मुजफ्फरनगर के दंगों के बाद समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार काफी आलोचना का सामना कर रही थी। कार्यकर्ताओं का उत्साह भी कम दिखाई दे रहा था। वैसे महौल में आजमगढ़ की ’’ देश बचाओ, देश बनाओ’’ रैली ने कार्यकत्र्ताओं के मन में नया उत्साह भरने का काम किया है।
इस रैली में कोशिश किसानों और मुसलमानों को एक सूत्र में जोड़ने की थी। इस रैली को ओबीसी रैली के रूप में प्रोजेक्ट करने की जगह मुलायम सिंह यादव ने सर्वसमावेशी राजनीति करने का संदेश दिया। उन्होंने रैली मे ंउसी भाषा मे बात की।
आजमगढ़ पूर्वांचल का हिस्सा है और मुलायम सिंह यादव के लिए काफी मायने रखता है। इस जिले की 10 विधानसभा सीटों मे ंसे 9 पर पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का कब्जा हुआ था। यही कारण है कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अभियान की शुरुआत मुलायम सिंह यादव ने इसी शहर से करने की सोंची। श्री यादव इस जिले पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। इसी जिले पर ही क्यों, पूरे पूर्वाचल इलाके में मुलायम अपनी जीत दुहराना चाहते हैं। यहां की 172 में से 100 विधानसभा सीटों पर पिछले विधानसभा आम चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत 100 सीटों पर हुई थी।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में हिंदू ओबीसी की संख्या 40 फीसदी है, जबकि मुसलमानों का प्रतिशत 12 है। मुलायम सिंह यादव उनके समीकरण का लाभ उठाना चाहते हैं। यही कारण है कि मुलायम सिंह यादव ने घोषणा की कि ओबीसी की 17 जातियों को आरक्षण सूची में डाल चुके हैं। गौरतलब है कि बसपा ने उनका आरक्षण समाप्त कर दिया था। मुलायम सिंह यादव इस क्षेत्र का महत्व समझते हैं।
मुसलमानों का विश्वास फिर से हासिल करने के लिए मुलायम सिंह ने इस रैली में आजम खान को भी बुलाया था। गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद सपा से मुस्लिम समर्थन कम होने का खतरा पैदा हो गया था। उन दंगों के कारण आजम खान अखिलेश यादव और उनकी सरकार से नाराज भी बताए जा रहे थे। अपनी नाराजगी का इजहार वे अलग अलग तरीके से कर रहे थे। उन्हें समाजवादी पार्टी का मुस्लिम चेहरा कहा जाता है।
आजम ने अपने भाषण में कहा कि मुलायम सिंह यादव देश भर में मुसलमानों के सबसे बड़े हितैषी हैं। उन्होंने भाजपा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी बहुत आलोचना की और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी नहीं बख्सा। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद वहां के मुस्लिम युवकों के आईएसआई से बन रहे सबंध से संबंधित बयान के लिए उन्होंने राहुल गांधी का आड़े हाथों लिया।
उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा विधेयक पास करने में हो रही देरी के लिए यूपीए और खासकर कांग्रेस की जबर्दस्त आलोचना की। मोदी और राहुल पर मुलायम और आजम द्वारा हमला किए जाने के पीछे का विचार यही है कि मुसलमानों को बताया जाय कि भाजपा के सत्ता में आने से उनको खतरा है और समाजवादी पार्टी ही उत्तर प्रदेश में भाजपा को परास्त कर सकती है। समाजवादी पार्टी हरगिज नहीं चाहेगी कि मुस्लिम मतों का उत्तर प्रदेश में बंटवारा हो।
आजमगढ़ रैली में उमड़ी बड़ी भीड़ से उत्साहित होकर पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने घोषणा की कि पार्टी इसी तरह की रैली का आयोजन बरैली, झांसी और इलाहाबाद में नवंबर महीने मे ंकरेगी।
मुलायम सिह यादव ने अपने भाषण में तीसरे मोर्चे की बार बार चर्चा की। वे तीसरे मोर्चे के गठन की बात पहले से ही लगातार करते रहे हैं। उम्मीद की जा रही है अगली सभाओं में वामपंथी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया जा सकता है। (संवाद)
समाजवादी पार्टी की आजमगढ़ रैली
नवंबर में भी होंगी बड़ी सभाएं
प्रदीप कपूर - 2013-10-31 12:25
लखनऊः समाजवादी पार्टी की आजमगढ़ रैली सफल रही। उसकी सफलता ने पार्टी के नेताओ और कार्यकर्ताओं के मनोबल को काफी बढ़ाया है और मुलायम सिंह यादव भी प्रधानमंत्री पद के लिए अपने आपको एक मजबूत प्रत्याशी के रूप में पेश करने मे सफल हुए हैं।