देश अपनी तरह की पहली विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक रिपोर्ट में स्कोर 2 में बना हुआ है।

विपक्ष मुक्त भारत के लिए मोदी कर रहे हैं केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग

गैर-भाजपा दलों के नेताओं पर छापे और पूछताछ में लायी जा रही तेजी
अरुण श्रीवास्तव - 2023-03-11 12:18 UTC
एक प्रसिद्ध संस्कृत कहावत है, "अति सर्वत्र वर्जयेत", अर्थात् अति सब जगह वर्जित है।लेकिन नरेंद्र मोदी के राजनीति तौर-तरीकों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यह उनपर लागू नहीं होता, हालांकि वह सनातन धर्म और हिंदुत्व के सिद्धांतों का पालन करने का दावा करते हैं,अन्यथा उन्होंने विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए राज्य की शक्ति का निर्मम उपयोग नहीं किया होता।