कैवल्य
अध्यात्म और योग में आत्मा के वास्तविक स्वरूप से साक्षात्कार को कैवल्य कहा जाता है।कैवल्य शब्द योगशास्त्र से आया जिसका सामान्य अर्थ होता है केवलभाव, अर्थात् सर्वत्र केवल वही है।
अध्यात्म और दर्शन के अन्य शास्त्रों में कैवल्य को ही मोक्ष कहा गया है। ज्ञान के सहारे इस तक पहुंचने तथा ज्ञान से ही इसे प्राप्त करने की बात भी कही गयी है।