पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी ने औपचारिक तौर पर पार्टी के चुनाव प्रचार का अभियान प्रारंभ कर दिया है। इसके तहत 18 और 19 मई को वाराणसी में पार्टी का दो दिवसीय अधिवेशन हुआ और उसकी समाप्ति पर राहुल और सोनिया ने कांग्रेस रैली को संबोधित किया।

पार्टी की रणनीति का खुलासा करते हुए राहुल गांधी ने अधिवेशन में कहा कि उन्होंने भट्टा पारसौल में अपनी लड़ाई शुरू कर दी है और उस लड़ाई को वे गांवों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त समय है और वे इस बीच सभी जिलों का दौरा करेंगे और भट्टा पारसौल जैसा आंदोलन करेंगे। उनका यह अभियान उस समय तक जारी रहेगा, जबतक मायावती सरकार राज्य की सत्ता में बनी रहती है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति के 83वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कांग्रेस जनों का आहवान करते हुए कहा कि मायावती सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए वे लंबी लड़ाई क लिए तैयार रहें।

अधिवेशन में कुछ वक्ताओं ने वोट बैंक के कमजोर होने की बात कही थी। उस पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे वोट बैक की राजनीति में विश्वास नहीं करते और उनका वोट बैक राज्य की गरीब जनता है, जिसकी स्थिति बेहतर करने के लिए वे राज्य भर के कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे।

उन्होने कहा कि राज्य मंे राजनैतिक मुद्दों की कोई कमी नहीं है। उन्होेने कहा कि बुंदेलखंड, श्रावस्ती, नोएडा, और उनके जैसे कई मुद्दे हैं। लेकिन उनके लिए असली मुद्दा गरीबों के लिए लड़ाई का मुद्दा है।

राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को कहा कि वे राजनैतिक विरोधियों की आलोचना करने में अपना समय और अपनी ऊर्जा नहीं बर्बाद करें, बल्कि उनका उपयोग वे आम आदमी की समस्याओं को हल करने में करें।

उन्होंने कहा कि 22 सालों के पिछले गैर कांग्रेसी शासन में विकास का अभाव और मायावती सरकार का भ्रष्टाचार आने वाले दिनों में उनके राजनैतियों विरोधियों के खिलाफ मुख्य मुद्दे हो सकते हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा, सर्वशिक्षा अभियान, मिड डे मील, एनआरएचएम जैसी योजनाओं में मायावती सरकार द्वारा किए जा रहे घपलों के बारे में जनता को अवगत कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बंुदेलखंड के लिए विशेष पैकेज दिया है, लेकिन उसका इस्तेमाल राज्य सरकार द्वारा सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने किसी चुनाव पूर्व गठबंधन की संभावना को नकारते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले समाजवादी कांग्रेस पार्टी को 10 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं थीं। राजनैतिक विश्लेषक भी कांग्रेस को 4 या 5 सीटें ही दे रहे थे। लेकिन हमने उस चुनाव को अपने दम पर लड़ा और 20 से ज्यादा सीटें हासिल की।

सोनिया गांधी ने भी राहुल गांधी की रणनीति का समर्थन किया और मायावती सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार क ेमसले पर जोरदार हमले किए।

उन्होंने कहा कि एक बड़ी साजिश के तहत किसानों के ऊपर अत्याचार किए जा रहे हैं। गौतम बुद्धनगर में किसानांे के ऊपर फायरिंग की गई, जबकि वे अपने हकों की मांग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके किसानों को लूटा जा रहा है।

सोनिया गांधी ने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस ही बेहतर सरकार दे सकती है और राज्य में कृषि, उद्योग, सिंचाई, बिजली उत्पादन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो भी काम हुए वे 22 साल पहले के कांग्रेसी शासन के दौरान हुए थे।

उसी तरह समाजवादी पार्टी भी मायावती सरकार के खिलाफ राज्य भर में अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। उसके तहत वह गली और नुकड़ों की सभाओं का आयोजन करने वाली है ताकि मायावती की बसपा के खिलाफ वह जमीनी लड़ाई लड़ सके।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अपनी पार्टी के कार्यकर्त्ताओं को कहा है कि वे लोगों को मायावती सरकार की सभी मोर्चों पर हो रही विफलता से अवगत कराएं और मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करें।

लखनऊ में 30 मई को पार्टी कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी का लक्ष्य विधानसभा में खुद का बहुमत हासिल करना है और अपने दम पर ही अपनी सरकार बनाना है।

समय से बहुत पहले टिकट वितरण की चर्चा करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि उम्मीदवार अभी से ही लोगों के सुख और दुख में शामिल हों। उन्होंने उम्मीदवारों को कहा कि वे घर पर मत बैठें, बल्कि वे लोगांे के बीच जाएं और कड़ी मेहनत करें।

समाजवादी पार्टी आगरा में 7 और 8 जून को राष्ट्रीय कान्फ्रंेस कर रही है, जिसमें मायावती सरकार को सत्ता से हटाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।

राजनैतिक विश्लषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी ने टिकट वितरण के मामले मंे अपने प्रतिद्वंद्वी दलों के ऊपर बढ़त बनाकर अपने अभियान को ज्यादा कारगर बना दिया है और उसका फायदा उसे जरूर मिलेगा। (संवाद)