उन्होंने घोषणा की है कि इस उद्देश्य के लिए वह पूरे एक महीने तक प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहेंगी और अपनी पार्टी के नेताओं से बातचीत करेंगी। इस बीच वह न केवल उत्तर प्रदेश के अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दल समाजवादी पार्टी के खिलाफ बल्कि कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ भी अपनी रणनीति तैयार करेंगी।
पहले दौर में मायावती ने अपनी पार्टी के समन्वयक, मंडल प्रभारी और जिलों अध्यक्षों की बैठक बुलाई है।
तैयारियों का जायजा लेने के साथ साथ मायावती अपनी पार्टी के पदाधिकारियों मे उत्साह भरने का काम भी करेंगी।
मायावती प्रत्येक जिला की तैयारियों की समीक्षा करेंगी और इसके लिए प्रतिदिन जिला के अध्यक्षों व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मायावती ने लगभग सभी विधानसभाओं के लिए उम्मीदवार अभी से घोषित कर दिए हैं, लेकिन चुनाव अभियान की शुरुआत सही समय पर शुरू किया जाएगा।
इस बीच मायावती समन्वयकों और मंडल प्रभारियों से बातचीत कर उम्मीदवारों की जीत के बारे में भी जानकारी लेंगी। यदि उन्हें लगेगा कि कोई उम्मीदवार कमजोर पड़ रहा है, तो वह उसे बदल भी देंगी।
इस बार मायावती का ध्यान संगठन के पुनर्गठन पर है और वह पार्टी में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा लाना चाहती हैं। उन्हें पता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा रहेगी। मायावती की कोशिश है कि आगामी 30 जून तक पार्टी का संगठन ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
रणनीति के तहत मायावती ने कार्यकत्र्ताओं के प्रशिक्षण के लिए कैंप आयोजित करने का फैसला किया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ये कैंप लगाए जाएंगे।
पार्टी कार्यकत्र्ताओं को दलित उत्पीड़न, बिगड़ती कानून व्यवस्था, जमीन का हड़पना और भूमि अधिग्रहण कानून के मसले को उठाने के लिए कहा जाएगा और इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
मायावती ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकत्र्ताओं को कहा है कि वे अखिलेश सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे झूठे प्रचार का भंडाफोड़ करें और लोगों को बताएं कि बसपा के पांच साल के राज में उनके लिए क्या क्या किया गया था।
मायावती अखिलेश सरकार के मंत्रियों के गैरजिम्मेदाराना व्यवहारों एवं बयानों को भी लोगों के बीच मुद्दा बनाने जा रही है। पत्रकारों की हत्या और सरकारी अधिकारियों की मंत्रियों द्वारा की जा रही पिटाई के मसले को भी उठाया जाएगा।
बसपा के नेता कहते हैं कि मायावती ने अपराध के आरोप का सामना करने वाले अपनी पार्टी के सांसदों को अपनी ही घर से गिरफ्तार करवाया था। यह उस समय की बात है जब मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं।
मायावती ने पार्टी के नेताओं को कहा है कि वे गांव गांव जाकर अखिलेश और मोदी सरकार के गलत कामों को उजागर करें।
उन्होंने अपने कार्यकत्र्ताओं को कहा है कि गांव गांव जाकर वह लोगों को बताएं कि अखिलेश यादव और नरेन्द्र मोदी प्रदेश और देश में रहकर यहां की समस्याओं को सुलझाने से ज्यादा दिलचस्पी विदेश की यात्राओं में रखते हैं।
देखने वाली बात यह भी है कि मायावती कांग्रेस की आलोचना नहीं कर रही हैं। इससे लगता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से किसी न किसी तरह के तालमेल की आशा रखती हैं। (संवाद)
भारत
बसपा का मिशन उत्तर प्रदेश 2017
कार्यकर्ताओं मे जोश भरने के लिए मायावती उत्तर प्रदेश में
प्रदीप कपूर - 2015-06-17 13:10
लखनऊः मिशन उत्तर प्रदेश 2017 को सफल बनाने के लिए बसपा सुप्रीमो पूरे जी जान से जुट गई हैं।