हालांकि कार्यसमिति के उस निर्णय में अपने आप कोई संदेश नहीं छिपा हुआ है, लेकिन बैठक के दौरान कार्यसमिति के सदस्यों का जो मूड था उससे इस बात की सभावना बन गई है कि श्री चेनिंथला जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ दें।
कार्यसमिति की बैठक में अनेक सदस्यों ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए श्री चेनिंथाला की जमकर आलोचना की। इसके लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया गया। कहा गया कि उम्मीदवारों के चयन में भारी गड़बड़ियां की गईं। गलत उम्मीदवारों को टिकट दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष ने जमकर गुटबाजी की। खुद उन्हें विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ना चाहिए था, पर वे लड़ गए। इसके कारण कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं में अनेक प्रकार की गलतफहमियां पैदा हो गईं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी एम सुधीरन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर गुटबाजी का आरोप बहुत ही ख्ुाले लहजे में लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत और भी खराब हो जाती, यदि रक्षा मंत्री ए के एंटोनी ने कांग्रेस का जमकर प्रचार नहीं किया होता। कांग्रेस की जो थोड़ी बहुत इज्जत बची, उसका श्रेय श्री सुधीरन ने श्री एंटोनी को दिया।
वी डी सतीशन ने भी श्री चेनिंथाला की जमकर आलोचना की। वे भारी मतों से चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। मंत्री पद के वे प्रबल दावेदार था, पर मंत्रि पदों के चांडी और चेनिंथाला गुटों के बीच हुई बंदरबाट के कारण मंत्री का पद नहीं पा सके। उन्होंने गलत उम्मीदवारां के चयन के लिए श्री चेनिंथाला की आलाचना की और कहा कि उनके कारण ही कांग्रेस का प्रदर्शन खराब हुआ।
अब कांग्रेस हल्कों में यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या रमेश चेनिंथाला कांग्रेस का पद खुद छोड़ देंगे अथवा कांग्रेस नेतृत्व के इशारे तक बने रहेंगे? वैसे कांग्रेस के नेताओं के द्वारा हो रही तीखी आलाचनाओं के कारण उनका अपने पद पर बने रहना अब शोभा नहीं दे रहा है।
हालांकि सच यह भी है कि श्री चेनिंथाला के समर्थक उनके अपने पद पर बने रहने के लिए जबर्दस्त दबाव बना रहे हैं।
बहुत कुछ इस पर निर्भर करता है कि रक्षा मंत्री ए के एंटानी का क्या करते हैं। हालांकि माना जा रहा है कि वे अध्यक्ष पद पर रमेश के बने रहने के पक्ष में नहीं हैं। यदि उन्होंने कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बनाया और उनकी मांग मान ली गई, तो फिर चेनिंथाला का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटना तय है। यदि चेनिंथाला अध्यक्ष पद से हटते हैं, तो सुधीरन के अध्यक्ष बनने की सभावना सबसे प्रबल है।
(संवाद)
क्या चेनिंथाला हटेंगे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से?
अगले महीने तक इसका फैसला हो जाएगा
पी श्रीकुमारन - 2011-06-16 05:17
लिरुअनंदतपुरमः क्या केरल प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बदलने वाला है? यह सवाल आज प्रदेश के सभी कांग्रेसियों को मथे जा रहा है। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति की कार्यकारिणी ने अभी कुछ दिन पहले ही एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत लागू ेरने का फैसला किया। उस फैसले के बाद रमेश चेनिंथला के प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बने रहने पर सवाल खड़ा हो गया है।