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कथाकाव्य

वह काव्य जिसमें कोई कथा होती है, कथाकाव्य कहलाता है। संसार भर में प्रचीन काल से ही अनेक रूपों में कथाकाव्य मिलते हैं। यह आकार-प्रकार में प्रबंध काव्य (महाकाव्य और खण्डकाव्य) से छोटा होता है।

विकास क्रम में कथाकाव्य श्रव्य काव्य के रूप में ही प्रचलित हुआ और इन्हें कवि घूम-घूमकर लोगों को सुनाया करते थे।

परन्तु बाद में कथाकाव्य लिखे और पढ़े जाने लगे।

आसपास के पृष्ठ
कथानक, कथावस्तु, कथोद्धात, कथोपकथन, कनक कलश, कनफटा


Page last modified on Monday June 26, 2023 08:36:19 GMT-0000