भुजरियां
ब्रज और उसके आसपास के इलाकों में गेहूं की उन बालियों को भुजरियां कहा जाता है जिन्हें हरियाली तीज के अवसर पर छोटी टोकनियों में उगायी जाती हैं। नागपंचमी को भी भुजरियां उगायी जाती हैं। पूजा के पश्चात स्त्रियां जिन गीतों को गाती हुई भुजरियों को नदी, तालाब, या कुएं में विसर्जित करती हैं, उन गीतों को भी भुजरियां कहा जाता है।निकटवर्ती पृष्ठ
भूचरी, भूत, भूदान आन्दोलन, भैरवीचक्र, भोगवाद