यह समस्त ब्रहामांड ऊर्जा से परिपूर्ण है - जैसे प्रकाश, ताप आदि। यही समस्त संसार के गतिमान होने का कारण है। यदि यह ऊर्जा न रहे तो सब स्थिर हो जायेगा। जीवन भी गतिमान इसलिए है क्योंकि ऊर्जा है।