कथाकाव्य
वह काव्य जिसमें कोई कथा होती है, कथाकाव्य कहलाता है। संसार भर में प्रचीन काल से ही अनेक रूपों में कथाकाव्य मिलते हैं। यह आकार-प्रकार में प्रबंध काव्य (महाकाव्य और खण्डकाव्य) से छोटा होता है।विकास क्रम में कथाकाव्य श्रव्य काव्य के रूप में ही प्रचलित हुआ और इन्हें कवि घूम-घूमकर लोगों को सुनाया करते थे।
परन्तु बाद में कथाकाव्य लिखे और पढ़े जाने लगे।
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