कैलास
कैलास हिमालय पर्वत श्रृंखला में एक पर्वत है। कैलास पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान शिव अपनी पत्नी पार्वती के साथ कैलास पर ही निवास करते हैं।हिमाचल प्रदेश में कांगड़ी से उत्तर की ओर स्थित कैलास का मानसरोवर के उत्तर-पश्चिम में काफी ऊंचाई तक विस्तार है। इसके दर्शन की बात तो दूर, स्कन्दपुराण इसके स्मरण मात्र को काशी में विधिवत पूजा अर्चना से भी अधिक महत्व देता है।
जायसी ने इसी कैलास शब्द को स्वर्ग के अर्थ में प्रयुक्त किया है, संभवतः इसलिए कि जहां भगवान शिव रहते हैं वह तो स्वर्ग ही है।
परन्तु नाथपंथी योगियों और अनेक अन्य तांत्रिक साधकों के लिए कैलास उसके सहस्रार या सहस्रदल कमल में स्थित है। परमशिव भी यहीं हैं, और जब शक्ति (कुंडलिनी) ऊर्ध्वगामी होकर परम शिव से जा मिलती है तब योगी को परम सिद्धि या मोक्ष प्राप्त होता है।
ललिता सहस्रनाम के 17वें श्लोक की व्याख्या में भास्कराचार्य ने त्रिपुरासार से एक अंश उद्धृत किया है जिसमें कहा गया है कि कुलतत्व में पारंगत साधक के लिए शिव की प्राप्ति के लिए हिमालयस्थ कैलास पर जाने की आवश्यकता नहीं है, वह तो सहस्रदल कमल में ही स्थित है।