यहां सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं और सभी पार्टियों और उनके नेताओं को यह पता है कि दिल्ली की सत्ता पर कब्जा का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। यही कारण है कि सभी बड़ी पार्टियां और उनके प्रधानमंत्री उम्मीदवार देश की सबसे बड़ी आबादी वाले इस प्रदेश पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

ये नेता बड़ी बड़ी रैलियों का आयोजन कर रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सबको पीछे छोड़ दिया है। वे अलीगढ़ और रामपुर में दो रैलियों को पहले ही संबोधित कर चुके हैं। इस तरह की अन्य रैलियों को वे भविष्य में भी संबोधित करने वाले हैं।

अपनी दोनों सभाओं में राहुल गांधी ने अपना मुख्य निशाना समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को बनाया। उन्होेंने आरोप लगाया कि ये दोनों पार्टियां प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे भंड़का रही हैं। श्री गांधी ने बसपा की भी खबर ली और उसकी नेता मायावती पर आरोप लगाया कि वे राजनीति में दलितों को आगे बढ़ने से रोक रही हैं।

दूसरी तरफ मायावती ने भी राहुल गांधी पर जवाबी हमला किया और कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी पार्टी रही है।

अपनी सभाओं में राहुल गांधी केन्द्र सरकार की योजनाओं का हवाला देने से नहीं भूल रहे हैं। वे कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराने के अपनी सरकार के फैसले की चर्चा करना नहीं भूलते। इसके साथ ही वे उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वह इस फैसले का लागू नहीं कर रही है, जबकि देश के अन्य राज्यों में लागू किया जा रहा है।

कांग्रेस के नेता उत्तर प्रदेश के लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि प्रदेश का विकास कांग्रेस ही कर सकती है। वे कहते हैं कि कांग्रेस जाति और मजहब की राजनीति नहीं करेगी।

भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रदेश में रैलियां आयोजित करने की लिए कमर कस ली है। उसके प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश में 9 रैलियों का संबोधित करने वाले हैं। तीन महने में ये सभी 9 रैलियां आयोजित की जानी हैं।

मोदी अपनी पहली रैली कानपुर में संबोधित करेंगे। वह रैली 19 अक्टूबर को होगी। उनकी लखनऊ रैली 25 दिसंबर को होनी है। 25 दिसंबर को अटलबिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि है, इसलिए उस रैली का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। गौरतलब है कि अटलजी ने संसद में अनेक बार लखनऊ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है।

समाजवादी पार्टी ने भी घोषणा की है कि उनकी पार्टी आगामी कुछ महीनों में 18 बडी रैलियां आयोजित करेगी, जिन्हें सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उनके मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव संबोधित करेंगे।

समाजवादी पार्टी की पहली रैली 29 अक्टूबर को आजमगढ़ में होगी। उस रैली के बाद प्रदेश के सभी 18 मंडलो‘ में उसी तरह की रैलियां आयोजित की जाएंगी। अखिलेश यादव प्रदेश समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के दूसरे चरण में प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र मे रैलियों का आयोजन होगा।

चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बूथ स्तरीय समितियों के गठन पर जोर दिया और कहा कि सभी लोकसभा क्षेत्रों मंे पार्टी की बैठकों का सिलसिला चलता रहना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी 26 अक्टूबर से दो सामाजिक न्याय यात्राओं की शुरुआत करेगी।

कार्यक्रम के अनुसार ये दोनों यात्राएं पूरे प्रदेश को कवर करेंगी और यात्रा का अंत लखनऊ में 18 दिसंबर को होगा। उस दिन एक बड़ी सभा वहां आयोजित की जाएगी। मुलायम सिंह यादव ही यात्रा को झंडा दिखाएंगे और यात्रा समाप्त होने के दिन आयोजित रैली को संबोधित करेंगे।

बसपा ने अभी तक अपने कार्यक्रमों की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी नेता उन कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने में व्यस्त हो गए हैं। मायावती पार्टी का एकमात्र स्टार प्रचारक हैं। सभी बड़ी रैलियों को मायावती संबोधित करेंगी। (संवाद)