कप्पड़ तट, जिसे स्थानीय रूप से कप्पड़ कडाहु कहते हैं तट पर धंसी हुई एक सुंदर पहाड़ी है। इसका एक भव्य इतिहास है, क्योंकि कप्पड़ तट उस स्थान से बहुत नजदीक है जहां 27 मई 1948 को पुर्तगाली अन्वेषक वास्कोडिगामा आया था और अरब सागर के जरिए उसने यूरोप की दिशा में व्यापार शुरू किया था। इस ऐतिहासिक नजारे को देखें और इस मनमोहक तट की सुंदरता में खो जाएं तथा समुद्र की तरंगों का संगीत सुनें।
(Cached)