वर्ष 2019 में केन्द्र में भाजपा की वापसी के मामलें में इन तीन राज्यों में भाजपा के ववयूद को बनाये रखना बहुत जरूरी है। इस परिप्रेक्ष्य में लाभार्थी जनसंवाद कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राज्य में संचालित जनकल्याणी योजनाएं उज्जवला, मुद्रा, आवास, कौशल रोजगार, बाल स्वास्थ्य, मुख्यमंत्री राज श्री, भामाशाह स्वास्थ्य , जलस्वालम्बन, पालनहार, श्रमिक कल्याण कार्ड ,वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा, छात्रा स्कूटी वितरण आदि से जुड़े प्रदेशभर से पहुंचे लाभार्थियों को रिफलेक्टर के माघ्यम से मुख्यमंत्री ने संवाद स्थापित कराकर राज्य सरकार को आमजन की हितैषी बताने का भरपूर प्रयास किया। राजस्थान की धरा से प्रधानमंत्री लाभार्थी जनसंवाद के माध्यम से नरेन्द्र मोदी की यह सभा पूर्णरूपेण चुनावी परिदृृश्य परिलक्षित करती नजर आई जहां कांग्रेस की नीतियों पर प्रहार एवं अपनी नीतियों को जनोपयोगी बताने का भरपुर प्रयास जारी रहा।

इसी परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री ने राज्यसरकार की करीब 2100 करोड़ रूपये की लागत वाली लाभ से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का शुभारम्भ करते हुए कहा कि राजस्थान की धरा शक्ति व भक्ति से सदैव जुड़ी रही है । राज्य एवं केन्द्र सरकार का एक लक्ष्य रहा कि गरीबों का सर्वागीण विकास हो । कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में गरीबों को केवल सŸाा उपयोग के लिये प्रयोग किया। कांग्रेस कार्यकाल में कभी एक रूपये का केवल 15 पैसे ही गरीबों के पास पहुंचता था जबकि भाजपा शासनकाल में शतप्रतिशत लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है। पूर्व में केवल नेताओं के नाम पत्थर लगाये जाते रहे जबकि भाजपा के शासनकाल में योजनाएं कागज पर नहीं अटकती बल्कि जन - जन तक पहुंचती है। इस परिप्रेक्ष्य में बाड़मेर रिफाइनरी का जिक्र किया जो कांग्रेस कार्यकाल में केवल उदघाटन मात्र तक सिमट कर रह गई ,अब क्रियाशील है।

राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी एवं केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के फसल खरीद मूल्य डेढ़ गुणा किये जाने से समस्त किसानों को लाभ पहुंचेगा । सन्् 2022 तक किसानों की आय दुगना किये जाने की योजना पर सरकार काम कर रही है। राजस्थान में 80 लाख शौचलय बन चुके है एवं साढ़े 3 लाख परिवारो को गैस कनेक्शन दिये जा चुके है। भ्रष्टाचार के चलते आज नेता कुछ जेल में है तो कई जमानत पर है। देश की रक्षा स्वाभिमान में हमारी सरकार की नीति साफ है। हमने सदा ही अपनी सेना का मनोबल बढ़ाया है। वन रैंक वन पेंशन नीति को लागू कर सेना की हर मांग का सरकार ने पूरा ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री बसंुधरा ने भी कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि 70 सालों में कांग्रेस ने केवल आम लोगों को भटकाया है। कांग्रेस कार्यकाल की इन्दिरा आवास योजना से प्रदेश की जनता को कोई लाभ नहीं पहुंचा है। हमारी योजनाएं आमजनता के लिये लाई गई है जबकि कांग्रेस की योजनाएं उनके परिवार वालों के लिये होती थी। हमने जनता की सेवा को धर्म माना है और रात दिन एक कर दूर ढाणी में बैठे हर आम आदमी को लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। साढ़े चार साल के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृृत्व में केन्द्र सरकार की लाभकारी योजनाओं के तहत राज्य सरकार ने जो भी कार्य शुरू किया है उसका लाभ आज आदमी तक पहुंचा है।

वास्तविक धरातल पर प्रदेश में भाजपा सरकार के प्रति उपजे जनाक्रोश को नजरअदांज करते हुए राजस्थान में प्रधानमंत्री लाभार्थी जनसंवाद के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में इस तरह के अपने वकतब्य देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री बसुंधरा राजे ने आगामी चुनावों में आम जनमानस को भाजपा के पक्ष में पूर्व की भाॅति जनमत लाने के लिये प्रेरित किया पर इस तरह के कार्यक्रम आगामी चुनावों में भाजपा को कितना लाभ पहुंचा पायेंगे, कहना मुश्किल है जहां पार्टी के ही वफादार रहे वरिष्ठ भाजपा नेता घनश्याम तिवारी के असंतुष्ट तेवर बगावत के कगाार पर साफ -साफ नजर आ रहे है। भाजपा सरकार के अब तक के शासनकाल में हुये कार्यो से प्रदेश की आम जनता संतुष्ट कहीं से भी नजर नहीं आ रही है। औद्योगिक घरानों का यह प्रदेश उद्योग के मामले में सदा से ही उपेक्षित रहा है।

वर्तमान भाजपा सरकार अपने कार्य काल में बंद पड़े उद्योगों को न तो चालू करा पाई न हीं प्रदेश में एक उद्योग लगा पाई । कांग्रेस कार्यकाल के अंतिम दौर में लाई गई बाड़मेर रिफाइनरी योजना को अपने शासनकाल के अंतिम दौर में नये सिरे से चालू करने का अवश्य प्रयास कर रही है। भाजपा शासन कार्यकाल में शुरू की गई लाभकारी योजनाओं का प्रदेश की आमजनता को कितना वास्तविक लाभ पहुंच पाया है, आगामी चुनावों के परिणाम ही बता पायेंगे। प्रदेश की पूर्व कांग्रेस सरकार के अंतिम दौर में शुरू की गई पेंशन, निशुल्क दवाई वितरण एवं स्वास्थ्य जांच, महिला आरक्षण जैसे अनेक जनहितकारी योजनाएं चुनाव में कांग्रेस को जनमत नहीं दिला सकी जबकि कांग्रेस अपने कार्यकाल में हर वर्ष खाली पदों को भरने हेतु हर विभाग में नई भर्तियों का क्रम जारी रखे हुई थी। फिर भी आम चुनाव में उसे जनमत नहीं मिल पाया फिर वर्तमान सरकार के अंतिम दौर की योजनाएं कितना लाभप्रद हो पायेगी। (संवाद)